बेहद खास हैं ये खिचड़ी,शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार,किस बीमारी में किस खिचड़ी का करें सेवन और क्या है बनाने की विधि...
1. बुखार में मूंग दाल की खिचड़ी
लाभ: हल्की, आसानी से पचने वाली, शरीर को शक्ति देती है।
विधि:
चावल ½ कप + मूंग दाल ½ कप धोकर
3 कप पानी, थोड़ा नमक, ½ चम्मच घी डालकर
नरम पकाएँ।
2. दस्त व उल्टी में चावल की पतली खिचड़ी
लाभ: आंतों को आराम, शरीर में पानी की कमी पूरी करती है।
विधि:
चावल ½ कप, 4 कप पानी में अच्छी तरह गलाएँ
नमक थोड़ा, घी बहुत कम।
3. कब्ज में दलिया व सब्ज़ी खिचड़ी
लाभ: फाइबर से भरपूर, मल को साफ करती है।
विधि:
गेहूँ दलिया + मूंग दाल + लौकी/गाजर
हल्का मसाला, थोड़ा घी डालकर पकाएँ।
4. गैस व एसिडिटी में मूंग दाल की सादी खिचड़ी
लाभ: पेट की जलन कम, पाचन सुधरता है।
विधि:
बिना मसाले, बिना मिर्च
केवल जीरा + घी डालकर बनाएँ।
5. डायबिटीज में जौ की खिचड़ी
लाभ: शुगर कंट्रोल, धीरे पचती है।
विधि:
जौ ½ कप + मूंग दाल ½ कप
सब्ज़ी डालकर बिना चावल पकाएँ।
6. हृदय रोग में ओट्स खिचड़ी
लाभ: कोलेस्ट्रॉल कम, दिल के लिए हल्की।
विधि:
ओट्स + मूंग दाल + सब्ज़ियाँ
नमक कम, घी ½ चम्मच।
7. कमज़ोरी में चावल–मूंग दाल घी खिचड़ी
लाभ: ऊर्जा देती है, शरीर बल बढ़ाता है।
विधि:
चावल + मूंग दाल बराबर मात्रा
ऊपर से 1 चम्मच देसी घी डालें।
8. गर्भावस्था में मूंग दाल सब्ज़ी खिचड़ी
लाभ: पोषण व पाचन दोनों अच्छा रहता है।
विधि:
मूंग दाल + चावल + लौकी/तोरी
हल्की व सादी बनाएँ।
9. बच्चों के लिए सॉफ्ट मूंग दाल खिचड़ी
लाभ: पेट साफ, ताकत मिलती है।
विधि:
ज्यादा पानी में अच्छी तरह गलाकर पकाएँ।
10. व्रत या बीमारी से उबरने पर साबूदाना खिचड़ी
लाभ: तुरंत ऊर्जा, हल्की।
विधि:
भिगोया साबूदाना + मूंगफली + घी
बहुत हल्का मसाला।
👉 सामान्य नियम
बीमारी में खिचड़ी हमेशा हल्की, कम मसाले वाली और गरम खाएँ
अधिक तेल, मिर्च, गरम मसाले न डालें
खाने के बाद थोड़ी देर
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