Saturday, February 7, 2026

Blood cancer

 चाहे बात blood cancer की हो, या फिर खून खराब होने से बनने वाली शरीर की गांठों की, महिलाओं में periods के दौरान जरूरत से ज़्यादा bleeding की, या फिर piles, fistula, नाक से खून आना, खून की उल्टी होना...

इन सब बीमारियों में एक लाइन आपने ज़रूर सुनी होगी:

“खून खराब हो गया है।”


आयुर्वेद की दृष्टि से खून क्यों खराब होता है

और उसे साफ, शुद्ध और healthy कैसे रखा जाए।


🩸आयुर्वेद में खून की अहमियत

आयुर्वेद कहता है कि हमारा शरीर जिस चीज़ पर सबसे ज़्यादा टिका है,

जिसके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती,

वो है रक्त धातु (Blood)।


💚 शरीर में कुल 7 धातुएं होती हैं:

रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा और शुक्र।


इनमें से रक्त धातु को जीवन के बराबर माना गया है।

इसलिए आयुर्वेद हमेशा कहता है-

🩸रक्त को बचाओ, संभालो और शुद्ध रखो।


आज के समय में 

☑️skin diseases हों

☑️heart problems हों

☑️varicose veins

☑️autoimmune issues

या☑️ cancer जैसी गंभीर बीमारियां


इन सबके मूल में कहीं न कहीं खून की खराबी जुड़ी होती है।

खून खराब होने के असली कारण


अगर खून के बारे में सबसे authentic knowledge चाहिए,

तो वो मिलती है आचार्य सुश्रुत से—

जिन्हें "Father of Surgery" कहा जाता है।


सुश्रुत संहिता के अनुसार,

खून खराब होने का सबसे बड़ा कारण शरीर नहीं, दिमाग है।


1. Mental Causes – दिमाग सबसे बड़ा culprit

आचार्य सुश्रुत चार मुख्य कारण बताते हैं:


 ✅हर छोटी बात पर गुस्सा,हमेशा irritate रहना,

argument के लिए ready रहना...

ये सब सीधे आपके blood को heat up करता है।


✅शोक (Sadness)

किसी भी बात का लगातार दुख मनाना।

आचार्य चरक तक कहते हैं:

“विषाद रोग वर्धन नाम श्रेष्ठतम”

यानि दुख मनाना बीमारी बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण है।


✅भय (Fear)👉Future का डर,exam का डर,disease का डर,financial tension...

हर तरह का डर खून को खराब करता है।


✅आयास (Over-exertion)बहुत ज़्यादा मेहनत,

धूप में काम,भट्टी या गर्म माहौल में काम....

ये सब शरीर में heat बढ़ाते हैं,

और blood को disturb करते हैं।


2. विरूद्ध आहार– 

कुछ खाने की चीज़ें ऐसी होती हैं,जो अलग-अलग ठीक होती हैं लेकिन साथ में खाईं जाएं तो ज़हर बन जाती हैं।

जैसे:

दूध + नमक

गर्म भोजन के साथ ठंडा जल


इन्हें आयुर्वेद में विरुद्ध भोजन कहा गया है,

और ये सीधे रक्त को खराब करता है।


3. जो लोग ज़्यादातर बहुत तीखा,बहुत खट्टा,बहुत नमकीन,spicy, chili sauce, fast food

सलाद पर extra नमक,अचार, पापड़, चटनी

ये सब blood में heat बढ़ाते हैं।


इससे पित्त बढ़ता है और वही पित्त जब रक्त धातु में जाता है,तो खून खराब होने लगता है।


जब पित्त रक्त में बढ़ता है,

तो ये problems सामने आती हैं:


