Sunday, May 31, 2026

दुःख का असली कारण क्या है

 शीर्षक: दुःख का असली कारण क्या है? 


​ओशो कहते हैं कि दुःख तुम्हें इसलिए नहीं मिलता कि परिस्थितियाँ खराब हैं, बल्कि इसलिए मिलता है क्योंकि तुम्हारी इच्छाएँ वैसी नहीं हैं जैसी परिस्थितियाँ हैं।

​अपेक्षा (Expectations): हम दूसरों से सुख की भीख मांगते हैं, और यही हमारे दुःख की शुरुआत है। जब तक आप अपनी खुशी के लिए दूसरों पर निर्भर रहेंगे, तब तक दुःखी रहेंगे।


​अतीत और भविष्य की पकड़: हम या तो बीते हुए कल की यादों में रोते हैं या आने वाले कल की चिंता में तड़पते हैं। जो वर्तमान (Present) में जीना सीख गया, उसके जीवन से दुःख विदा हो जाता है।


​खुद को न जानना: ओशो के शब्दों में—"तुम दुःख में इसलिए हो क्योंकि तुम वह नहीं हो जो तुम हो सकते थे। तुम अपने स्वभाव से दूर चले गए हो।"


​निष्कर्ष: दुःख केवल एक इशारा है कि आप जागें! अपनी आँखें भीतर की तरफ मोड़ें, क्योंकि आनंद बाहर खोजने से नहीं, स्वयं के भीतर ठहरने से मिलता है।

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