Ayurvedic heart care - अगर दिल, कोलेस्ट्रॉल या शुगर से जुड़ी परेशानी है - असरदार 5 Ayurvedic Tips , अगर आपको,
हार्ट से जुड़ी कोई दिक्कत है
कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ा हुआ है
नसों में ब्लॉकेज की शिकायत है
डायबिटीज या ब्लड प्रेशर है
तो ये POST आपके लिए बहुत काम का है।
इस में हम बात करेंगे 5 ऐसे आयुर्वेदिक उपायों की,
जो सिर्फ बीमारी को कंट्रोल करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि:
आने वाली बीमारियों को prevent करते हैं
healthy weight loss में मदद करते हैं
digestion को improve करते हैं
और lifestyle disorders की जड़ पर काम करते हैं
आयुर्वेद में “कोलेस्ट्रॉल” शब्द क्यों नहीं मिलता?
आयुर्वेद में भले ही “cholesterol” शब्द न हो,
लेकिन जिन बीमारियों को आज हम lifestyle disorders कहते हैं -
उनका पूरा वर्णन आयुर्वेद में मिलता है।
जैसे:
हाई ब्लड प्रेशर
डायबिटीज
हार्ट डिज़ीज
आर्टरी ब्लॉकेज
हाइपोथायरॉइड
मोटापा
आयुर्वेद इन्हें संतर्पणजन्य विकार मानता है —
यानी ऐसी बीमारियाँ जो गलत खान-पान और lifestyle से पैदा होती हैं।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ा है या नहीं — कैसे पता चले?
इसके लिए एक simple सा टेस्ट है -
Lipid Profile
इसमें हमें पता चलता है:
Total Cholesterol
Triglycerides
LDL (Bad Cholesterol)
HDL (Good Cholesterol)
ध्यान रखने वाली बात ये है कि
हर कोलेस्ट्रॉल बुरा नहीं होता।
HDL = अच्छा कोलेस्ट्रॉल
LDL = वही जो नसों में चिपककर ब्लॉकेज बनाता है
LDL क्यों बढ़ता है?
कुछ common वजहें होती हैं:
ज़्यादा non-veg
ज़्यादा paneer, cheese, milk products
fried, bakery, junk, packaged food
sedentary lifestyle
exercise की कमी
ज़्यादा stress
नींद पूरी न होना
addictions
family history
LDL धीरे-धीरे arteries की inner wall पर जमने लगता है
और वहीं से blockage की शुरुआत होती है।
अब आते हैं आयुर्वेद के 5 असरदार उपायों पर
1. अर्जुन की छाल — हार्ट की best friend
Arjuna (Terminalia arjuna)
आयुर्वेद की सबसे भरोसेमंद हृदय औषधि है।
आयुर्वेद में इसे:
हृद्य कहा गया है
कफ-पित्त शमन करने वाला बताया गया है
ये:
चर्बी कम करता है
cholesterol deposition घटाता है
BP balance करता है
arteries को support करता है
कैसे लें?
Option 1: Powder
3–5 ग्राम (½–1 चम्मच)
दिन में 1–2 बार
Option 2: काढ़ा
½–1 चम्मच मोटा पाउडर
2 कप पानी → ½ कप बचने तक उबालें
सुबह खाली पेट
भूख लगने तक कुछ न खाएँ
Option 3: Arjunarishta
15–20 ml
खाने के बाद गुनगुने पानी के साथ
2. करेला + जामुन — शुगर और पित्त दोनों के लिए
अगर आपको Type-2 Diabetes है
या sugar control में नहीं रहती,
तो ये combo बहुत काम का है।
आयुर्वेद में:
करेला = Karavella
जामुन = Jambu
इनका रस:
blood sugar naturally कम करता है
blood purification करता है
acidity और पित्त को शांत करता है
सेवन विधि:
30 ml juice
30 ml पानी
दिन में 2 बार, खाने से पहले
अगर इसके साथ आंवला जूस भी जोड़ दें,
तो result और बेहतर मिलता है।
3. आंवला — immunity, metabolism और fat control
आंवला:
digestion सुधरता है
immunity boost करता है
hair fall कम करता है
skin और weight management में मदद करता है
सेवन:
30 ml juice
30 ml पानी
रोज़ाना
4. कुलथी (Horse Gram) — चर्बी और ब्लॉकेज के लिए
कुलथी:
तासीर में गर्म
वात-कफ शमन
मेद धातु (fat) कम करने वाली
कैसे लें?
Option 1: Powder
3–5 ग्राम
Option 2: Dal
4–5 घंटे भिगोकर
simple तड़के के साथ
गर्म तासीर की वजह से मात्रा सीमित रखें।
5. Natural fasting + movement — सबसे underrated उपाय
Natural fasting कैसे?
रात खाना 7–7:30 तक
अगली सुबह भूख लगने तक कुछ न खाएँ
ये:
अपचित आहार हटाता है
fat metabolism improve करता है
cholesterol कम करने में मदद करता है
हफ्ते में 1 दिन:
एक ही समय खाना
बाकी समय फल
Exercise + Udvartana (उबटन)
आयुर्वेद दिनचर्या में कहता है:
व्यायाम - अग्नि बढ़ाता है
उदवर्तन - मेद धातु कम करता है
योग में:
सूर्य नमस्कार
पवनमुक्तासन
भुजंगासन
धनुरासन
उबटन:
बेसन + हल्दी + थोड़ा तेल/पानी
स्नान से पहले
Final Takeaway
ये 5 उपाय:
cholesterol
blockage
diabetes
BP
obesity
सब पर root level पर काम करते हैं।
अगर आप consistency से इन्हें अपनाएँ,
तो body खुद healing mode में चली जाती है।
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