☑️नाक से खून

☑️internal bleeding

☑️periods में excessive bleeding

☑️piles, fistula में bleeding

☑️blood cancer

☑️skin disorders - दाद खाज खुजली


यानि जड़ एक ही है-

रक्त की अशुद्धि + पित्त imbalance।


आचार्य चरक कहते हैं-

मद्य (Alcohol) खून खराब करने का बड़ा कारण है।


शराब nature में गर्म होती है,

और ज्यादा alcohol intake

रक्त और पित्त दोनों को बिगाड़ देता है।


वाग्भट ऋषि भी यही कहते हैं-

जो चीजें पित्त और कफ बिगाड़ती हैं,

वो अंत में खून को ही खराब करती हैं।


#रक्त_शुद्धिकरण

जो कारण बीमारी कर रहा है,

उसे हटाओ, बीमारी अपने आप कम होगी।


1. Mind Healing – ध्यान और मेडिटेशन

अगर कारण दिमाग है,तो इलाज भी वहीं से शुरू होगा।


रोज़ सुबह-शाम 25–30 मिनट ध्यान / meditation

खून से जुड़ी गंभीर बीमारियों में भी

बहुत strong results देता है।


2. Six Tastes Balance करें

खाने में सिर्फ

तीखा-खट्टा-नमकीन नहीं,बल्कि 6 रस शामिल करें:


मीठा

खट्टा

नमकीन

तीखा

कड़वा

कसैला


खासकर

मीठा, कड़वा और कसैला

पित्त को शांत करते हैं

और खून को ठंडक देते हैं।


3. Panchkarma – Blood Purification

आयुर्वेद का सबसे powerful तरीका-

रक्तमोक्षण।

हर 2–3 महीने में

पित्त साफ करने की औषधियां

किसी वैद्य की सलाह से लें।


पित्त साफ करने की आयुर्वेदिक औषधियां

(Pitta Detox Medicines)


1. अविपत्तिकर चूर्ण

ये पित्त शांत करने की सबसे प्रसिद्ध और सुरक्षित औषधि है।

जिन लोगों को पेट में जलन,एसिडिटी,सीने में जलन,मुंह में छाले,खून की गर्मी होती है, उनके लिए बहुत फायदेमंद है।

सेवन विधि:

भोजन से पहले एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ।


2. कामदुधा रस (मोतीयुक्त)

अगर पित्त बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है,और भी symptoms जैसे-


नाक से खून

ज्यादा bleeding

periods में excessive flow

शरीर में जलन


तो कामदुधा रस बहुत effective रहती है।


सेवन विधि:

1 गोली

दिन में 2 बार


3. प्रवाल पिष्टी / मुक्ताशुक्ति पिष्टी


ये medicines खासतौर पर

blood heat और burning sensation के लिए दी जाती हैं।


आंखों में जलन

हथेली-पैरों में जलन

पेशाब में जलन


इन सब में बहुत अच्छा काम करती हैं।


सेवन विधि:

125 mg

शहद या घी के साथ

दिन में 2 बार।


4. गिलोय सत्व / गिलोय घन वटी

गिलोय को आयुर्वेद में

अमृत कहा गया है।


खून साफ करता है,इम्यूनिटी बढ़ाता है,पित्त को balance करता है


सेवन विधि:

गिलोय घन वटी – 2 गोली सुबह-शाम ताजे जल से 


5. नीम घन वटी / नीम चूर्ण🌿

नीम खून साफ करने की सबसे strong herbs में से एक है।

skin diseases,acne,खुजली,फोड़े-फुंसी

इन सब में नीम बहुत असरदार है।


सेवन विधि:

नीम घन वटी – दो गोली दिन में 2 बार।


6. त्रिफला – हल्का detox

त्रिफला सीधे खून नहीं,लेकिन आंतों को साफ करके पित्त को बाहर निकालती है।

सेवन विधि:

रात को

एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ।


🛑 ध्यान रखें 


अगर ज्यादा bleeding

blood cancer

गंभीर skin disorder

chronic liver problem

जैसी conditions हैं,

तो self-medication ना करें।

किसी नज़दीकी आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह जरूर लें।


4. रक्त शुद्ध करने के लिए रोज़ सेवन


घी

आंवला

करेला

गिलोय

नीम

परवल

मुनक्का


चीनी की जगह मिश्री का उपयोग करें।


🍈 सब्जियों में कुष्मांड (Pumpkin / पेठा / कोहड़ा)

को खून की गर्मी उतारने में

best natural medicine है।


सच तो यह है कि खून खराब होना कोई अचानक होने वाली चीज़ नहीं,

ये धीरे-धीरे बनता imbalance है-

दिमाग + खानपान + lifestyle का।


अगर खान पान को सही रखते हुए आयुर्वेद को लिया जाये तो आपका blood clean, cool और strong रहेगा।

विशेष परिस्थितियों में कुशल वैद्य के परामर्श से ही सेवन करें।

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