Tuesday, June 2, 2020

भारत के नागरिकों के मौलिक अधिकार

भारत के नागरिकों के मौलिक अधिकार

भारत के नागरिकों के मौलिक अधिकारों से जुड़े तथ्‍य इस प्रकार हैं... 

1. इसे संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से लिया गया है.
2. इसका वर्णन संविधान के भाग-3 में (अनुच्छेद 12 से अनुच्छेद 35) है.
3. इसमें संशोधन हो सकता है और राष्ट्रीय आपात के दौरान (अनुच्छेद 352) जीवन एवं व्यकितिगत स्वतंत्रता के अधिकार को छोड़कर अन्य मौलिक अधिकारों को स्थगित किया जा सकता है.
4. मूल संविधान में सात मौलिक अधिकार थे, लेकिन 44वें संविधान संशोधन (1979 ई०) के द्वारा संपत्ति का अधिकार (अनुच्छेद 31 से अनुच्छेद 19f) को मौलिक अधिकार की सूची से  हटाकर इसे संविधान के अनुच्छेद 300 (a) के अन्तगर्त क़ानूनी अधिकार के रूप में रखा गया है.

भारतीय नागरिकों को निम्नलिखित मूल अधिकार प्राप्त हैं:
1. समता या समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14 से अनुच्छेद 18)
2. स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19 से 22)
3. शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23 से 24)
4. धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 25 से 28)
5. संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार (अनुच्छेद 29 से 30)
6. संवैधानिक अधिकार (अनुच्छेद 32)

1. समता या समानता का अधिकार:
अनुच्छेद 14: विधि के समक्ष समता- इसका अर्थ यह है कि राज्य सही व्यक्तियों के लिए एक समान कानून बनाएगा तथा उन पर एक समान ढंग से उन्‍हें लागू करेगा.
अनुच्छेद 15: धर्म, नस्ल, जाति, लिंग या जन्म-स्थान के आधार पर भेद-भाव का निषेद- राज्य के द्वारा धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग एवं जन्म-स्थान आदि के आधार पर नागरिकों के प्रति जीवन के किसी भी क्षेत्र में भेदभाव नहीं किया जाएगा.
अनुच्छेद 16: लोक नियोजन के विषय में अवसर की समता- राज्य के अधीन किसी पद पर नियोजन या नियुक्ति से संबंधित विषयों में सभी नागरिकों के लिए अवसर की समानता होगी. अपवाद- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग.
अनुच्छेद 17: अस्पृश्यता का अंत- अस्पृश्यता के उन्मूलन के लिए इससे दंडनीय अपराध घोषित किया गया है.
अनुच्छेद 18: उपाधियों का अंत- सेना या विधा संबंधी सम्मान के सिवाए अन्य कोई भी उपाधि राज्य द्वारा प्रदान नहीं की जाएगी. भारत का कोई नागरिक किसी अन्य देश से बिना  राष्ट्रपति की आज्ञा के कोई उपाधि स्वीकार नहीं कर सकता है.


2. स्वतंत्रता का अधिकार:
अनुच्छेद 19- मूल संविधान में 7 तरह की स्वतंत्रता का उल्लेख था, अब सिर्फ 6 हैं:
19 (a) बोलने की स्वतंत्रता.
19 (b) शांतिपूर्वक बिना हथियारों के एकत्रित होने और सभा करने की स्वतंत्रता.
19 (c) संघ बनाने की स्वतंत्रता.
19 (d) देश के किसी भी क्षेत्र में आवागमन की स्वतंत्रता.
19 (e) देश के किसी भी क्षेत्र में निवास करने और बसने की स्वतंत्रता. (अपवाद जम्मू-कश्मीर)
19 (f) संपत्ति का अधिकार.
19 (g) कोई भी व्यापार एवं जीविका चलाने की स्वतंत्रता.
नोट: प्रेस की स्वतंत्रता का वर्णन अनुच्छेद 19 (a) में ही है.
अनुच्छेद 20- अपराधों के लिए दोष-सिद्धि के संबंध में संरक्षण- इसके तहत तीन प्रकार की स्वतंत्रता का वर्णन है:
(a) किसी भी व्यक्ति को एक अपराध के लिए सिर्फ एक बार सजा मिलेगी.
(b) अपराध करने के समय जो कानून है इसी के तहत सजा मिलेगी न कि पहले और और बाद में बनने वाले कानून के तहत.
(c) किसी भी व्यक्ति को स्वयं के विरुद्ध न्यायालय में गवाही देने के लिय बाध्य नहीं किया जाएगा.
अनुच्छेद 21- प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता का सरंक्षण: किसी भी व्यक्ति को विधि द्वारा स्थापित प्रकिया के अतिरिक्त उसके जीवन और वैयक्तिक स्वतंत्रता के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है.
अनुच्छेद 21(क) राज्य 6 से 14 वर्ष के आयु के समस्त बच्चों को ऐसे ढंग से जैसा कि राज्य, विधि द्वारा अवधारित करें, निःशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराएगा. ( 86वां संशोधन 2002 के द्वारा).
अनुच्छेद 22- कुछ दशाओं में गिरफ़्तारी और निरोध में संरक्षण: अगर किसी भी व्यक्ति को मनमाने ढंग से हिरासत में ले लिया गया हो, तो उसे तीन प्रकार की स्वतंत्रता प्रदान की गई है:
(1) हिरासत में लेने का कारण बताना होगा.
(2) 24 घंटे के अंदर (आने जाने के समय को छोड़कर) उसे दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया जाएगा.
(3) उसे अपने पसंद के वकील से सलाह लेने का अधिकार होगा.

निवारक निरोध: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22 के खंड- 3, 4 ,5 तथा 6 में तत्संबंधी प्रावधानों का उल्लेख है. निवारक निरोध कानून के अन्तर्गत किसी व्यक्ति को अपराध करने के पूर्व ही गिरफ्तार किया जाता है. निवारक निरोध का उद्देश्य व्यक्ति को अपराध के लिए दंड देना नहीं, बल्कि उसे अपराध करने से रोकना है. वस्तुतः यह निवारक निरोध राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था बनाए रखने या भारत संबंधी कारणों से हो सकता है. जब किसी व्यक्ति निवारक निरोध की किसी विधि के अधीन गिरफ्तार किया जाता है, तब:
(a) सरकार ऐसे व्यक्ति को केवल 3 महीने तक जेल में रख सकती है. अगर गिरफ्तार व्यक्ति को तीन महीने से अधिक समय के लिए जेल में रखना हो, तो इसके लिए सलाहकार बोर्ड का प्रतिवेदन प्राप्त करना पड़ता है.
(b) इस प्रकार निरुद्ध व्यक्ति को यथाशीघ्र निरोध के आधार पर सूचित किए जाएगा, लेकिन जिन तथ्यों को निरस्त करना लोकहित के विरुद्ध समझा जाएगा उन्हें प्रकट करना आवश्यक नहीं है.
(c) निरुद्ध व्यक्ति को निरोध आदेश के विरुद्ध अभ्यावेदन करने के लिए शीघ्रातिशीघ्र अवसर दिया जाना चाहिए.


निवारक निरोध से संबंधित अब तक बनाई गई विधियां:

1) निवारक निरोध अधिनियम, 1950: भारत की संसद ने 26 फरवरी, 1950 को पहला निवारक निरोध अधिनियम पारित किया था. इसका उद्देश्य राष्ट्र विरोधी तत्वों को भारत की प्रतिरक्षा के प्रतिकूल कार्य से रोकना था. इसे 1 अप्रैल, 1951 को समाप्त हो जाना था, किन्तु समय-समय पर इसका जीवनकाल बढ़ाया जाता रहा. अंततः यह 31 दिसंबर, 1971 को समाप्त हुआ.

2) आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अधिनियम, 1971: 44वें सवैंधानिक संशोधन (1979) इसके प्रतिकूल था और इस कारण अप्रैल, 1979 में यह समाप्त हो गया.

3) विदेशी मुद्रा संरक्षण व तस्करी निरोध अधिनियम, 1974: पहले इसमें तस्करों के लिए नजरबंदी की अवधि 1 वर्ष थी, जिसे 13 जुलाई, 1984 ई० को एक अध्यादेश के द्वारा बढ़ाकर 2 वर्ष कर दिया गया है.

4) राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, 1980: जम्मू-कश्मीर के अतिरिक्त अन्य सभी राज्यों में लागू किया गया.

5) आतंकवादी एवं विध्वंसकारी गतिविधियां निरोधक कानून (टाडा): निवारक निरोध व्यवस्था के अन्‍तर्गत अब तक जो कानून बने उन में यह सबसे अधिक प्रभावी और सर्वाधिक कठोर कानून था. 23 मई, 1995 को इसे समाप्त कर दिया गया.

6) पोटा: इसे 25 अक्टूबर, 2001 को लागू किया गया. 'पोटा' टाडा का ही एक रूप है. इसके अन्तर्गत कुल 23 आंतकवादी गुटों को प्रतिबंधित किया गया है. आंतकवादी और आंतकवादियों से संबंधित सूचना को छिपाने वालों को भी दंडित करने का प्रावधान किया गया है. पुलिस शक के आधार पर किसी को भी गिरफ्तार कर सकती है, किन्तु बिना आरोप-पत्र के तीन महीने से अधिक हिरासत में नहीं रख सकती. पोटा के तहत गिरफ्तार व्यक्ति हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है, लेकिन यह अपील भी गिरफ़्तारी के तीन महीने बाद ही हो सकती है, 21 सितम्बर, 2004 को इसे अध्यादेश के द्वारा समाप्त कर दिया गया दिया गया.

3. शोषण के विरुद्ध अधिकार
अनुच्छेद 23: मानव के दुर्व्यापार और बलात श्रम का प्रतिषेध: इसके द्वारा किसी व्यक्ति की खरीद-बिक्री, बेगारी तथा इसी प्रकार का अन्य जबरदस्ती लिया हुआ श्रम निषिद्ध ठहराया गया है, जिसका उल्लंघन विधि के अनुसार दंडनीय अपराध है.

नोट: जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सेवा करने के लिए बाध्य किया जा सकता है.

अनुच्छेद 24: बालकों के नियोजन का प्रतिषेध: 14 वर्ष से कम आयु वाले किसी बच्चे को कारखानों, खानों या अन्य किसी जोखिम भरे काम पर नियुक्त नहीं किया जा सकता है.

4. धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार-
अनुच्छेद 25: अंत:करण की और धर्म को अबाध रूप से मानने, आचरण और प्रचार करने की स्वतंत्रता: कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म को मान सकता है और उसका प्रचार-प्रसार कर सकता है.

अनुच्छेद 26: धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता: व्यक्ति को अपने धर्म के लिए संथाओं की स्थापना व पोषण करने, विधि-सम्मत सम्पत्ति के अर्जन, स्वामित्व व प्रशासन का अधिकार है.


अनुच्छेद 27: राज्य किसी भी व्यक्ति को ऐसे कर देने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है, जिसकी आय किसी विशेष धर्म अथवा धार्मिक संप्रदाय की उन्नति या पोषण में व्यय करने के लिए विशेष रूप से निश्चित कर दी गई है.

