शरीर में किसी भी गांठ को खत्म करें इन रामबाण औषधि से,समय रहते सतर्क रहे, आयुर्वेद अपनाए...
गांठ के लिए 10 आयुर्वेदिक औषधियाँ
1) कंचनार गुग्गुल
किसके लिए उपयोगी: गले, थायरॉइड, लिम्फ नोड की गांठ
कैसे लें: 1–2 गोली दिन में दो बार गुनगुने पानी के साथ
2) वरुणादि कषाय / वरुण चूर्ण
लाभ: सिस्ट, लिपोमा, चर्बी की गांठ में उपयोगी
सेवन: चिकित्सक की सलाह से
3) त्रिफला चूर्ण
लाभ: शरीर की विषाक्तता कम करता है, गांठ को नरम करता है
कैसे लें: रात को 1 चम्मच गुनगुने पानी/दूध के साथ
4) गुग्गुल (शुद्ध गुग्गुल)
लाभ: सूजन घटाता है, गांठ को गलाने में सहायक
सेवन: आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से
5) निर्गुंडी (निशिंद) चूर्ण/काढ़ा
लाभ: दर्द व सूजन वाली गांठ में उपयोगी
कैसे लें: काढ़ा बनाकर पी सकते हैं
6) कुटकी चूर्ण
लाभ: रक्त व यकृत शुद्धि, गांठ के कारण बनने वाली गंदगी कम करता है
सेवन: बहुत कम मात्रा में (डॉक्टर की सलाह जरूरी)
7) हरिद्रा (हल्दी) + नीम
लाभ: एंटी-इंफ्लेमेटरी व एंटी-बैक्टीरियल
कैसे उपयोग करें:
1 चम्मच हल्दी + नीम का काढ़ा रोज सुबह
8) गिलोय रस
लाभ: प्रतिरक्षा बढ़ाता है, सूजन घटाता है
सेवन: 10–15 मि.ली. दिन में 1–2 बार
9) रक्तशोधक सिरप (आयुर्वेदिक)
लाभ: खून साफ करता है, गांठ बनने की प्रवृत्ति कम करता है
सेवन: लेबल के अनुसार
10) अश्वगंधा + शिलाजीत (हल्की गांठ में)
लाभ: शरीर को मजबूत करता है, अंदरूनी सूजन कम करता है
सेवन: रात में दूध के साथ (डॉक्टर की सलाह से)
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