Cholesterol Control - कोलेस्ट्रॉल कम करने के चार सुपरफूड्स, तीन हर्बल टीज़ और अक्सर होने वाली चार खतरनाक गलतियां - आज बहुत से लोगों के मन में एक ही कन्फ्यूजन है कि आखिर एक्सरसाइज करनी चाहिए या नहीं।
क्योंकि एक तरफ ऐसे लोग हैं जो बिल्कुल भी एक्सरसाइज नहीं करते और उन्हें भी हार्ट अटैक हो रहा है। दूसरी तरफ ऐसे लोग भी हैं जो रोज एक्सरसाइज करते हैं, जिम जाते हैं, रनिंग करते हैं और फिर भी उन्हें हार्ट अटैक का सामना करना पड़ रहा है।
तो फिर सवाल उठता है कि आखिर सुरक्षित कौन है?
इन्हीं सारी उलझनों को ध्यान में रखते हुए आज के इस वीडियो में हम तीन अहम बातों पर चर्चा करेंगे।
पहली, चार ऐसे बेहतरीन फूड जिनका सेवन आपको आज से ही शुरू कर देना चाहिए।
दूसरी, तीन ऐसी हर्बल टी जो कोलेस्ट्रॉल कम करने में काफी मददगार साबित होती हैं।
और तीसरी, चार ऐसी बड़ी गलतियां जो कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने और नसों में ब्लॉकेज बनने की सबसे बड़ी वजह बनती हैं।
सबसे पहले बात करते हैं उन चार चीजों की जो कोलेस्ट्रॉल कम करने में अहम भूमिका निभाती हैं।
1. चुकंदर – सस्ता लेकिन स्वास्थ्य के लिए अमूल्य
चुकंदर कीमत में भले ही मामूली हो, लेकिन सेहत के लिहाज से इसका महत्व बहुत बड़ा है। चुकंदर जमीन के अंदर उगता है, इसलिए इसे रूट वेजिटेबल कहा जाता है। इसमें नाइट्रेट नामक पोषक तत्व पाया जाता है।
जब यह नाइट्रेट शरीर में जाता है, तो यह नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल जाता है। नाइट्रिक ऑक्साइड नसों पर दबाव कम करके ब्लड फ्लो को बेहतर बनाता है। इसे ऐसे समझें: जब टायर में जरूरत से ज्यादा हवा भर दी जाए, तो वह फट सकता है। थोड़ी हवा निकालने पर टायर रिलैक्स हो जाता है। इसी तरह नाइट्रिक ऑक्साइड नसों को रिलैक्स करता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है।
चुकंदर में पोटैशियम भी अच्छी मात्रा में होता है, जो नसों को डैमेज होने से बचाता है। यही कारण है कि जिम करने वाले लोग वर्कआउट से पहले चुकंदर का जूस पीते हैं।
उपयोग:
सब्जी, सलाद या जूस के रूप में।
रोटी में मिला कर भी खाया जा सकता है। इससे न सिर्फ चुकंदर के फायदे मिलते हैं, बल्कि रोटी का ग्लाइसेमिक लोड भी कम हो जाता है, जो डायबिटीज, हाई बीपी और दिल की बीमारियों से बचाने में मदद करता है।
2. आंवला – छोटा आकार, बड़ी ताकत
आंवला आकार में छोटा होता है, लेकिन इसके पोषक तत्व इसे बेहद खास बनाते हैं। आम तौर पर लोग जानते हैं कि संतरे में विटामिन C होता है, लेकिन आंवले में यह संतरे से 8–10 गुना ज्यादा होता है।
विटामिन C एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। यह शरीर के अंदर एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। जैसे लोहे पर पेंट जंग से बचाता है, वैसे ही विटामिन C दिल की नसों को अंदर से सुरक्षित रखता है।
उपयोग:
सबसे अच्छा तरीका है आंवले का कच्चा जूस।
एक या आधा आंवला, एक गिलास पानी में ब्लेंड करके छान लें।
सुबह खाली पेट पीना सबसे सही होता है।
Other Options:
अगर आंवला उपलब्ध न हो तो संतरा, आम या अमरूद का इस्तेमाल करें।
अमरूद में भी विटामिन C संतरे से अधिक होता है।
कम से कम नींबू को हल्के गर्म पानी में सुबह खाली पेट लें।
3. हरी पत्तेदार सब्जियां – नसों की मजबूती
हरी पत्तेदार सब्जियों को इंग्लिश में लीफी ग्रीन वेजिटेबल्स कहा जाता है। उदाहरण: पालक, सरसों के पत्ते, मेथी, बथुआ, मोरिंगा।
इनमें ल्यूटिन और बीटा कैरोटीन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो नसों की दीवार को मजबूत बनाते हैं। साथ ही इनमें भरपूर फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भी होता है।
फाइबर शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालता है।
नसों में ब्लॉकेज बनने का खतरा कम होता है।
उपयोग:
दाल, आलू या किसी दूसरी सब्जी के साथ पकाकर खाएं।
आटे में मिलाकर रोटी बनाकर भी खा सकते हैं, ठीक वैसे ही जैसे चुकंदर में किया जाता है।
4. ओट्स (जई) – पुराना अनाज, आधुनिक जरूरत
ओट्स, जिसे हिंदी में जई कहा जाता है, पुराने समय का पोषक अनाज है। बाजरा, रागी और ओट्स जैसे अनाजों में फाइबर अधिक होता है।
यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।
ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है।
आजकल लोग इन अच्छे अनाजों की जगह सफेद चावल पर निर्भर हो गए हैं, जो पोषण की दृष्टि से सबसे कमजोर है।
उपयोग:
ओट्स को हेल्दी तरीके से पकाने की कई रेसिपी YouTube पर मिल जाएंगी।