अनुच्छेद 28: राज्य विधि से पूर्णतः पोषित किसी शिक्षा संस्था में धार्मिक शिक्षा नहीं दी जाएगी. ऐसे शिक्षण संस्थान अपने विद्यार्थियों को किसी धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने या किसी धर्मोपदेश को बलात सुनने हेतु बाध्य नहीं कर सकते.

5. संस्कृति एवं शिक्षा संबंधित अधिकार:
अनुच्छेद 29: अल्पसंख्यक हितों का संरक्षण कोई अल्पसंख्यक वर्ग अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति को सुरक्षित रख सकता है और केवल भाषा, जाति, धर्म और संस्कृति के आधार पर उसे किसी भी सरकारी शैक्षिक संस्था में प्रवेश से नहीं रोका जाएगा.

अनुच्छेद 30: शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन करने का अल्पसंख्यक वर्गों का अधिकार: कोई भी अल्पसंख्यक वर्ग अपनी पसंद की शैक्षणिक संस्था चला सकता है और सरकार उसे अनुदान देने में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करेगी.

6. संवैधानिक उपचारों का अधिकार:
'संवैधानिक उपचारों का अधिकार' को डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान की आत्मा कहा है.
अनुच्छेद 32: इसके तहत मौलिक अधिकारों को प्रवर्तित कराने के लिए समुचित कार्यवाहियों द्वारा उच्चतम न्यायालय में आवेदन करने का अधिकार प्रदान किया गया है. इस सन्दर्भ में सर्वोच्च न्यायालय को पांच तरह के रिट निकालने की शक्ति प्रदान की गई है जो निम्न हैं:
(a) बंदी प्रत्यक्षीकरण
(b) परमादेश
(c) प्रतिषेध लेख
(d) उत्प्रेषण
(e) अधिकार पृच्छा लेख
 
(1) बंदी प्रत्यक्षीकरण: यह उस व्यति की प्रार्थना पर जारी किया जाता है जो यह समझता है कि उसे अवैध रूप से बंदी बनाया गया है. इसके द्वारा न्यायालय बंदीकरण करने वाले अधिकारी को आदेश देता है कि वह बंदी बनाए गए व्यक्ति को निश्चित स्थान और निश्चित समय के अंदर उपस्थित करे जिससे न्यायालय बंदी बनाए जाने के कारणों पर विचार कर सके.
(2) परमादेश: परमादेश का लेख उस समय जारी किया जाता है, जब कोई पदाधिकारी अपने सार्वजनिक कर्तव्य का निर्वाह नहीं करता है. इस प्रकार के आज्ञापत्र के आधार पर पदाधिकारी को उसके कर्तव्य का पालन करने का आदेश जारी किया जाता है.
(3) प्रतिषेध लेख: यह आज्ञापत्र सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय द्वारा निम्न न्यायालयों तथा अर्द्ध न्यायिक न्यायाधिकरणों को जारी करते हुए आदेश दिया जाता है कि इस मामले में अपने यहां कार्यवाही न करें क्यूंकि यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर है.
(4) उत्प्रेषण: इसके दवरा अधीनस्थ न्यायालयों को यह निर्देश दिया जाता है कि वे अपने पास लंबित मुकदमों के न्याय निर्णयन के लिए उससे वरिष्ठ न्यायालय को भेजें.
(5) अधिकार पृच्छा लेख: जब कोई व्यक्ति ऐसे पदाधिकारी के रूप में कार्य करने लगता है जिसके रूप में कार्य करने का उससे वैधानिक रूप से अधिकार नहीं है न्यायालय अधिकार-पृच्छा के आदेश के द्वारा उस व्यक्ति से पूछता है कि वह किस अधिकार से कार्य कर रहा है और जब तक वह इस बात का संतोषजनक उत्तर नहीं देता वह कार्य नहीं कर सकता है.


मौलिक अधिकार में संशोधन

1. गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य (1976) के निर्णय से पूर्व दिए गए निर्णय में यह निर्धारित किया गया था कि संविधान के किसी भी भाग में संशोधन किया जा सकता है, जिसमें अनुच्छेद 368 और मूल अधिकार को शामिल किया गया था.

UPSC IAS क्रेक करने की फुल जानकारी

UPSC IAS  क्रेक करने की फुल जानकारी... 

#UPSC_क्या_है ?
UPSC(Union public service commison) यानी हिंदी में कहे तो #संघ_लोक_सेवा_आयोग
इसका का गठन आजादी से पहले 1 अक्तूबर 1926 को लोक सेवा आयोग नाम से हुआ था| लेकिन सवैधानिक प्रावधानों के तहत 26 अक्तूबर 1950 लोक सेवा आयोग का पुनर्निर्माण हुआ|

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जिसका नाम संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) रखा गया| इस आयोग को  अनुछेद 315 के तहत सवैंधानिक दर्जा(मान्यता) प्रदान की गई है | 

यह commison(upsc) लगभग 13 प्रकार के exam का आयोजन करता 

जैसे:- ICS(indian civil service) 
IES (indian Engineering Services),NDA,INA,CDS,CAPF और भी है लेकिन उसका चर्चा यहाँ नही करेंगे...

UPSC द्वारा आयोजित इन सभी exam में सर्वश्रेष्ठ exam है..जिसकी हमलोग तैयारी कर रहे है इसे ICS(indian civil service) यानी  हिंदी में भारतीय सिविल सेवा परीक्षा कहा जाता है.. इसके तहत  24 तरह की service के लिए selection होता है..जिसमे सबसे टॉप post/service आईएएस (IAS) होता है.. कोई जरूरी नही की आप इस exam को पास कर सीधे IAS बन जायेंगे.. आप अपने rank/perfomance के आधार नीचे दिए गए 24 सेवाओं में किसी के लिए भी चयन किये जा सकते है..

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(i) Indian Administrative Service.
(ii) Indian Foreign Service.
(iii) Indian Police Service.
(iv) Indian P & T Accounts & Finance Service, Group ‘A’.
(v) Indian Audit and Accounts Service, Group ‘A’.
(vi) Indian Revenue Service (Customs and Central Excise), Group ‘A’.
(vii) Indian Defence Accounts Service, Group ‘A’.
(viii) Indian Revenue Service (I.T.), Group ‘A’.
(ix) Indian Ordnance Factories Service, Group ‘A’ (Assistant Works Manager, Administration).
(x) Indian Postal Service, Group ‘A’.
(xi) Indian Civil Accounts Service, Group ‘A’.(xii) Indian Railway Traffic Service, Group ‘A’.
(xiii) Indian Railway Accounts Service, Group 'A'.
(xiv) Indian Railway Personnel Service, Group ‘A’.

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(xv) Post of Assistant Security Commissioner in Railway Protection Force, Group ‘A’
(xvi) Indian Defence Estates Service, Group ‘A’.
(xvii) Indian Information Service (Junior Grade), Group ‘A’.
(xviii) Indian Trade Service, Group 'A' (Gr. III)
.(xix) Indian Corporate Law Service, Group "A".
(xx) Armed Forces Headquarters Civil Service, Group ‘B’ (Section Officer’s Grade).(xxi) Delhi, Andaman & Nicobar Islands, Lakshadweep, Daman & Diu and Dadra & NagarHaveli Civil Service, Group 'B'.
(xxii) Delhi, Andaman & Nicobar Islands, Lakshadweep, Daman & Diu and Dadra & NagarHaveli Police Service, Group 'B'.
(xxiii) Pondicherry Civil Service, Group 'B'.(xxiv) Pondicherry Police Service, Group ‘B

चलिए अब हम बात करते है इसकी योग्यता और attempt के बारे में..

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योग्यता:-
इसके लिए आपको विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (U.G.C) की धारा 1956, द्वारा मान्यता प्राप्त, किसी भी university से graduate होना चाहिए.. इस exam के लिए graduation का subject matter नही करता की आप आर्ट्स से किये है science से.... upsc के फॉर्म भरने के लिए बस आपके  पास valid बैचलर डिग्री(बी.टेक/BA/BSC/BCOM)  होना चाहिए....graduation अंतिम वर्ष के छात्र भी इस फॉर्म को भर सकते है 

★अगर age की बात करे तो
♠Age Limit: आवेदक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष की होनी चाहिए और अधिकतम 32 वर्ष की उम्र से अधिक नहीं होनी चाहिए।हालांकि विकलांग अभ्यार्थी और सैन्य परिवार तथा पिछड़े वर्ग के व्यक्ति के लिए उम्र सीमा में छूट दी जाती है...

NOTE:- उम्र की गिनती अगस्त माह तक की जाती है

♠परीक्षा में #attempt की संख्या:- ओपन श्रेणी 6 प्रयास, ओबीसी श्रेणी के लिए 9 प्रयासों और अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार के लिए कोई सीमा नहीं है।.....

💐फार्म_सम्बंधित_जानकारी

सामान्यतः UPSC(civil service) का notification feb-march में आता है और pre exam जून में होता है ..फिर pre quallify करने के बाद मुख्य परीक्षा के लिए एक फार्म भरा जाता है जिसे DAF कहा जाता है ..interview में इसी DAF फार्म में जो आप अपने बारे में जो भरते है उसी सम्बंधित शुरूआती प्रश्न पूछे जाते हैं....

इसकी मुख्य परीक्षा october-november में होती है ..interview मार्च_अप्रैल में लेकर final परिणाम मई_जून में जारी कर दिया जाता है...

#form_कैसे_भरे ?★★

सर्वप्रथम आप..एक से अधिक आवदेन देने से बचें।
Pre का फॉर्म भरते समय आपसे  आपका centre choice , mains किस माध्यम से देना है..mains में optional sub क्या लेना है ? Etc भरना होता है..फार्म में सही विवरण दें। क्योकि बाद में सुधार नही कर सकते है ..साथ ही आवेदन करते समय अपना सही ई-मेल आईडी साथ रखें।

★●● #Exam_syllabus

इस परीक्षा को पास करने के लिए आपको तीन चरण पास करने होते है पहला है Preliminary Exam(इसका अंक मेरिट में नही जुड़ता )
 दूसरा है Mains Exam और तृतीय हैInterview / Personality Test 

👉🏻 

Syllabus के बारे में यहाँ ज्यादा आपसे जिक्र नही करूँगा! Syllabus की जानकारी.. मै पहले की पोस्ट मे बता चुका हूं... आगे भी सिलेबस चर्चा जारी रहेगी...

Syllabus को deeply समझना सबसे जरूरी चीज है क्योकि syllabus को जितना बेहतर से आप समझ कर उसके according तैयारी करेंगे उतना ही आपकी success का chance ज्यादा होगा ! .

इसका syllabus कोई छोटा-मोटा नही होता है.. इसकी गहरी समझ बेहतर न होने के कारण  काफी Aspirant गलत दिशा में मेहनत करने लगते है. है..उनको यह पता नही होता है की किस खण्ड से ज्यादा प्रश्न पूछे जाते है किस खण्ड से कम.. आप चाहे तो syllabus को खंड-खंड में अच्छे से बाटे,साथ ही उस खण्ड में यह भी mention कर दे की इस खंड से pre और mains में कितने अंक के प्रश्न आते है ..और इसको तैयार करके आप अपने study room में चिपका भी सकते है 


#All_the_best...


