क्या आप जानते हैं नमक कितने प्रकार के होते हैं और क्या इनका महत्व,जाने कब किस नमक का सेवन करना चाहिए...
सेंधा नमक (Rock Salt)
✔ पाचन सुधारता है
✔ गैस, अपच में लाभकारी
✔ व्रत में उपयोगी
✔ बीपी को संतुलित रखने में सहायक
2. काला नमक (Black Salt)
✔ एसिडिटी, पेट दर्द में लाभ
✔ भूख बढ़ाता है
✔ कब्ज में राहत
✔ उल्टी-मतली में उपयोगी
3. समुद्री नमक (Sea Salt)
✔ शरीर में मिनरल्स की पूर्ति
✔ त्वचा व बालों के लिए अच्छा
✔ इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखता है
4. आयोडीन युक्त नमक (Iodized Salt)
✔ थायरॉइड ग्रंथि के लिए आवश्यक
✔ घेंघा रोग से बचाव
✔ मस्तिष्क विकास में सहायक
5. हिमालयन पिंक सॉल्ट (Pink Salt)
✔ डिटॉक्स में सहायक
✔ ब्लड प्रेशर संतुलन
✔ मांसपेशियों की ऐंठन में लाभ
6. कोषेर नमक (Kosher Salt)
✔ भोजन का स्वाद बढ़ाता है
✔ कम प्रोसेस्ड होने से हल्का
✔ पकाने में बेहतर नियंत्रण
7. बाँस का नमक (Bamboo Salt – आयुर्वेदिक)
✔ इम्युनिटी बढ़ाता है
✔ अम्लता कम करता है
✔ दाँत व मसूड़ों के लिए लाभकारी
8. लो-सोडियम नमक
✔ उच्च रक्तचाप वालों के लिए उपयुक्त
✔ हृदय स्वास्थ्य में सहायक
9. लाल नमक (Red Salt / Hawaiian Salt)
✔ आयरन से भरपूर
✔ खून की कमी में सहायक
✔ शरीर की कमजोरी दूर करता है
10. स्मोक्ड नमक (Smoked Salt)
✔ भोजन का स्वाद बढ़ाता है
✔ कम मात्रा में भी संतोषजनक स्वाद
✔ पाचन पर हल्का प्रभाव
11. सेलरी नमक (Celery Salt)
✔ उच्च रक्तचाप में सहायक
✔ सूजन कम करता है
✔ जोड़ों के दर्द में लाभ
12. फ्लेक नमक (Flake Salt)
✔ हल्का और कुरकुरा
✔ भोजन सजावट में उपयोगी
✔ कम सोडियम एहसास
13. लहसुन नमक (Garlic Salt)
✔ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
✔ सर्दी-जुकाम में लाभ
✔ हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा
14. हर्बल नमक (Herbal Salt)
✔ औषधीय जड़ी-बूटियों से युक्त
✔ पाचन व डिटॉक्स में सहायक
✔ वजन नियंत्रण में मददगार
15. आयुर्वेदिक पंचनमक
(सेंधा + काला + समुद्री + बाँस + हर्बल)
✔ त्रिदोष संतुलन
✔ गैस, कब्ज, अम्लता में लाभ
✔ नियमित सेवन के लिए सर्वोत्तम
कौनसा नमक किसे खाना चाहिए?
गैस/अपच → काला नमक
उच्च बीपी → सेंधा / लो-सोडियम नमक
थायरॉइड → आयोडीन नमक
कमजोरी → लाल नमक
डिटॉक्स → पिंक नमक
व्रत/उपवास → सेंधा नमक
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