अगर सफेद चावल ही खाना है, तो चावल कम और सब्जियों की मात्रा ज्यादा रखें।
सब्जियों का फाइबर चावल से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट को संतुलित करता है और नुकसान कम करता है।
हर्बल टीज़ – कोलेस्ट्रॉल कम करने और नसों को खोलने के लिए
अब बात करते हैं उन तीन हर्बल टीज़ की, जो शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और नसों में ब्लॉकेज बनने से बचाने में मदद करती हैं। इन तीनों में से कम से कम किसी एक का रोजाना सेवन आपको जरूर करना चाहिए।
1. ग्रीन टी – प्राकृतिक ताकत और नसों की सुरक्षा
पहली हर्बल चाय है ग्रीन टी, जिसे अक्सर स्वास्थ्य विशेषज्ञ हृदय और कोलेस्ट्रॉल के लिए सुझाते हैं। यह दिखने में साधारण चाय पत्ती जैसी होती है, लेकिन इसके फायदे काफी अलग और शक्तिशाली हैं। स्वाद में यह हल्की और प्राकृतिक रूप से थोड़ी मीठी होती है।
ग्रीन टी में भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो आपके शरीर को ताजगी का अनुभव कराते हैं और दिमाग को शांत रखते हैं। इससे नींद की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। इसके अलावा यह नसों को रिलैक्स करने में मदद करती है और ब्लड फ्लो को बढ़ाकर हृदय स्वास्थ्य को सपोर्ट करती है।
ग्रीन टी का रोजाना सेवन खराब कोलेस्ट्रॉल कम करने और शरीर को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है। इसे आप अपने नजदीकी स्टोर से खरीद सकते हैं या ऑनलाइन भी उपलब्ध विकल्पों में क्वालिटी सुनिश्चित करके ले सकते हैं।
बनाने का तरीका:
एक छोटा चम्मच ग्रीन टी और कुछ अदरक के टुकड़े दो कप पानी में डालकर उबालें।
फिर इसे छानकर पीते समय थोड़ा नींबू और अगर चाहें तो असली शहद मिला सकते हैं।
इसे सबसे अच्छा समय है रात को सोने से पहले। इससे दिमाग रिलैक्स होता है और नींद अच्छी आती है।
एक खास बात यह है कि ग्रीन टी में कैफीन कम या लगभग शून्य मात्रा में होती है, इसलिए इसकी आदत नहीं लगती, जबकि कॉफी और सामान्य चाय में कैफीन अधिक होने के कारण आदत लग सकती है।
2. हल्दी टी – नसों को मजबूती और एंटीऑक्सीडेंट सपोर्ट
दूसरी हर्बल चाय है हल्दी टी, जो नसों की मजबूती और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में बहुत मददगार है। इसे बनाने के लिए तीन चीजें चाहिए:
हल्दी
काली मिर्च
थोड़ा सा घी
हल्दी में मौजूद कर्क्यूमिन एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो नसों को मजबूत बनाता है। काली मिर्च और घी के साथ इसे मिलाने से कर्क्यूमिन का अवशोषण और भी बेहतर हो जाता है।
बनाने का तरीका:
एक गिलास हल्के गर्म पानी में आधा चम्मच हल्दी, आधा चम्मच घी और एक चुटकी काली मिर्च डालकर अच्छी तरह मिक्स करें।
इसे खाने के बाद या शाम के समय पी सकते हैं।
जरूरत पड़ने पर इसे सुबह खाली पेट भी लिया जा सकता है, लेकिन समय का चयन आपके शरीर की प्रतिक्रिया देखकर तय करना चाहिए।
3. लहसुन पानी – कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण का सरल तरीका
तीसरी हर्बल रेमेडी है लहसुन पानी, जिसे बनाने के लिए केवल दो चीजें चाहिए:
लहसुन
पानी
लहसुन में मौजूद एलेसीन नामक एंटीऑक्सीडेंट खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।
बनाने का तरीका:
1–2 लहसुन की कली को छोटे टुकड़ों में काट लें।
इसे एक गिलास हल्के गर्म पानी में 10 मिनट के लिए भिगोकर रख दें।
फिर सुबह खाली पेट पी लें।
इस सरल उपाय से नसों में ब्लॉकेज बनने का खतरा कम होता है और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में मदद मिलती है।
चार बड़ी गलतियाँ जो कोलेस्ट्रॉल और दिल के स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं
अब हम बात करेंगे उन चार आम गलतियों की, जिन्हें अगर सुधारा नहीं गया तो सारी कोशिशें बेकार हो जाती हैं। लोग अक्सर इतना अनजान होते हैं कि उन्हें यह भी पता नहीं होता कि कौन-सा खाना नसों में ब्लॉकेज बढ़ाता है और कौन-सा नहीं।
1. रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स का अधिक सेवन
पहली गलती शुरू करते हैं एक सवाल के साथ: अगर आपके पास एक ब्रेड का टुकड़ा और एक अंडा हो, तो आप किससे ज्यादा सावधान होंगे? ज्यादातर लोग जवाब देते हैं – अंडा। ऐसा इसलिए क्योंकि अंडे की जर्दी में फैट अधिक होता है, जो सैचुरेटेड फैट कहलाता है।
लेकिन सचाई यह है कि ब्रेड और अन्य रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट फूड्स नसों के लिए अधिक खतरनाक होते हैं।
रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स क्या हैं?
