Navel Displacement - नाभि खसकना: सच, भ्रम या आयुर्वेदिक लॉजिक?
क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप डॉक्टर के पास गए हों और उनसे कहा हो –
“डॉक्टर साहब, मेरी नाभि खसक गई है”?
और जवाब में डॉक्टर ने बिल्कुल straight बोल दिया हो –
“ऐसा कुछ नहीं होता, नाभि खसकने जैसी कोई बीमारी नहीं है”?
यहीं से confusion शुरू होता है।
क्योंकि दूसरी तरफ YouTube, Instagram, Facebook, हर जगह लोग बोल रहे हैं –
नाभि खसक गई, नाभि बिठवानी पड़ी, मटका लगवाया, लोटा रखा, किसी ने धागा बांधा।
अब सवाल उठता है -
ये सच में कोई problem है या बस एक गलतफहमी?
या फिर… दिक्कत नाभि की नहीं, किसी और चीज़ की है?
इसी topic को हम आयुर्वेद के नजरिए से detail में समझने वाले हैं।
नाभि खसकने पर लोगों को क्या-क्या दिक्कत होती है?
जिन लोगों को लगता है कि उनकी नाभि खसक गई है, वो ज़्यादातर ये complaints बताते हैं:
भूख बिल्कुल नहीं लगती
बहुत ज्यादा गैस बनती है
पेट में खिंचाव, फड़कन या कुछ “हिलता-डुलता” सा लगता है
अपच, ढकार, पेट ठीक से साफ न होना
वजन धीरे-धीरे कम होते जाना
पेट के आसपास लगातार दर्द या भारीपन
कुछ लोग ये भी कहते हैं कि
नाभि कभी नीचे चली जाती है,
कभी ऊपर,
कभी लेफ्ट, कभी राइट।
और ये सब अक्सर कब होता है?
अचानक भारी सामान उठाने के बाद
तेज़ लूज मोशन के बाद
ज़्यादा ट्रैवल करने पर
बहुत ज़्यादा थकावट या कमजोरी के बाद
आयुर्वेद क्या कहता है?
आयुर्वेद के हिसाब से
“नाभि खसकना” कोई अलग बीमारी नहीं है।
ये एक symptom है।
और इसका root cause है — समान वायु का बिगड़ जाना।
अब ये समान वायु क्या है, वहीं से असली समझ शुरू होती है।
आयुर्वेद का बेसिक फंडा: दोष और वायु
आयुर्वेद में हर बीमारी को समझने के लिए हम सबसे पहले जाते हैं:
वात
पित्त
कफ
इनमें से वात को सबसे powerful दोष माना गया है।
और वात खुद पाँच हिस्सों में काम करता है:
प्राण वायु
उदान वायु
व्यान वायु
अपान वायु
समान वायु
नाभि का एरिया खास तौर पर समान वायु का क्षेत्र होता है।
समान वायु का काम क्या है?
समान वायु आपके digestion का पूरा control संभालती है।
इसका काम होता है:
खाना लेना
खाने को पचाना
पचे हुए खाने को अलग-अलग हिस्सों में बांटना
पोषण को पूरे शरीर में भेजना
और waste को नीचे की तरफ निकालने के लिए आगे भेजना
यानि digestion से लेकर nutrition तक — सब कुछ समान वायु पर depend करता है।
जब समान वायु बिगड़ती है, तब क्या होता है?
अब ध्यान दीजिए -
जिन complaints को लोग “नाभि खसकना” कहते हैं,
वही symptoms आयुर्वेद में समान वायु खराब होने के लक्षण बताए गए हैं।
जैसे:
शूल (Pain)
नाभि के आसपास लगातार दर्द
कभी सुई चुभने जैसा
कभी मरोड़ या ऐंठन
कभी खाने के बाद बढ़ता है
कभी खाली पेट ज्यादा दर्द करता है
गुल्म (Gas lump / moving gas)
पेट में गैस का गोला सा घूमता हुआ लगना
कभी ऊपर, कभी नीचे
कभी एक जगह टिकता ही नहीं
Modern science इसे कई बार “psychological” कह देती है,
लेकिन आयुर्वेद इसे वात की गड़बड़ी मानता है।
Digestive disorders
IBS
ग्रहणी
कब्ज
लूज मोशन
ब्लोटिंग
पेट साफ न होना
तो सीधा सा निष्कर्ष क्या निकला?
नाभि खसकना = समान वायु का बिगड़ जाना
अब अगला सवाल obvious है
इसे ठीक कैसे करें?
समान वायु को ठीक करने का आयुर्वेदिक तरीका
आयुर्वेद में सिर्फ दवा नहीं,
दवा का टाइम भी उतना ही important होता है।
समान वायु के लिए दवा लेने का सही समय बताया गया है —
खाने के बीच में।
खाने के बीच में कैसे?
अगर 2 रोटी खाते हैं -
1 रोटी खाई - दवा ली - दूसरी रोटी खाई
अगर चावल खाते हैं -
आधा खाना - दवा - बाकी आधा खाना
इसे आयुर्वेद में कहते हैं समान काल।
अब सवाल: कौन सी दवा या चीज?
ये depend करता है कि
समान वायु के साथ कौन-सा दोष और बिगड़ा है।
जब समान वायु + पित्त बिगड़ा हो
लक्षण:
बहुत ज्यादा पसीना
खाने के समय sweating
शरीर में जलन
पेट में गर्मी
बार-बार प्यास, मुंह सूखना
क्या करें?
देसी A2 गाय का घी
1 चम्मच + चुटकी भर सेंधा नमक
खाने के बीच में
या
नागरमोथा (मुस्ता) पाउडर
1/4 चम्मच + शहद
खाने के बीच में
या
शतावरी पाउडर
1/4 चम्मच + 1 चम्मच घी
जब समान वायु + कफ बिगड़ा हो
लक्षण:
बहुत ठंड लगना
पसीना कम आना
भूख बिल्कुल न लगना
क्या करें?
हरड़ पाउडर 1/2 चम्मच
सोंठ पाउडर 1/4 चम्मच
1–2 चुटकी सेंधा नमक
खाने के बीच में
या
50–100 ml छाछ (अगर सूट करे)
योग और लाइफस्टाइल सपोर्ट
पवनमुक्तासन
भुजंगासन
भारी काम अचानक न करें
ज्यादा देर भूखे न रहें
ओवर-exertion avoid करें
बार-बार नाभि खसकती है? Root treatment क्या है?
अगर बार-बार नाभि “बिठवानी” पड़ रही है,
तो temporary fix से काम नहीं चलेगा।
आयुर्वेदिक पंचकर्म options:
समान वायु + कफ
वमन + बस्ती
समान वायु + पित्त
विरेचन + बस्ती
ये treatments root से समस्या को ठीक करने में मदद करते हैं।
ठीक होने में कितना टाइम लगता है?
Simple cases - 2–3 महीने
IBS / ग्रहणी जैसे cases - 1 से 1.5 साल
Ready-made आयुर्वेदिक दवाइयाँ?
हाँ, मौजूद हैं:
हिंग्वाष्टक चूर्ण
लवण भास्कर
शंख वटी
लहसुनादि वटी
कुमारी आसव
लेकिन कौन सी दवा, कितनी, कब -
ये patient-to-patient बदलता है।
Conclusion
नाभि खसकना कोई अलग बीमारी नहीं,
बल्कि समान वायु के बिगड़ने का संकेत है।
इसके साथ कौन-सा दोष जुड़ा है,
उसी हिसाब से इलाज किया जाता है।
No comments:
Post a Comment