Friday, June 26, 2026

प्रेम कहता हैं

प्रेम कहता हैं ....

      मैंने आपको एक अविश्वसनीय उपहार दिया है, और मैं चाहता हूं कि आप इसका उपयोग करना सीखें। जीवन या मृत्यु, आशीर्वाद या अभिशाप आपकी जीभ की शक्ति में हैं।  आपकी भाषा के अनुसार।  अपने प्रेम के साथ जीने की आदत डालें। बार बार अपने प्रेमी के समक्ष अपने प्रेम की पुष्टि करने का अभ्यास करें।

 प्रेम कहता हैं कि जब आप ऐसा करते हैं तो आप ईश्वर के आने के लिए दरवाजे खोलते हैं और ईश्वर आपको वो समाधान और अवसरों का आशीर्वाद देते हैं जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। 

प्रेम भरा जीवन तो गुलाब के पौधे जैसा है। जहाँ आनंद गुलाब जैसा है तो विरह काटो जैसा लगता है। प्रेम के पौधे में जहां गुलाब के फूल खिलते हैं, वहां कांटे भी खिलते हैं। लेकिन फूल खिलें तो कांटे भी प्रीतिकर हैं, पीड़ा भी मधुर है। कांटे दुखदायी हो जाते हैं जब फूल नहीं खिलते गुलाब की झाड़ी अधूरी होगी बिना कांटों के, दिन अधूरा होगा बिना रात के। लेकिन रात ही रात रह जाए तो जीवन नरक हो जाएगा। अधिक लोगों के जीवन में यही हुआ है। बस रात ही रात रह गई है और बस कांटे ही कांटे बच गए हैं। कांटों में दुख नहीं है, फूलों के अभाव में दुख है, 

 "कांटे फूलों के साथ खिलें--जी भर कर खिलें- वो फूलों के सौंदर्य को बढ़ाते हैं और जीवन को प्रेम की खुशबु से महका देते है।

                  

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