UPSC क्रैक करना है

UPSC क्रैक करना है? तीन IAS ने दिए टिप्स... 
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आज जब कोरोना संकट के चलते पूरे देश में लॉकडाउन है. अभी इस बात का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है कि ये संकटकाल कब तक खत्म होगा. हमें सामान्य जीवन में लौटने में कितना समय लगेगा. ऐसे में यूपीएससी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के सामने ऐसे कई उदाहरण हैं जो बिना कोचिंग के आईएएस परीक्षा में टॉप कर चुके हैं. बिना कोचिंग आईएएस बनने वालों से जानिए कुछ ऐसे ही टिप्स जो आपको लॉकडाउन के दौरान घर में पढ़ने की बेस्ट स्ट्रेटजी साबित हो सकते हैं... 

सिविल सर्विसेज फाइनल परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए हैं. इस परीक्षा में जयपुर के रहने वाले कनिष्क कटारिया ने पहला स्थान हासिल किया है. यूपीएससी की इस अहम परीक्षा को पास करने से पहले कटारिया आईआईटी में पढ़ाई भी कर चुके हैं. कनिष्क के बारे में खास बात ये है कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के घर से रहकर तैयारी की.

कनिष्क कटारिया आईआईटी मुंबई से पढ़ाई करने के बाद दक्षिण कोरिया और बंगलुरु में नौकरी की. उसके बाद साल 2017 मार्च में वो जयपुर आए और सिविल सर्विसेज की परीक्षा में जुट गए. मैथ्स सब्जेक्ट से आईएएस करने वाले कनिष्क ने आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस से पढ़ाई की थी.

शुरुआत में बेसिक आइडिया वगैरह समझने के लिए कन‍िष्क ने दिल्ली में आईएएस कोचिंग जॉइन की. फिर मार्च, 2018 से वो सेल्फ स्टडी करने लगे. कनिष्क का कहना है कि अगर आपको सिलेबस क्लियर हो तो आप घर से ही अच्छी तैयारी कर सकते हैं. आपके पढ़ने का समय निश्च‍ित होना चाहिए. कनिष्क खुद घर पर 8-10 घंटे का समय देते थे. फिर जैसे-जैसे मेंस का पेपर नज़दीक आने लगा, प्रेशर बढ़ने लगा. इसके बाद पढ़ने समय सीमा 14-15 घंटे प्रतिदिन कर दी थी.

IAS डॉ. अर्तिका शुक्ला की कहानी भी कुछ इसी तरह की है. उन्होंने भी बिना कोचिंग ये परीक्षा पास की. बता दें कि MBBS की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने MD की पढ़ाई की तभी मन में आईएएस बनने का ख्याल आया और तैयारी शुरू कर दी. इसके लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाई और एक साल में बिना कोचिंग यूपीएससी की परीक्षा क्रैक कर दी. आइए जानें, आईएएस आर्तिका की स्ट्रेटजी.

परीक्षा की तैयारी करने वालों को अर्तिका सलाह देती हैं कि प्रीलिम्स और मेन्स दोनों को दिमाग में रखकर तैयारी करनी चाहिए. रात में लिखने की प्रैक्टिस के साथ कुछ घंटे मेन्स के लिए साथ में देते रहें. उन्होंने बताया कि आईएएस बनने के लिए उन्होंने खुद को सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी. वो इस दौरान फेसबुक भी इस्तेमाल नहीं करती थीं.

बिना कोचिंग के अर्तिका ने यूपीएससी परीक्षा में टॉप किया है. वो बताती हैं कि तैयारी के लिए कोचिंग से सैंपल पेपर लेकर हल करके भी तैयारी की जा सकती है. वो बताती हैं कि उन्होंने तीन दिन कोचिंग ज्वाइन की थी. ज्यादातर टॉपर मानते हैं कि आईएएस के लिए तैयारी स्कूल स्तर से ही शुरू हो जाती है. कुछ इसी तरह अर्तिका भी मानती हैं कि स्कूल के दिनों से अगर 10वीं स्तर से गणित, अंग्रेजी और जनरल स्टडी अच्छे से तैयार की जाए तो अभ्यर्थी इस परीक्षा के लिए तैयार हो जाते हैं.

बिना कोचिंग सिर्फ टेस्ट सीरीज की मदद से दिल्ली की लॉ स्टूडेंट सौम्या शर्मा का मुसीबतें पीछा नहीं छोड़ रही थीं. 16 की उम्र में उनकी सुनने की क्षमता चली गई थी. किसी तरह तैयारी करके जनरल कैटेगरी से फॉर्म भरा, एग्जाम के दिन ही उन्हें 102 डिग्री वायरल फीवर हो गया. लेकिन, फिर भी अपनी स्ट्रैटजी पर यकीन था, इसलिए परीक्षा नहीं छोड़ी. फिर पहले ही अटेंप्ट में वो नौवीं रैंक से UPSC टॉपर बन गईं. आइए जानें उनकी स्ट्रैटजी.

सौम्या कहती हैं कि यूपीएससी के लिए सेल्फ स्टडी से अच्छा कोई विकल्प नहीं है. अगर आपने मन में ठान लिया है कि आपको यूपीएससी निकालना है तो सिलेबस और स्टडी मैटे‍रियल अपने पास रख‍िए और पढ़ाई में जुट जाइए.

पढ़ती थीं ये दो न्यूजपेपर
सौम्या बताती हैं कि मैं सिलेबस से पढ़ाई के साथ घर पर हर दिन दो न्यूजपेपर पढ़ती थी. एक था द हिंदू और दूसरा इंडियन एक्सप्रेस जिससे मुझे मदद मिलती थी. इसके अलावा योजना मैगजीन और कुछ वेबसाइट की मदद से तैयारी की. मेन्स के लिए जरूरी है कि आप आंसर राइटिंग में परफेक्ट हों. मैंने कोचिंग नहीं ली, टेस्ट सीरीज की मदद से मैंने इसकी तैयारी की. इसमें मैंने सही समय पर सभी सवालों के सटीक जवाब देने की प्रैक्टिस...

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IAS Toppers की IAS Prelims की रणनीति
IAS Toppers की रणनीति को IAS उम्मीदवार अक्सर IAS Exam पास करने की प्रभावी मूल योजना के रुप में देखते हैं। IAS उम्मीदवारों को IAS Toppers द्वारा सुझाई गयी किताबो अथवा अन्य अध्ययन सामग्रियों पर ध्यान देना चाहिए। यहां हम IAS Toppers द्वारा अपनाई गयी IAS Prelims Exam की रणनीति प्रस्तुत कर रहे हैं।
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IAS Toppers को अक्सर हमारे देश के मेहनती छात्रों के लिए रोल मॉडल के रूप में माना जाता है। IAS उम्मीदवारों को IAS Toppers द्वारा पढ़ी गयीं पुस्तकों, उनके द्वारा उपयोग में लाये गए विभीन्न स्रोतों और अध्ययन सामग्री के बारे में जानना चाहिए एवं उन्हें उपयोग में लाना चाहिए.

IAS Toppers की प्रभावी रणनीति का अनुसरण भी उनकी सफलता में योगदान दे सकता है। यहां हम IAS Toppers जैसे जसमीत सिंह संधू, इरा सिंघल, नितिन संगवान इत्यादि द्वारा अपनाई गयी IAS Prelims Exam की रणनीति प्रस्तुत कर रहे हैं।

जसमीत सिंह संधू सीएसई परीक्षा 2015 में 3rd रैंक धारक हैं। जसमीत सिंह संधू IIT Roorkee के एक इंजीनियर हैं और वर्तमान में एक IRS अधिकारी हैं और सहायक आयुक्त के रूप में तैनात हैं। उन्होंने अपने IAS के चौथे प्रयास में रैंक 3 हासिल किया है, लेकिन वह सिविल सेवा परीक्षा में लगातार प्रदर्शन करते रहे हैं।

IAS Prelims की अपनी रणनीति के बारे में वे कहते हैं कि IAS परीक्षा के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण होना बहुत महत्वपूर्ण है और इसलिए उम्मीदवारों को IAS Prelims, IAS मुख्य परीक्षा और IAS साक्षात्कार के लिए एकीकृत एवं व्यापक तैयारी करनी चाहिए। 

सिद्धार्थ जैन (RANK 13, सीएसई-2015)

सिद्धार्थ जैन IIT Roorkee से मैकेनिकल इंजीनियर हैं और उन्होंने 2015 में सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की है। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 13वी रैंक हासिल की है और आशा व्यक्त की कि वह कई उम्मीदवारों को इसे उत्तीर्ण करने के लिए प्रेरित करे।

IAS Prelims की तैयारी के बारे में वह सुझाव देते हैं कि उम्मीदवारों को अपनी सोचने की शैली में सुधार करना चाहिए तथा उन बातों को भी समझना चाहिए जो सीधे सीधे नही कही गयीं हो यानि जिनका अर्थ निहित हो. IAS Prelims में कई प्रश्नों को केवल विकल्पों के माध्यम से हल किया जा सकता है जिसका अभ्यास करना बहुत आवश्यक है। उस सहज कौशल को सुधारने के लिए, IAS उम्मीदवारों को बहुत सारे mock test देने चाहिए। इसके अलावा, IAS उम्मीदवारों को बुनियादी अध्ययन सामग्री जैसे NCERT और बुनियादी पुस्तकों को अच्छी तरह पड़ना चाहिए।

सिविल सेवा
IAS Toppers की IAS Prelims की रणनीति
IAS Toppers की रणनीति को IAS उम्मीदवार अक्सर IAS Exam पास करने की प्रभावी मूल योजना के रुप में देखते हैं। IAS उम्मीदवारों को IAS Toppers द्वारा सुझाई गयी किताबो अथवा अन्य अध्ययन सामग्रियों पर ध्यान देना चाहिए। यहां हम IAS Toppers द्वारा अपनाई गयी IAS Prelims Exam की रणनीति प्रस्तुत कर रहे हैं।

 Toppers को अक्सर हमारे देश के मेहनती छात्रों के लिए रोल मॉडल के रूप में माना जाता है। IAS उम्मीदवारों को IAS Toppers द्वारा पढ़ी गयीं पुस्तकों, उनके द्वारा उपयोग में लाये गए विभीन्न स्रोतों और अध्ययन सामग्री के बारे में जानना चाहिए एवं उन्हें उपयोग में लाना चाहिए.

IAS Toppers की प्रभावी रणनीति का अनुसरण भी उनकी सफलता में योगदान दे सकता है। यहां हम IAS Toppers जैसे जसमीत सिंह संधू, इरा सिंघल, नितिन संगवान इत्यादि द्वारा अपनाई गयी IAS Prelims Exam की रणनीति प्रस्तुत कर रहे हैं।

Jasmeet singh IASजसमीत सिंह संधू (RANK 3, सीएसई -2015)

जसमीत सिंह संधू सीएसई परीक्षा 2015 में 3rd रैंक धारक हैं। जसमीत सिंह संधू IIT Roorkee के एक इंजीनियर हैं और वर्तमान में एक IRS अधिकारी हैं और सहायक आयुक्त के रूप में तैनात हैं। उन्होंने अपने IAS के चौथे प्रयास में रैंक 3 हासिल किया है, लेकिन वह सिविल सेवा परीक्षा में लगातार प्रदर्शन करते रहे हैं।

IAS Prelims की अपनी रणनीति के बारे में वे कहते हैं कि IAS परीक्षा के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण होना बहुत महत्वपूर्ण है और इसलिए उम्मीदवारों को IAS Prelims, IAS मुख्य परीक्षा और IAS साक्षात्कार के लिए एकीकृत एवं व्यापक तैयारी करनी चाहिए। अधिक जानने के लिए देखें विडियो..

