Friday, July 3, 2026

पुरुष

किसी स्त्री के प्रेम में बिलखते हुए पुरुष इस संसार के सबसे कोमल हृदय पुरुष होते हैं...


वे, जिन्होंने अपना सर्वस्व, अपनी आयु, अपने स्वप्न, अपनी प्रार्थनाएँ, केवल उसकी एक क्षणिक मुस्कान पर न्योछावर कर दी थीं।_ 


जिसकी हँसी में अपना घर देखा था, जिसकी आँखों के आँसू पोंछने के लिए अपनी हथेलियाँ घिस दी थीं। जिसकी एक 'हाँ' के लिए स्वयं को 'ना' करते गए थे, प्रतिपल।


और अंततः... जब वही पुरुष छले गए, विश्वास के टुकड़े-टुकड़े होकर बिखर गए, तब भी उन्होंने प्रतिशोध की ओर न देखा।


न शाप दिया, न कोसा, न द्वार पर खड़े होकर हिसाब माँगा।


उन्होंने बस अपने काँपते अधरों पर एक थकी हुई मुस्कान सजाई, और अपनी सबसे प्रिय स्त्री को मौन विदा दे दी। 


पीठ फेरते समय आँखें भले ही सजल थीं, पर हृदय में केवल एक ही प्रार्थना गूँज रही थी: "जहाँ भी रहो, खुश रहो... मेरी अनुपस्थिति तुम्हारे जीवन का कोई ऋतु उदास न करे।"


क्योंकि प्रेम यदि सच्चा हो, तो वह अधिकार नहीं माँगता, वह मुक्ति देता है। और सबसे कोमल हृदय वही होता है, जो टूटकर भी किसी और को जोड़ने की दुआ करे...

 

बड़ी भाग्यशाली होती हैं वो स्त्रियाँ जिनसे ऐसे पुरुषों को प्रेम हुआ ! 



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