Diet and Heart - 30–35 की उम्र में हार्ट अटैक क्यों बढ़ रहे हैं? आज सबसे बड़ा सवाल यही है - 30 से 35 साल की उम्र में लोग अचानक ICU कैसे पहुँच रहे हैं?
लोग जिम जा रहे हैं, स्टेप्स गिन रहे हैं, वॉच में कैलोरी ट्रैक कर रहे हैं,
फिर भी हार्ट अटैक क्यों?
ग्राउंड रियलिटी ये है कि
साइलेंट रिस्क्स बढ़ते जा रहे हैं,
और उनका सबसे बड़ा कारण है हमारी रोज़ की डाइट।
2 दशक से ज्यादा की प्रैक्टिस और पेशेंट्स देखने के बाद
एक बात crystal clear हो जाती है-
आज के यंग लोगों में हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण
रोज़ खाने में की जाने वाली छोटी-छोटी गलतियाँ हैं।
इस POST में हम समझेंगे:
आर्टरीज कैसे ब्लॉक होती हैं
हार्ट अटैक का असली मैकेनिज़्म क्या है
कौन से फूड्स आज से ही रोकने चाहिए
और उनके देसी, रियलिस्टिक, सस्टेनेबल स्वैप्स
हार्ट अटैक होता कैसे है? बेसिक्स समझ लो
आपकी आर्टरीज वो रास्ते हैं
जिनके ज़रिए हार्ट से ऑक्सीजन और न्यूट्रिएंट्स
पूरे शरीर तक पहुँचते हैं।
लेकिन जब इन रास्तों के अंदर
धीरे-धीरे प्लाक जमा होने लगता है-
जिसमें फैट, कैल्शियम, प्रोटीन और इम्यून सेल्स का मिक्स होता है-
तो आर्टरी की लुमन संकरी होने लगती है।
इस पूरी प्रोसेस को कहते हैं
एथेरोस्क्लेरोसिस।
प्लाक बनने के 3 बड़े कारण
1. मेटाबॉलिक इम्बैलेंस
जब हम रोज़
शुगर ड्रिंक्स, मैदा, वाइट ब्रेड, पेस्ट्री जैसे
रिफाइंड कार्ब्स खाते हैं-
तो ब्लड शुगर और इंसुलिन दोनों हाई रहते हैं।
एक समय बाद एक्स्ट्रा शुगर
लिवर में जाकर ट्राइग्लिसराइड्स में बदलती है
(De Novo Lipogenesis)।
इससे:
ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ते हैं
LDL यानी “बुरा कोलेस्ट्रॉल” ज्यादा खतरनाक बनता है
छोटे पार्टिकल्स आर्टरी की वॉल में घुस जाते हैं
और वहीं से प्लाक बनना शुरू होता है।
2. इनफ्लेमेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस
रिहीटेड डीप फ्राई ऑयल्स,
इंडस्ट्रियल ट्रांस फैट्स,
और बहुत हाई टेम्परेचर पर पका खाना-
ये सब मिलकर
ऑक्सीडाइज्ड लिपिड्स और
Advanced Glycation End Products बनाते हैं।
ये कंपाउंड्स
आर्टरी की अंदरूनी लेयर
(एंडोथेलियम) को इरिटेट कर देते हैं।
इरिटेटेड एंडोथेलियम
ऐसे बिहेव करता है
जैसे गीली सीमेंट-
जिसमें नया प्लाक आसानी से चिपक जाता है।
3. हाई ब्लड प्रेशर और मैकेनिकल स्ट्रेस
एक्सेस नमक,
सिडेंटरी लाइफ,
मेंटल स्ट्रेस और जेनेटिक्स-
इन सबसे BP बढ़ता है।
हाई BP में
आर्टरी वॉल पर ज्यादा प्रेशर पड़ता है,