UPSC Rank 3 Jasmeet Singh Sandhu's Prelims Strategy

IAS Tips by Siddharth Jainसिद्धार्थ जैन (RANK 13, सीएसई-2015)

सिद्धार्थ जैन IIT Roorkee से मैकेनिकल इंजीनियर हैं और उन्होंने 2015 में सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की है। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 13वी रैंक हासिल की है और आशा व्यक्त की कि वह कई उम्मीदवारों को इसे उत्तीर्ण करने के लिए प्रेरित करे।

IAS Prelims की तैयारी के बारे में वह सुझाव देते हैं कि उम्मीदवारों को अपनी सोचने की शैली में सुधार करना चाहिए तथा उन बातों को भी समझना चाहिए जो सीधे सीधे नही कही गयीं हो यानि जिनका अर्थ निहित हो. IAS Prelims में कई प्रश्नों को केवल विकल्पों के माध्यम से हल किया जा सकता है जिसका अभ्यास करना बहुत आवश्यक है। उस सहज कौशल को सुधारने के लिए, IAS उम्मीदवारों को बहुत सारे mock test देने चाहिए। इसके अलावा, IAS उम्मीदवारों को बुनियादी अध्ययन सामग्री जैसे NCERT और बुनियादी पुस्तकों को अच्छी तरह पड़ना चाहिए। अधिक जानने के लिए देखें विडियो..

IAS Topper 2015 Siddharth Jain Shares IAS Prelims Strategy

Nitin Sangwan IASनितिन सांगवान (RANK 28, सीएसई - 2015)

नितिन संगवान सीएसई परीक्षा 2015 में 28वीं रैंक धारक हैं। नितिन संगवान ने चाकरी दादरी हरियाणा से अपनी पढ़ाई की थी। उन्होंने IIT MADRAS से MBA किया था और इससे पहले, उन्होंने हरियाणा के इंजीनियरिंग कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की है। IAS Exam देने के समय वह 27 साल की आयु को पार कर चुके थे और IAS परीक्षा की तैयारी करने के समय वो इन्फोसिस में काम कर रहे थे।

IAS Prelims की तैयारी के बारे में वे कहते हैं, IAS Prelims के लिए विशेष रूप से कोचिंग लेना, IAS Prelims परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए अनिवार्य नहीं है। इसके अलावा, एक समर्पित IAS उम्मीदवार ऑनलाइन स्रोतों से मार्गदर्शन लेकर और UPSC द्वारा दिए गए Syllabus का विश्लेषण करके परीक्षा को उत्तीर्ण कर सकता है। वह बताते है कि IAS Prelims में विषय विशिष्ट ज्ञान की आवश्यकता होती है और इसलिए सभी विषयों को तैयार किया जाना चाहिए। 

इरा सिंघल (RANK 1, सीएसई -2014)

ईरा सिंघल की UPSC IAS परीक्षा 2014 में प्रथम रैंक है और उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने के लिए सभी बाधाओं को पार किया है। वह बताती है कि उम्मीदवारों को IAS की तैयारी का आनंद लेना चाहिए ताकि वे स्वयं पर दबाव न महसूस करें। इसके अलावा, उन्होंने उम्मीदवारों को सलाह दी कि वे किसी भी विषय के बारे में पूर्वानुमान न लगायें तथा पूरे IAS syllabus पर ध्यान दे ताकि परीक्षा में वोआश्चर्यचकित न हो।

सिविल सेवा
IAS Toppers की IAS Prelims की रणनीति
IAS Toppers की रणनीति को IAS उम्मीदवार अक्सर IAS Exam पास करने की प्रभावी मूल योजना के रुप में देखते हैं। IAS उम्मीदवारों को IAS Toppers द्वारा सुझाई गयी किताबो अथवा अन्य अध्ययन सामग्रियों पर ध्यान देना चाहिए। यहां हम IAS Toppers द्वारा अपनाई गयी IAS Prelims Exam की रणनीति प्रस्तुत कर रहे हैं।

 Toppers को अक्सर हमारे देश के मेहनती छात्रों के लिए रोल मॉडल के रूप में माना जाता है। IAS उम्मीदवारों को IAS Toppers द्वारा पढ़ी गयीं पुस्तकों, उनके द्वारा उपयोग में लाये गए विभीन्न स्रोतों और अध्ययन सामग्री के बारे में जानना चाहिए एवं उन्हें उपयोग में लाना चाहिए.

IAS Toppers की प्रभावी रणनीति का अनुसरण भी उनकी सफलता में योगदान दे सकता है। यहां हम IAS Toppers जैसे जसमीत सिंह संधू, इरा सिंघल, नितिन संगवान इत्यादि द्वारा अपनाई गयी IAS Prelims Exam की रणनीति प्रस्तुत कर रहे हैं।

Jasmeet singh IASजसमीत सिंह संधू (RANK 3, सीएसई -2015)

जसमीत सिंह संधू सीएसई परीक्षा 2015 में 3rd रैंक धारक हैं। जसमीत सिंह संधू IIT Roorkee के एक इंजीनियर हैं और वर्तमान में एक IRS अधिकारी हैं और सहायक आयुक्त के रूप में तैनात हैं। उन्होंने अपने IAS के चौथे प्रयास में रैंक 3 हासिल किया है, लेकिन वह सिविल सेवा परीक्षा में लगातार प्रदर्शन करते रहे हैं।

IAS Prelims की अपनी रणनीति के बारे में वे कहते हैं कि IAS परीक्षा के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण होना बहुत महत्वपूर्ण है और इसलिए उम्मीदवारों को IAS Prelims, IAS मुख्य परीक्षा और IAS साक्षात्कार के लिए एकीकृत एवं व्यापक तैयारी करनी चाहिए। अधिक जानने के लिए देखें विडियो..

UPSC Rank 3 Jasmeet Singh Sandhu's Prelims Strategy

IAS Tips by Siddharth Jainसिद्धार्थ जैन (RANK 13, सीएसई-2015)

सिद्धार्थ जैन IIT Roorkee से मैकेनिकल इंजीनियर हैं और उन्होंने 2015 में सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की है। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 13वी रैंक हासिल की है और आशा व्यक्त की कि वह कई उम्मीदवारों को इसे उत्तीर्ण करने के लिए प्रेरित करे।

IAS Prelims की तैयारी के बारे में वह सुझाव देते हैं कि उम्मीदवारों को अपनी सोचने की शैली में सुधार करना चाहिए तथा उन बातों को भी समझना चाहिए जो सीधे सीधे नही कही गयीं हो यानि जिनका अर्थ निहित हो. IAS Prelims में कई प्रश्नों को केवल विकल्पों के माध्यम से हल किया जा सकता है जिसका अभ्यास करना बहुत आवश्यक है। उस सहज कौशल को सुधारने के लिए, IAS उम्मीदवारों को बहुत सारे mock test देने चाहिए। इसके अलावा, IAS उम्मीदवारों को बुनियादी अध्ययन सामग्री जैसे NCERT और बुनियादी पुस्तकों को अच्छी तरह पड़ना चाहिए। अधिक जानने के लिए देखें विडियो..

IAS Topper 2015 Siddharth Jain Shares IAS Prelims Strategy

Nitin Sangwan IASनितिन सांगवान (RANK 28, सीएसई - 2015)

नितिन संगवान सीएसई परीक्षा 2015 में 28वीं रैंक धारक हैं। नितिन संगवान ने चाकरी दादरी हरियाणा से अपनी पढ़ाई की थी। उन्होंने IIT MADRAS से MBA किया था और इससे पहले, उन्होंने हरियाणा के इंजीनियरिंग कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की है। IAS Exam देने के समय वह 27 साल की आयु को पार कर चुके थे और IAS परीक्षा की तैयारी करने के समय वो इन्फोसिस में काम कर रहे थे।

IAS Prelims की तैयारी के बारे में वे कहते हैं, IAS Prelims के लिए विशेष रूप से कोचिंग लेना, IAS Prelims परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए अनिवार्य नहीं है। इसके अलावा, एक समर्पित IAS उम्मीदवार ऑनलाइन स्रोतों से मार्गदर्शन लेकर और UPSC द्वारा दिए गए Syllabus का विश्लेषण करके परीक्षा को उत्तीर्ण कर सकता है। वह बताते है कि IAS Prelims में विषय विशिष्ट ज्ञान की आवश्यकता होती है और इसलिए सभी विषयों को तैयार किया जाना चाहिए। अधिक जानने के लिए देखें विडियो..

Nitin Sangwan's Tips and Strategies for IAS Prelims

Ira Singhal IASइरा सिंघल (RANK 1, सीएसई -2014)

ईरा सिंघल की UPSC IAS परीक्षा 2014 में प्रथम रैंक है और उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने के लिए सभी बाधाओं को पार किया है। वह बताती है कि उम्मीदवारों को IAS की तैयारी का आनंद लेना चाहिए ताकि वे स्वयं पर दबाव न महसूस करें। इसके अलावा, उन्होंने उम्मीदवारों को सलाह दी कि वे किसी भी विषय के बारे में पूर्वानुमान न लगायें तथा पूरे IAS syllabus पर ध्यान दे ताकि परीक्षा में वोआश्चर्यचकित न हो। अधिक जानने के लिए देखें विडियो..

Ira Singhal's Tips and Strategies for IAS Prelims

NISHANT JAIN IASनिशांत जैन (RANK 13, सीएसई -2014)

निशांत जैन की UPSC सीएसई IAS परीक्षा 2014 में 13वीं रैंक है। उन्होंने संसद में हिंदी सहायक के रूप में काम किया है और उनका मानना है कि जीवन में धीरे धीरे ही प्रगति होती है। उनके अनुसार, CSAT पेपर के क्वालीफाइंग किये जाने के बाद से सामान्य अध्यन का महत्व बहुत बढ़ गया है। IAS की तैयारी में उन्होंने कला और संस्कृति के टॉपिक्स और पर्यावरण के महत्वपूर्ण अंशों को ज्यादा महत्व दिया। अन्त में, उन्होंने कई mock test पेपर्स से अभ्यास किया। 

सिविल सेवा
IAS Toppers की IAS Prelims की रणनीति
IAS Toppers की रणनीति को IAS उम्मीदवार अक्सर IAS Exam पास करने की प्रभावी मूल योजना के रुप में देखते हैं। IAS उम्मीदवारों को IAS Toppers द्वारा सुझाई गयी किताबो अथवा अन्य अध्ययन सामग्रियों पर ध्यान देना चाहिए। यहां हम IAS Toppers द्वारा अपनाई गयी IAS Prelims Exam की रणनीति प्रस्तुत कर रहे हैं।

 Toppers को अक्सर हमारे देश के मेहनती छात्रों के लिए रोल मॉडल के रूप में माना जाता है। IAS उम्मीदवारों को IAS Toppers द्वारा पढ़ी गयीं पुस्तकों, उनके द्वारा उपयोग में लाये गए विभीन्न स्रोतों और अध्ययन सामग्री के बारे में जानना चाहिए एवं उन्हें उपयोग में लाना चाहिए.