ये वे फूड होते हैं, जिनमें फाइबर को हटा दिया जाता है।
उदाहरण: चीनी, मैदा, सफेद चावल और माल्टोडेक्सट्रिन।
ये तेजी से ब्लड शुगर बढ़ाते हैं, शरीर में अतिरिक्त एनर्जी को फैट में बदलते हैं।
यह फैट लिवर में जमा होकर फैटी लिवर और नसों में ब्लॉकेज का कारण बन सकता है।
सुधार:
चीनी और मैदा वाले फूड्स का सेवन कम से कम करें।
सफेद चावल खाएं तो साथ में सब्जियों की मात्रा बढ़ाएं।
सप्लीमेंट खरीदते समय माल्टोडेक्सट्रिन न हो, यह चेक करें।
2. फैट का गलत इस्तेमाल
दूसरी गलती फैट के इस्तेमाल में होती है। फैट तीन प्रकार के होते हैं:
सैचुरेटेड फैट: दूध, घी, नारियल और अंडे में पाया जाता है।
कैलोरी अधिक होने के कारण लिमिट में इस्तेमाल करें।
अंडा एक-दो पीस या दिन में दो चम्मच घी सामान्यतः सुरक्षित हैं।
अनसैचुरेटेड फैट: काजू, बादाम, अखरोट, फ्लेक्ससीड, पंपकिन सीड आदि।
नसों की सूजन कम करता है।
बुरे कोलेस्ट्रॉल को घटाता और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है।
हफ्ते में मुट्ठी भर सेवन दिल के लिए फायदेमंद।
ट्रांस फैट:
रिफाइंड तेल, पैकेट फूड, गलत तरीके से गर्म किया गया तेल।
सबसे हानिकारक फैट।
सरसों का तेल खरीदते समय कोल्ड-प्रेस्ड चुनें और इंग्रेडिएंट्स चेक करें।
सुधार:
तेल कम इस्तेमाल करें।
पैकेट फूड और बार-बार गर्म किए गए तेल से बचें।
3. एक्सरसाइज में गलत टाइमिंग और भारी वर्कआउट
तीसरी गलती एक्सरसाइज करने में होती है।
खाना खाने के तुरंत बाद वॉक या रनिंग करना सही नहीं है।
खाना पचने के 15–20 मिनट बाद हल्की वॉक करना सबसे उपयुक्त है।
सावधानियां भारी वर्कआउट में:
हैवी वेटलिफ्टिंग या रनिंग करने से पहले दिल की नसों में ब्लॉकेज का पता होना चाहिए।
जरूरी टेस्ट: लिपिड प्रोफाइल और जरूरत पड़ने पर ईसीजी।
हल्की जॉगिंग, वाकिंग या घर पर बॉडी-वेट एक्सरसाइज किसी टेस्ट के बिना भी की जा सकती है।
4. मानसिक और शारीरिक आराम का अभाव
चौथी गलती आराम न करना है।
देर रात तक जागना और थके दिमाग से काम करना कॉर्टिजोल नामक हॉर्मोन बढ़ाता है।
यह हॉर्मोन नसों को नुकसान पहुंचा सकता है और ब्लॉकेज का कारण बन सकता है।
सुधार:
दिमाग को समय पर आराम दें।
पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करने की आदत डालें।
अतिरिक्त चेतावनी
अब तक बताई गई सभी गलतियों में सबसे खतरनाक है स्मोकिंग।
हार्ट अटैक से पहले आने वाले लक्षणों को पहचानना जरूरी है।
अगर सवाल है, कमेंट में पूछ सकते हैं।
इस तरीके से आप अपनी जीवनशैली में सुधार कर नसों और दिल को सुरक्षित रख सकते हैं।