जैसे नदी में बहुत तेज़ बहाव।
इससे प्लाक अनस्टेबल हो जाता है।
ऊपर की लेयर फट सकती है।
शरीर इसे चोट समझकर
प्लेटलेट्स भेज देता है
और वहीं क्लॉट बन जाता है।
अगर ये क्लॉट
कोरोनरी आर्टरी ब्लॉक कर दे-
तो रिज़ल्ट होता है
एक्यूट हार्ट अटैक।
हार्ट अटैक के इमरजेंसी सिग्नल
अगर कभी:
तेज़ चेस्ट पेन
लेफ्ट आर्म या जॉ में दर्द
अचानक पसीना
घबराहट या बेहोशी
ऐसा लगे तो
देरी मत कीजिए- तुरंत अस्पताल जाइए।
अब बात करते हैं रोज़ के सबसे खतरनाक फूड्स की
1. इंडस्ट्रियल ट्रांस फैट्स
वनस्पति घी,
पार्शियली हाइड्रोजनेटेड ऑयल,
मार्जरीन,
पफ पेस्ट्री, पैटीज़, नमकीन-
इनके लिए ज़ीरो टॉलरेंस रखें।
लेबल पर
“Hydrogenated” या “Partially Hydrogenated”
लिखा दिखे-
तो वापस शेल्फ पर रख दें।
रोज़ के लिए:
सरसों तेल, मूंगफली तेल, ऑलिव ऑयल (फ्रेश, लिमिटेड)
2. डीप फ्राइड और रिहीटेड ऑयल
जितना ज्यादा फ्राइड फूड,
उतना ज्यादा हार्ट डिज़ीज़ का रिस्क।
फ्राई करना ही है तो:
एयर फ्राई
बेक
ग्रिल
या ताज़े ऑयल में हल्का sauté
और रिहीटेड ऑयल-
सीधा NO।
3. शुगर स्वीटन बेवरेजेस
कोल्ड ड्रिंक्स,
पैकेज जूस,
एनर्जी ड्रिंक्स-
ये लिक्विड शुगर हैं।
सबसे तेज़
ब्लड शुगर और इंसुलिन स्पाइक
यहीं से होता है।
फैटी लिवर - हार्ट अटैक रिस्क एक्सेलेरेटर।
बेस्ट ऑप्शन:
पानी, नींबू पानी, ब्लैक टी, ब्लैक कॉफी
4. अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स
पैकेज फूड्स में:
रिफाइंड स्टार्च
एडेड शुगर
एक्सेस सोडियम
फाइबर और प्रोटीन लगभग ज़ीरो।
डेली स्टेपल मत बनाइए।
देसी स्वैप्स:
पोहा, उपमा, दलिया, ओट्स, रोस्टेड चना, पीनट्स
5. प्रोसेस्ड मीट्स
सॉसेज, सलामी, बेकन, हैम-
सोडियम और एडिटिव्स से भरे होते हैं।
हार्ट रिस्क से इनका लिंक
कई स्टडीज़ में दिख चुका है।
बेहतर:
फ्रेश फिश, ग्रिल्ड चिकन, पनीर, टोफू, दालें
6. रिफाइंड ग्रेन्स
मैदा ब्रेड, बिस्किट, नूडल्स, पेस्ट्री-
फाइबर निकल चुका होता है,
GI हाई हो जाता है।
स्वैप करें:
होल व्हीट, ज्वार, बाजरा, रागी, ओट्स, ब्राउन राइस
लेबल पढ़ना सीखिए — ये स्किल जान बचाती है
पैकेट उठाते ही 3 चीज़ें देखें:
एडेड शुगर
सोडियम
ट्रांस फैट्स
अगर 100g में
सोडियम > 400 mg है - अवॉयड
डेली हार्ट-सेफ रूटीन (रियल लाइफ)
पानी: 2–3 लीटर
स्टेप्स: 8–10 हजार
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग: हफ्ते में 3 बार
नींद: 7–8 घंटे
डाइट + मूवमेंट + नींद
यही असली हार्ट प्रोटेक्शन है।
No comments:
Post a Comment