IAS Toppers की प्रभावी रणनीति का अनुसरण भी उनकी सफलता में योगदान दे सकता है। यहां हम IAS Toppers जैसे जसमीत सिंह संधू, इरा सिंघल, नितिन संगवान इत्यादि द्वारा अपनाई गयी IAS Prelims Exam की रणनीति प्रस्तुत कर रहे हैं।

Jasmeet singh IASजसमीत सिंह संधू (RANK 3, सीएसई -2015)

जसमीत सिंह संधू सीएसई परीक्षा 2015 में 3rd रैंक धारक हैं। जसमीत सिंह संधू IIT Roorkee के एक इंजीनियर हैं और वर्तमान में एक IRS अधिकारी हैं और सहायक आयुक्त के रूप में तैनात हैं। उन्होंने अपने IAS के चौथे प्रयास में रैंक 3 हासिल किया है, लेकिन वह सिविल सेवा परीक्षा में लगातार प्रदर्शन करते रहे हैं।

IAS Prelims की अपनी रणनीति के बारे में वे कहते हैं कि IAS परीक्षा के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण होना बहुत महत्वपूर्ण है और इसलिए उम्मीदवारों को IAS Prelims, IAS मुख्य परीक्षा और IAS साक्षात्कार के लिए एकीकृत एवं व्यापक तैयारी करनी चाहिए। अधिक जानने के लिए देखें विडियो..

UPSC Rank 3 Jasmeet Singh Sandhu's Prelims Strategy

IAS Tips by Siddharth Jainसिद्धार्थ जैन (RANK 13, सीएसई-2015)

सिद्धार्थ जैन IIT Roorkee से मैकेनिकल इंजीनियर हैं और उन्होंने 2015 में सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की है। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 13वी रैंक हासिल की है और आशा व्यक्त की कि वह कई उम्मीदवारों को इसे उत्तीर्ण करने के लिए प्रेरित करे।

IAS Prelims की तैयारी के बारे में वह सुझाव देते हैं कि उम्मीदवारों को अपनी सोचने की शैली में सुधार करना चाहिए तथा उन बातों को भी समझना चाहिए जो सीधे सीधे नही कही गयीं हो यानि जिनका अर्थ निहित हो. IAS Prelims में कई प्रश्नों को केवल विकल्पों के माध्यम से हल किया जा सकता है जिसका अभ्यास करना बहुत आवश्यक है। उस सहज कौशल को सुधारने के लिए, IAS उम्मीदवारों को बहुत सारे mock test देने चाहिए। इसके अलावा, IAS उम्मीदवारों को बुनियादी अध्ययन सामग्री जैसे NCERT और बुनियादी पुस्तकों को अच्छी तरह पड़ना चाहिए। अधिक जानने के लिए देखें विडियो..

IAS Topper 2015 Siddharth Jain Shares IAS Prelims Strategy

Nitin Sangwan IASनितिन सांगवान (RANK 28, सीएसई - 2015)

नितिन संगवान सीएसई परीक्षा 2015 में 28वीं रैंक धारक हैं। नितिन संगवान ने चाकरी दादरी हरियाणा से अपनी पढ़ाई की थी। उन्होंने IIT MADRAS से MBA किया था और इससे पहले, उन्होंने हरियाणा के इंजीनियरिंग कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की है। IAS Exam देने के समय वह 27 साल की आयु को पार कर चुके थे और IAS परीक्षा की तैयारी करने के समय वो इन्फोसिस में काम कर रहे थे।

IAS Prelims की तैयारी के बारे में वे कहते हैं, IAS Prelims के लिए विशेष रूप से कोचिंग लेना, IAS Prelims परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए अनिवार्य नहीं है। इसके अलावा, एक समर्पित IAS उम्मीदवार ऑनलाइन स्रोतों से मार्गदर्शन लेकर और UPSC द्वारा दिए गए Syllabus का विश्लेषण करके परीक्षा को उत्तीर्ण कर सकता है। वह बताते है कि IAS Prelims में विषय विशिष्ट ज्ञान की आवश्यकता होती है और इसलिए सभी विषयों को तैयार किया जाना चाहिए। अधिक जानने के लिए देखें विडियो..

Nitin Sangwan's Tips and Strategies for IAS Prelims

Ira Singhal IASइरा सिंघल (RANK 1, सीएसई -2014)

ईरा सिंघल की UPSC IAS परीक्षा 2014 में प्रथम रैंक है और उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने के लिए सभी बाधाओं को पार किया है। वह बताती है कि उम्मीदवारों को IAS की तैयारी का आनंद लेना चाहिए ताकि वे स्वयं पर दबाव न महसूस करें। इसके अलावा, उन्होंने उम्मीदवारों को सलाह दी कि वे किसी भी विषय के बारे में पूर्वानुमान न लगायें तथा पूरे IAS syllabus पर ध्यान दे ताकि परीक्षा में वोआश्चर्यचकित न हो। अधिक जानने के लिए देखें विडियो..

Ira Singhal's Tips and Strategies for IAS Prelims

NISHANT JAIN IASनिशांत जैन (RANK 13, सीएसई -2014)

निशांत जैन की UPSC सीएसई IAS परीक्षा 2014 में 13वीं रैंक है। उन्होंने संसद में हिंदी सहायक के रूप में काम किया है और उनका मानना है कि जीवन में धीरे धीरे ही प्रगति होती है। उनके अनुसार, CSAT पेपर के क्वालीफाइंग किये जाने के बाद से सामान्य अध्यन का महत्व बहुत बढ़ गया है। IAS की तैयारी में उन्होंने कला और संस्कृति के टॉपिक्स और पर्यावरण के महत्वपूर्ण अंशों को ज्यादा महत्व दिया। अन्त में, उन्होंने कई mock test पेपर्स से अभ्यास किया। अधिक जानने के लिए देखें विडियो..

Nishant Jain's Tips and Strategies for IAS Prelims

ANANYA MITTAL IASअनन्य मित्तल (RANK 85, सीएसई -2014)

अनन्य मित्तल ने अपनी प्रथम प्रयास में IAS परीक्षा 2014 में सफलता प्रोप्त की और 85वां रैंक हासिल की। उन्होंने अपने अनुभव और रणनीतियों को साझा किया है जो IAS Prelims की परीक्षा के लिए तैयारी के दौरान उम्मीदवारों के लिये सहायक होगा। उनका कहना है कि कम से कम एक साल पहले ही IAS की तैयारी शुरू कर देना चाहिए, ताकि पुर्नावृत्ति के लिए समय शेष हो। उन्होंने पूरे साल IAS Prelims के लिए तैयारी की थी लेकिन अंत के 3 महीने केन्द्रित रूप से IAS Prelims के Syllabus को तैयार किया था।

IAS Prelims के लिए, सामान्य अध्ययन की कुछ मानक किताबें जैसे भारतीय राजव्यवस्था के लिए लक्ष्मीकांत, आधुनिक इतिहास की स्पेक्ट्रम को पड़ना आवश्यक माना है और mock test से अभ्यास करने पर इन्होने भी जोर दिया है।

आदित्य रंजन (RANK 99, सीएसई -2014)

आदित्य रंजन एक कंप्यूटर इंजिनियर हैं, जो की एक एमएनसी में कार्यरत थे जब उन्होंने IAS परीक्षा 2014 में 99वां रैंक हासिल की । उनकी रणनीति पारंपरिक थी तथा उन्होंने IAS Prelims के Syllabus को बहुत अच्छी तरह से तैयार किया था। उनका मानना है कि पहले पारंपरिक टॉपिक्स पर पकड़ बनाओ, फिर करंट अफेयर्स की तैयारी करें क्योंकि  करंट अफेयर्स अधिक अप्रत्याशित होता है। CSAT के लिए उन्होंने इंजीनियरिंग की पृष्ठभूमि होने की वजह से ज्यादा प्रयास नहीं किया, लेकिन उन्होंने भी IAS Prelims परीक्षा के लगभग 10-12 mock test paper से अभ्यास किया था। 

रिशव गुप्ता (रैंक 37, सीएसई -2013)

रिशव गुप्ता ने IAS परीक्षा 2013 में 85वां रैंक हासिल किया। IAS Prelims के लिए उनकी रणनीति बहुत ही मूलभूत थी क्योंकि उन्होंने सभी विषयों के आधारभूत टॉपिक्स पर अधिक बल दिया। उनका मानना था कि IAS Prelims की तैयारी में IAS अभ्यर्थी को सभी विषयों की जानकारी होनी चाहिए।

निष्कर्ष

उपरोक्त सभी IAS Prelims की रणनीतियाँ अपने आप में बहुत ही विविध हैं और यह IAS अभ्यर्थियों को भ्रमित भी कर सकती हैं। इसलिए सभी अभ्यर्थि को अपनी कुशलताओं और कमियों को आंक कर ही इन रणनीतियों का अनुसरण करना चाहिए। इन सभी रणनीतियों का मूल एक ही सच्चाई है कि सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं है और सफल होने के लिए सभी को कठिन परिश्रम करना अनिवार्य है।

सभी उपरोक्त रणनीतियों का सारांश यह भी है कि सभी IAS उम्मीदवारों को दुनिया में घट रहीं सामाजिक आर्थिक घटनाओं पर विशेष ध्यान बनाये रखना चाहिए। इसके अलावा, IAS उम्मीदवारों को अर्थशास्त्र और राजनीति के मजबूत मौलिक सिद्धांतों को मौजूदा मुद्दों के साथ सम्बन्ध स्थापित करना आना चाहिए... 


यूपीएससी परीक्षा पास करने के लिए क्या नहीं करना चाहिए.??
------------------------------------------------------------------
1. ऑनलाइन फ़ोरम में समय बर्बाद करना , अप्रासंगिक मुद्दों पर बहस करना, जिनका आपकी UPSC तैयारी पर कोई असर नहीं है,

और अपने ज्ञान ’के साथ लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकांश लोगों के लिए समय की कुल बर्बादी है।

2. दैनिक समाचार पत्र को पाठ्यपुस्तक की तरह पढ़ने की कोशिश करना,

यह सोचना कि हर जगह से सीधे प्रश्न पूछे जाएंगे। अधिकांश दिनों में, अखबार का केवल 20-30% (द हिंदू / इंडियन एक्सप्रेस) प्रासंगिक है - संपादकीय के कुछ जोड़े, कुछ राष्ट्रीय / अंतर्राष्ट्रीय समाचार, और अर्थव्यवस्था पृष्ठ से कुछ।

3. सिलेबस को ठीक से नहीं पढ़ना और पूरी किताबों को कवर से कवर करने की कोशिश करना।

4. कुछ विषयों में अतिउत्साह की ओर जाना , और कुछ में जागरूकता की कमी है। बहुत बड़ी गलती।

5. प्रत्येक दृष्टिकोण से टॉपर्स स्ट्रेटेजीज़ ’का पालन करने की कोशिश करना - वे कितने घंटे सोते हैं , वे क्या खाते हैं, वे कौन सी फिल्में देखते हैं, नोट लेने के लिए वे किस सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं, आदि एक विनाशकारी नीति है।

अंतिम मेरिट सूची में आने का एकमात्र तरीका 'विशिष्ट' होना है। 'सफल लोगों' की नकल करने की कोशिश करेंगे, तो आप निश्चित रूप से दौड़ से बाहर हो जाएंगे। बस उनकी रणनीतियों से संकेत लें, और अपनी तैयारी करें।

6. तकनीकी सामानों को महत्वहीन करने के लिए बहुत अधिक समय देना - क्या मुझे नोट लेने के लिए वन नोट या एवरनोट का उपयोग करना चाहिए?

क्या मुझे यह टेस्ट सीरीज लेनी चाहिए या वह?

क्या मुझे उस कोचिंग में भी शामिल होना चाहिए जो मेरा दोस्त भाग ले रहा है? कितने घंटे पढ़ाई करनी है?

7. पूरे पाठ्यक्रम पर ध्यान केंद्रित किए बिना, कुछ विषयों / विषयों पर एक विद्वान बनने की कोशिश करते हुए, इंटरनेट पर बहुत अधिक समय बिताना।

8. प्रीलिम्स क्वालिफाई करने के बाद विस्तृत आवेदन पत्र (DAF) पूरा करने में तीन सप्ताह का समय बिताना,

Mains के लिए कड़ी मेहनत करने के बजाय।

9. आईएएस बनने पर किन योजनाओं और नीतियों को लागू करने का सपना देख रहे हैं,

अधिकारियों को किस तरह की कारें मिलती हैं, भविष्य में किस तरह का जीवनसाथी मिलता है।

इन मुद्दों पर समय बर्बाद करने के बजाय एक अच्छी फिल्म देखना बेहतर है |

10. अनावश्यक संख्या में किताबें खरीदना और अलमारी को भरना, और आपके आने-जाने वाले लोगों को प्रभावित करना।

बाद में, आपके द्वारा खरीदी गई पुस्तकों की संख्या से अभिभूत हो जाना और वास्तव में उनके साथ कुछ भी नहीं करना।

11. बहुत अधिक सामान पढ़ना, अप्रासंगिक जानकारी / तथ्यों / आंकड़ों के साथ अपने सिर को रटना और पर्याप्त उत्तर लिखने का अभ्यास न करना।

12. यह सोचकर समय बर्बाद करना कि क्या एक बार क्लीयर प्रिलिम्स या मेन्स को क्लियर किए बिना भी आपका प्रोफाइल इंटरव्यू में अच्छा लगेगा।


यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के लिए कौन सी किताबें पढ़नी चाहिए.??
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UPSC की प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्नपत्र होता है - ‘सामान्य अध्ययन’ और ‘सिविल सेवा बोधगम्यता परीक्षा(CSAT)’। छात्रों को मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करना जरुरी ही होता है। इसका अंक मेरिट लिस्ट में भले नहीं जुड़ता हो लेकिन अगली सीढ़ी तक आपको पहुँचाने में इसकी भूमिका सबसे अहम होगी।

◆सामान्य अध्ययन -

०NCERT की कक्षा 6–12 तक की पाठ्यपुस्तक।

०प्राचीन भारत का इतिहास - रामशरण शर्मा।

०स्पेक्ट्रम प्रकाशन की प्राचीन,मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास।

०भारतीय राजनीति - एम. लक्ष्मीकांत।

०भारत का संविधान - डी.डी. बसु।

०भारत का भूगोल - माजिद हुसैन।

०विश्व का भूगोल - माजिद हुसैन।

०भौतिक भूगोल - सविंद्र सिंह।

०भारतीय अर्थशास्त्र - रमेश सिंह।

०भारतीय अर्थशास्त्र - दत्त एवं सुंदरम।

◆सिविल सेवा बोधगम्यता परीक्षा (CSAT) -

०संख्यात्मक अभियोग्यता - अरुण शर्मा।

०संख्यात्मक अभियोग्यता - आर.एस. अग्रवाल।

०तर्कशक्ति - आर.एस. अग्रवाल।

अरिहंत प्रकाशन द्वारा CSAT पर प्रकाशित अन्य पुस्तकों का भी संभव हो तो हल करने का प्रयास करें।

◆समाचार-पत्र एवं पत्रिकाएं -

●किसी भी एक समाचारपत्र के राष्ट्रीय संस्करण का दैनिक रूप से अध्ययन करे। दैनिक जागरण,हिंदुस्तान,दैनिक भास्कर या नवभारत टाइम्स में से किसी एक को अपने जीवनशैली का हिस्सा बना लें।

अंग्रेजी माध्यम वाले छात्र द हिन्दू या इंडियन एक्सप्रेस का नियमित अध्ययन करें।

●प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित ‛योजना’ और ‛कुरुक्षेत्र’ पत्रिका तैयार के दौरान सरकारी रिपोर्ट तथा आंकड़ों के सन्दर्भ में विशेष लाभप्रद है। इसके साथ ही ‛विज्ञान प्रगति’, ‛साइंस रिपोर्टर’ तथा ‛डाउन टू अर्थ’ भी फायदेमंद है।

इन सब के साथ साथ अपने विचारों को सीमित न बनाएं रखे,क्योंकि UPSC बहुत ही जांच परख के साथ ही आपको अगले पड़ाव पहुँचने का सुअवसर देती है। इसलिए इसे हलके में न लेकर तन्मयता से लग जाए।

भारतीय सेना 10 सर्वश्रेष्ठ अनमोल वचन


भारतीय सेना 10 सर्वश्रेष्ठ अनमोल वचन: अवश्य पढें।
इन्हें पढकर सच्चे गर्व की अनुभूति होती है...


1.
" *मैं तिरंगा फहराकर वापस आऊंगा या फिर तिरंगे में लिपटकर आऊंगा, लेकिन मैं वापस अवश्य आऊंगा।*"
- कैप्टन विक्रम बत्रा,
  परम वीर चक्र
2.
" *जो आपके लिए जीवनभर का असाधारण रोमांच है, वो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी है।* "
- लेह-लद्दाख राजमार्ग पर साइनबोर्ड (भारतीय सेना)
3.
" *यदि अपना शौर्य सिद्ध करने से पूर्व मेरी मृत्यु आ जाए तो ये मेरी कसम है कि मैं मृत्यु को ही मार डालूँगा।*"
- कैप्टन मनोज कुमार पाण्डे,
परम वीर चक्र, 1/11 गोरखा राइफल्स
4.
" *हमारा झण्डा इसलिए नहीं फहराता कि हवा चल रही होती है, ये हर उस जवान की आखिरी साँस से फहराता है जो इसकी रक्षा में अपने प्राणों का उत्सर्ग कर देता है।*"
- भारतीय सेना
5.
" *हमें पाने के लिए आपको अवश्य ही अच्छा होना होगा, हमें पकडने के लिए आपको तीव्र होना होगा, किन्तु हमें जीतने के लिए आपको अवश्य ही बच्चा होना होगा।*"
- भारतीय सेना
6.
" *ईश्वर हमारे दुश्मनों पर दया करे, क्योंकि हम तो करेंगे नहीं।"*
- भारतीय सेना
7.
" *हमारा जीना हमारा संयोग है, हमारा प्यार हमारी पसंद है, हमारा मारना हमारा व्यवसाय है।*
- अॉफीसर्स ट्रेनिंग अकादमी, चेन्नई
8.
" *यदि कोई व्यक्ति कहे कि उसे मृत्यु का भय नहीं है तो वह या तो झूठ बोल रहा होगा या फिर वो इंडियन आर्मी का  ही होगा।*"
- फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ
9.
" *आतंकवादियों को माफ करना ईश्वर का काम है, लेकिन उनकी ईश्वर से मुलाकात करवाना हमारा काम है।*"
- भारतीय सेना
10.
" *इसका हमें अफसोस है कि अपने देश को देने के लिए हमारे पास केवल एक ही जीवन है।

IAS_MOTIVATION

IAS_MOTIVATION

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मेरे सर कहा करते है कि ज्ञान की प्यास इतनी बढ़ाओ की बुझ ना पाये.............
किताबों से तब तक जुड़े रहो,, जब तक मंज़िल मिल जाए ......!!

इतिहास के लिये कक्षा नौ (9th) से लेकर कक्षा बारह (12th) तक की NCERT किताबें व स्पेक्ट्रम की "आधुनिक भारत का संक्षिप्त इतिहास" और बिपिन चंद्रा की "आजादी के बाद का भारत" पुस्तकें उपयोगी होंगी। ध्यान रहे कि नये सिलेबस में स्वतंत्रता के बाद के इतिहास के बारे में भी पूंछा जाता है तो यदि हो सके तो रामचंद्र गुहा की "भारत गांधी के बाद" का भी अध्ययन कर सकते हैं।

भूगोल के लिये भी कक्षा नौ (9th) से लेकर बारह (12th) तक की NCERT किताबें और यदि इसके बाद भी आवश्यकता पड़े तो महेश बर्णवाल या माजिद हुसैन की किताबों से अधययन किया जा सकता है।

राज्यव्यवस्था की तैयारी के लिये हम एम० लक्ष्मीकांत की "भारतीय राज्यव्यवस्था" और मेन्स एग्जाम के पेपर - 2 के लिये "भारतीय शासन" पढ़ सकते हैं जिसमें की अधिकार संबंधी मुद्दों को ध्यान से पढ़े।

अर्थव्यवस्था भाग के लिये रमेश सिंह अथवा लाल एंड लाल की किताब, कक्षा नौ (9th) से लेकर बारह (12th) तक की NCERT किताबें और भारत सरकार द्वारा प्रकाशित "आर्थिक सर्वेक्षण" कि और "बजट" इत्यादि से तैयारे कर सकते हैं।

Best of luck...

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जीवन कठिन #रास्तों से भरा हुआ एक #कल्पना है..?? #जीवन के कठिन #रास्तों से अगर #हिम्मत करके चलते #जाओगे तो #अंत में लोगों से #लाख गुना #बेहतर पाओगे..!!✓✓
✍️ जो इस बात को समझ जाता है उसका जीवन बदल जाता है👇👇
👉 उन लोगों की सलाह #लेना बन्द कर दीजिए जो अपने #जीवन में #सफल और #असफल नहीं हुए हैं.. #क्योंकि अगर आप #सफल #व्यक्ति की #सलाह लेंगे तो वो #आपको वो बातें बताएगा जिसकी वजह से वो #सफल हुआ है और आप यदि #बहुत बार #असफल हुए व्यक्ति से #सलाह लेंगे तो वो आपको वो बातें बताएंगे जिसकी वजह से वो #असफल हुए था.. आप #सफल व्यक्ति की बताई #बातों को #अपनाएं और #असफल व्यक्ति ने जो #गलती की उसे #करने से बचें..  #लेकिन जिस व्यक्ति ने #अपने जीवन में कुछ भी #हासिल ना किया हो उसकी #सलाह कभी ना लें.. #क्योंकि कोई भी व्यक्ति आपको उतना ही सलाह देता है जितना उसके #पास दिमाग़ होता है... 

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इसे पढ़े और इसपर अमल करें, बदलाव तय है..!!👇

✍️ लोगों की #ईर्षा आपकी सफलता को रोक नहीं सकती..। 

  अगर आप उनकी vibrations से डरते हैं...
अगर आप उनसे परेशान होते हैं...
तो आप उनकी vibrations मे उलझ जाते हैं, और तब उनकी वाइब्रेशन आपकी सोच पर असर करती है..।

       अपनी सोच में विश्वास और उनके प्रति सहानुभूति रखे, आपकी सोच आपकी सफलता और भाग्य बनाती है..!!

 ✍️"भगवान मेरा काम हो जाए..
बहुत मेहनत की है, पता नहीं क्या होगा...
पिछली बार भी ठीक नहीं हुआ था..."

यह #कमजोर संकल्प और बोल है..।

"मैं शक्तिशाली आत्मा हूं, मेरा हर #कर्म सही है,
परमात्मा का #ज्ञान और #दुआएं मेरे साथ हैं,
सफलता मेरे लिए #निश्चित है.."

    ध्यान से सोचो.. संकल्प से सिद्धि होती है✓✓

✍️ अगर हमारी भावना और #कर्म सही है,
तो कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है..

  लोग क्या सोचते हैं, क्या बोलते हैं,
इस बात से कभी डरना नहीं ..।
वह अपने कर्म कर रहे हैं, हम अपने कर्म कर रहे हैं.।

सत्य को सिद्ध नहीं करना पड़ता
सत्य के पास खुद को #प्रतक्ष्य करने की ताकत है..!!

✍️ जीवन कठिन #रास्तों से भरा हुआ एक #कल्पना है..?? #जीवन के कठिन #रास्तों से अगर #हिम्मत करके चलते #जाओगे तो #अंत में लोगों से #लाख गुना #बेहतर पाओगे..!!✓✓
✍️ जो इस बात को समझ जाता है उसका जीवन बदल जाता है👇👇
👉 उन लोगों की सलाह #लेना बन्द कर दीजिए जो अपने #जीवन में #सफल और #असफल नहीं हुए हैं.. #क्योंकि अगर आप #सफल #व्यक्ति की #सलाह लेंगे तो वो #आपको वो बातें बताएगा जिसकी वजह से वो #सफल हुआ है और आप यदि #बहुत बार #असफल हुए व्यक्ति से #सलाह लेंगे तो वो आपको वो बातें बताएंगे जिसकी वजह से वो #असफल हुए था.. आप #सफल व्यक्ति की बताई #बातों को #अपनाएं और #असफल व्यक्ति ने जो #गलती की उसे #करने से बचें..  #लेकिन जिस व्यक्ति ने #अपने जीवन में कुछ भी #हासिल ना किया हो उसकी #सलाह कभी ना लें.. #क्योंकि कोई भी व्यक्ति आपको उतना ही सलाह देता है जितना उसके #पास दिमाग़ होता है..!!


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✍️ #ज़िन्दगी में #संघर्ष करने से मत भागो.. ज़िन्दगी #संघर्ष से भरा हुआ है..!!  #हर मुश्किल का डत कर सामना करो क्योंकि 👇
👉 #संघर्षों के साए में; ये जीवन चलता रहता है, जो डरा नहीं, जो थका नहीं, #इतिहास उन्हीं का बनता है..!!✓✓

✍️ #दोस्तों, जीत और #हार #जिंदगी का विधान है और याद रखो की ज़िन्दगी में आप कितनी बार हरे ये कोई मायने नहीं रखता #क्योंकि आप #जीतने के लिए #पैदा हुए हैं

✍️ अगर आज आप  #मेहनत कर रहे हो तो आने वाले कल के बारे में मत सोचो. चलने दो #ज़िन्दगी को #सहजता के साथ, डरते क्यों हो कल से, कल भी #बदलेगा समय #के साथ..!!✓✓

✍️#मैं  Raj sir आपसे पहले भी कहता था और आज भी कह रहा हूं कि अपने #जीवन में हर दिन कुछ नया आजमाओ, क्योंकि 👉#सफल लोगों में एक बात समान होती है कि वह लोग थोड़े में कभी संतुष्ट नहीं होते, और हर रोज कुछ नया करने की #कोशिश में लगे रहते हैं... 
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एक बार फिर से...


हमारे साथ केवल वही लोग रहे ,जिनके अंदर अंत
तक लड़ने का दम हो...बीच मे मैदान छोड़ भागने वालों
के लिए यहा कोई जगह नही है..बहुत लोग मेरे साथ आये और वापिस चले गए , जिन्हें वापिस
जाना है वो अपना रास्ता अलग कर ले.यहां सिर्फ योद्धाओं को जगह है जो या तो मर कर जीतते है या जीत कर.आलोचना किसकी नहीं होती,आलोचना करने वाले कुछ लोग तो सृष्टि के रचनाकार
तक की आलोचना करते है ..अगर आपकी कोई आलोचना करें तो सहज होकर मूल्यांकन
कीजिए ...अगर आप पर की गई
आलोचनात्मक टिप्पणी सकारात्मक हैं तो तहेदिल से
कमेन्ट को स्वीकार कीजिए तथा आलोचना को,आत्मसुधार के रूप में देखिए ..लेकिन कुछ लोग अगर नकारात्मक,आलोचना आपको आहत करने तथा आपका आत्मविश्वास कमजोर,करने के लिए कर रहे हैं,तो उन्हें आक्रामक होकर जबाव देने
के बजाय आप रक्षात्मक रवैया ही अपनाएँ तथा अपने व्यक्तित्व में इतना निखार लाइए कि हवाबाजी में,नकारात्मक आलोचना करने वाला व्यक्ति खुद एक दिन शर्मसार हो जाएं,आज जो आप,
कठिन परिश्रम से ,अपना शरीर जला रहे है न कल
आपके इसी राख़ से आपका सुनहरा भविष्य लिखा जाएगा
और आपके लिए एक महफ़िल जुटेगी और लोग तालियों
की बौछार से आपका अभिनन्दन करेंगे अतः आजको
अगर लोग आपको गाली भी दे दे तो आप दुखी मत होइए.....पूरी ताक़त लगा दो...!!!
आग लगा दो... तूफ़ान पैदा कर दो.🎯विजार्ड🇮🇳Adventurous Soul👈 *अंत मे जीतता वही है जो मरने के लिए तैयार है...

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आज जब छात्र तैयारी की शुरुआत करता है तो उत्साह से भरा हुआ होता है और इसी कारण वह तैयारी की शुरुआत बड़ी तेजी से करता है* और निर्णय लेता है की प्रतिदिन 8 -10 घंटे पढ़ना है और इन घंटों में जाने कितने विषय समायोजित करता है ….वह तैयारी तो तेजी से शुरू करता है पर उसे निरंतर नहीं रख पाता दो या तीन दिन बाद ही उसका उत्साह कम हो जाता है और धीरे धीरे उसकी 8 घंटे की पढाई 6 फिर 5 फिर 4 फिर 2 और फिर 1 घंटे में बदल जाती है क्या इतनी बड़ी शुरुआत करना उचित है ? …

क्या आपका दिमाग पहले से 8 से 10 घंटे लगातार पढ़ने के लिए तैयार है ? शायद नहीं ….. दोस्तों ऐसा सभी के साथ होता है तो कृपया इसमें सुधार कीजिये और पहले दिन की शुरुआत छोटी कीजिये फिर रोज इसमें थोड़ा थोड़ा समय जोड़ते जाइये इस तरह आपकी आदत 8 से 10 घंटे पढ़ने की बन जाएगी और आपका उत्साह भी काम नहीं होगा ….पहले दिन 1 या 2 घंटे से शुरुआत कीजिये फिर 3 ,4 .5 .6 और फिर और आगे बढ़ाते जाइये !इस तरह के उदाहरण आप रोज अपने परिवेश में भी देखते हो ..एक कुशल धावक दौड़ में शुरू के समय धीमे ही दौड़ता है और फिर ज्यो ज्यो लक्ष्य पास आता जाता है अपनी स्पीड बढ़ाता जाता है …..

अरे आप सभी क्रिकेट के तो दीवाने ही होंगे न तो जरा सोचिये जब कोई नया बल्लेबाज क्रीज पर आता है तो क्या वह शुरू की पहली बॉल से छक्का और चौके शुरू कर देता है नहीं न पहले वह परिस्थिति को समझता है , खुद को उस माहौल में ढालता है और एक या दो बॉल धीमे ही खेलता है ….बस यही तो आपको भी करना चाहिए..दोस्तों और एक बात कई लोग एक दिन 8 घंटे पढ़ लेते हैं फिर दूसरे दिन किताब खोलते तक नहीं है कि हमने कल तो इतना सारा पढ़ लिया अब कल पढ़ लेंगे ….ऐसा बिल्कुल मत कीजिये आईएएस निरंतरता मांगता है ..भले ही आप एक दिन में 8 की जगह सिर्फ 4 घंटे ही पढ़ें पर इसे निरंतर बनाये रखें ! 

काम की अल्पता नहीं बल्कि अनियमितता इंसान की असफलता का कारण बनती है ! दोस्तों जिंदगी बहुत छोटी है और हमारे सपने बहुत बड़े तो जायज है हमे तेज चलना होगा …. कहते तो सभी हैं हमे करके दिखाना होगा हर दिन अपनी जिंदगी को एक नया ख्वाब दो , चाहे कोई लौटकर न आये पर आवाज दो , एक दिन पुरे हो ही जायेंगे सारे ख्वाब तुम्हारे , बस हर दिन उन ख्वाबों को एक छोटी शुरुआत तो दो ...

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IAS मूड का बहाना ना बनाएँ ...

आप एक घने जंगल से होकर गुजर रहे है, अचानक शेर की दहाड़ सुनाई देती है। आप यह कहने का साहस जुटा सकते हो कि आज मूड नहीं है इसलिए नहीं दौडूगा।
आपको तैरना नहीं आता और आप पानी में डूब रहे हैं, 
तो आप यह कहने का साहस कर सकते है कि" बचाओ बचाओ " चिल्लाने का मूड नहीं है क्या आप बत्रा धाम घूमने के लिए मूड की इजाज़त लेते हो?

क्या आप शुक्रवार को हिट मूवी का first show देखने के लिए मूड का सहारा लेते हो? 
क्या आप अपनी गर्ल फ्रेंड से बात करने के लिए मूड का सहारा लेते हो नहीं ना तो फिर पढ़ाई में हर बार मूड की हेल्प क्यों? 
आप कोशिश कर देख लीजिए जब भी आप अपने मूड से पूछेंगे, तो कम से कम आधे दिन आपका मन कहेंगा पढ़ने का मन नहीं है, जो असफलता की नींव तैयार करने में मदद करेगा, इसलिए कभी जरूरी काम के लिए मूड की तबीयत ना पूछें।

मैंने कई छात्रों से सुना है ,मैं IAS बनना तो चाहता हूँ, पर पढ़ने में मन नहीं लगता क्या करूँ अगर आपने आईएएस बनने का संकल्प किया है तो इसका मतलब तो यह हुआ ना आपने सबसे कठिन कामों को करने का फैसला किया है।

दोस्तों जैसे मन्दिर में पूजा -पाठ करने के लिए पुजारी कभी मूड का सहारा नहीं लेते, शीत ऋतु में बर्फ जैसे ठंडे पानी में सूर्योदय से पहले नहाकर बैठ जाता है, वह यह काम साल के 365 दिन बिना मूड का सहारा लिए हर रोज़ करता है, उसी तरह आपको बिना बहाना बनाएँ अपने काम को लगन से हर रोज़ करना ही करना है।

इसलिए मित्रों जो काम जरूरी है, उसके लिए मूड का सवाल भी पैदा नहीं होता। मूड के आज से ही दास नहीं मालिक बन जाईये फिर देखिए आपकी मंसूरी की राह कितनी सुगम तथा आसान हो जाती हैं ...

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कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास की जरूरत ... 

 अगर आप एक विद्यार्थी हैं तो मुझे यकीन है आप इस तस्वीर को जरूर पहचानते होंगे. यह पिछले वर्ष की टॉपर सृष्टि जयंत देशमुख है जिन्होंने अपने पहले ही प्रयास में अखिल भारतीय स्तर पर भारत के सबसे कठिन परीक्षा माने जाने वाली  सिविल सेवा परीक्षा में पांचवी रैंक हासिल की थी. अब जब साल भर से अधिक का वक्त एक आईएस के रूप में इन्होंने गुजार लिया है तो कहती है कि 1 सालों का यह सफर बहुत सुहाना रहा हालांकि जिंदगी में कुछ ज्यादा बदलाव आया नहीं है जिस रूप में तैयारी के दौरान बतौर सजग इंसान की तरह पढ़ाई करती थी उसी प्रकार अब जो भी जिम्मेवारी लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (प्रशासन द्वारा) दी गई मैं बखूबी उस काम को करती गई. ( फिलहाल ये LBSNAA में ट्रेनिंग कर रही है ) 

कहा जाता हैं सफलता आपको रातों-रात नहीं मिलती बड़ा परिश्रम, धैर्य और आत्मविश्वास का होना बहुत जरूरत है. सबसे अच्छी बात एक सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं छात्र के लिए यह होती है कि वह पहले से ही एक आईएएस की तरह एक आईपीएस की तरह एक आईएफएस की तरह अपने जीवन को ढाल लेता है. अपने आसपास की उन तमाम गतिविधियों को, तमाम कार्यों को एक अलग दृष्टिकोण से अपने शुरुआती दिनों से ही देखना प्रारंभ कर देता है! जो उसे दूसरे छात्रों से बेहद अलग बनाती है! वो कहते है कि जीवन में कठिनाइयां हर इंसान को आती है कई बार आपको लगेगा कि बस अब और नहीं अब नहीं झेल सकता अब नहीं हो पाएगा ! लेकिन ऐसे समय में ही आपको धैर्य का परिचय देना है और जिस लक्ष्य को लेकर आप जीवन में आगे बढ़ रहे हैं उस तक पहुंचने के लिए और तेज गति से आगे बढ़ना है... 


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Success_Tips for Youth_inspiration

अगर आपने अपने लक्ष्य को पाना #है तो आपको धैर्य रखना आना #चाहिए। इस दुनिया में जितने भी #बड़े-बड़े महापुरुष हुए है उनमे यह #बात कॉमन थी। धैर्य उनके स्वभाव #में था।

अगर आपने अपने लक्ष्य को पाने में बहुत ही हार्ड वर्क किया हो पर अगर आपको वह सफलता नहीं मिलती है जो आप चाहते है तो ऐसे में आप हार मान सकते है।

यही समय होता है जब पेशेंस आपकी परीक्षा लेता है और तब आप उन हालातों को कैसे हैंडल कर पाते है। आपको खुद में धैर्य बनाये रखना होगा। अगर आप धैर्य नहीं रखेंगे तो आपने अब तक जितनी मेहनत की होगी वह सब खत्म हो जाएगी। अगर आपने कठिन समय में धैर्य बना लिया तो समझ ले की आपको जीतने से कोई नहीं रोक सकता।

अगर आपमें धैर्य नहीं है तो इसे आसानी से पाना मुमकिन नहीं है। आप अपने रोजाना जीवन में इसे अपना सकते है। उदाहरण- अगर आपको कभी अपने दोस्त का 30 मिनट इन्तजार करना पड़े तब आप कितनी देर तक उसका इन्तजार कर सकते है।

यह आपके धैर्य को आसानी से बता देगा। फिर इसे आप धीरे-धीरे इम्प्रूव कर सकते है। यही बात सफलता में भी लागू होती है। आपको धैर्य रखना आना ही चाहिए... आपको_सिविल_सेवा_परीक्षा_कोचिंग_की_आवश्यकता_कब_होती_है...


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सिविल_सेवा...बुरी_मिशाल_न_बने_ज़िन्दगी...

*_कुछ लोग हैं जो लम्बे समय से तैयारी में लगे हैं. सुखद परिणाम नहीं आ रहा. मन में आता है, क्या करें, छोड़ दे ! कुछ और कर ले ! क्या करें !_*
*_तो एक प्रसंग है, छोटा सा भावुक सा....!!!!!_*
*_बहुत लम्बे संघर्ष के बाद एक मित्र का चयन IAS में हुआ था._*  *_और ऐसे समय हुआ था जब उन्हें लगने लगा था कि घर परिवार और उनके अब सारे संसाधन ख़तम होने की कगार पर हैं. चयन होने के बाद बहुत सारे कोचिंगवाले बुलाते हैं स्टूडेंट्स के साथ इंटरएक्सन के लिए. उन्हें भी एक ने बुलाया था._*
*_स्टूडेंट्स में से एक ने सवाल पूछा,'सर ! आप इतने लम्बे समय से तैयारी कर रहे हैं और अभी तक टिके रहे अपनी तमाम असफलताओं के बावजूद, तो सर वो कौन सी बात है जो आपको इतना दिन के बाद भी प्रेरित करती रही.'_*
*_थोडा रूककर दिया लेकिन जवाब बहुत भावुक सा था,'मैं एक ख़राब मिशाल नहीं बनना चाहता था. एक गाँव से आया था तैयारी करने. मेरे गाँव से कभी कोई  IAS नहीं बना था.... और मेरे गाँव_*
*_के साथ -साथ आसपास गाँव के लोग भी जानते थे कि मैं तैयारी करता हूँ. मैं सोचता था, अगर नहीं बना और लौट गया तो लोगों पर क्या असर होगा. मेरा तो जो होगा सो होगा लेकिन आगे जब भी कोई बच्चा जयपुर दिल्ली जाकर तैयारी करना चाहेगा, मना करने वाले मेरी मिशाल देंगे. नहीं हुआ लौट आया. तुम क्या जाओगे बहुत कठिन है.,B.ED, BTC कर लो ये कर लो वो कर लो तमाम बाते. तो मेरा जीवन एक बुरा उदहारण बन कर रह जायेगा. यह बात मुझे रोके रखती थी और मैं अपनी तमाम असफलताओं के बावजूद अगली बार सफल होने के लिए लगा रहता था.....!!!!!_*
*_नोट :- वक्त कम है ,_*
*मन एकाग्र करो जीवन तुम्हारा है* ,
*_उसे सार्थक करो हवाये तेज है ,_*
*_खुद को संभालों आग हर तरफ है_* ,
*_अंदर की आग जलाओ रास्ता लंबा है ,_*
*_पर चलना तुम्ही को है खुद को समझो_*
*_और खुद के अरमान को समझो_*
*_जीत के लिए आये हो ,_*
*_हार के मत लौटना घर छोड़ के आये हो ,_*
*_खाली हाथ मत लौटना...

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सिविल सेवा ...

पढ़ाई उसके लिए बोझ नही है, जो अपने मिशन से प्रेम करते हैं। - - - - - 
बल्कि पढाई बोझ उसके लिए है, जो अपने
लक्ष्य से प्रेम नही करते।........ 
क्या बच्चे अपने पैरेंट्स पर बोझ होते  ...!!!!!!!!!!
क्योंकि parents ke  लक्ष्य होते हैं.......
आपके लिए पापा हर दुख सह सकते हैं..........
आपके लिए मम्मी कुछ भी कर सकती
हैं....... 

क्योंकि वे आपको बहुत प्यार करते हैं।
....... 
जब यही पवित्र स्नेह आप
अपनी पढाई में पैदा कर लेंगे तो 
आपको नींद नही आयेगी....
आलस्य नही आयेगा.... 
कहा जाता है कि,,,,,,,,
सोने वाले डूब जाते हैं ....और ...... जागने वाले जग जीत लेते हैं....... 
जब आप हर समय जोश से लबरेज रहेंगे..... 
तो कलेक्टरी की तैयारी माउंट
एवरेस्ट की तरह नही
दिखेगी बल्कि,,,,,,,,,,
वह एक सामान्य चढाई मालूम
होगी .......
सोंचिए, जब मानव चांद, मंगल और शुक्र, शनि पर झंडा लहरा सकता है तो....
UPSC में झंडा क्यों नही गाड सकता........
"" UPSC की परीक्षा में पताका लहराना है""....... 
बस इतना ही वाक्य किसी सफल मंत्र
की तरह रोज जपते रहो, पसीना बहाते
रहो....लगे रहो पढ़ाई में 
मेरे सर कहा करते है कि ज्ञान की प्यास इतनी बढ़ाओ की बुझ ना पाये.............
किताबों से तब तक जुड़े रहो,, जब तक मंज़िल मिल जाए ...

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चाहत और जरूरत

आपकी चाहत आईएएस बनना हो सकती है आपकी जरूरत आईएएस बनना हो सकती है  अब आपको फैसला करना है कि आपकी चाहत है या जरूरत है   आईएएस बनना क्या कभी चाहत और जरूरत में फर्क होता है इस बात पर विचार किया है

चाहतें हमेशा पूरी हो यह जरूरी नही है क्योंकि चाहतें समय के साथ बदलती रहती हैं जरूरतें हमेशा पूरी होती हैं हो सकता है आपको ज्यादा की जरूरत थी मगर कम जरूरत पूरी हुई हो

चाहत इंसान को कमजोर आलसी और केंद्रित नजरिए वाला बनाती है जबकि जरूरतें इंसान को ताकतबर कर्तव्यनिष्ठ और विकेंद्रित नजरिए वाला बनाती हैं

अगर आज तक आपकी चाहत आईएसएस बनना थी तो अपने आपका मूल्यांकन कीजिए क्या आपने वह सब किया जो एक आईएसएस बनने के लिए किया जाना चाहिए अर्थात अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए किया जाना चाहिए शायद आपको नही में जवाब मिलेगा अगर आपको नही में जवाब मिलता है तो आज ही अपनी चाहत से जरूरत का रास्ता तय कीजिए चंद दिनों में आप अपनी मंजिल को नजदीक से देखने के काबिल हो जाएंगे और चंद साल में एक सितारा बन जायेंगे जो अपने उजाले से कई लोगों को प्रकाशित करने की कोशिश करेगा

ये चाहत और जरूरत का ही तो फर्क होता है जो इंसान को सोने नहीं देता है इसके बेहतरीन उदाहरण के रूप में दक्षिण और पूर्व भारत को देख सकते हैं आज यह उत्तर भारत से आगे हैं क्योंकि वहां स्तिथि कुछ इस तरह की है कि कोई भी जीवन यापन के लिए भी कार्य करना है उसे चाहत के रूप में नहीं ले सकते हैं जरूरत के रूप में ही लेना पड़ता है और एक दिन छोटे या बड़े रूप में अपनी जरूरतों को हासिल भी कर लेते हैं 

जबकि उत्तर भारत में परिस्थितियां इसके विपरीत हैं यहां के लोग किसी भी कार्य को पहले चाहत बनाते हैं और अपने आपको चाहत की दृष्टि से ही केन्द्रित रखते हैं जब कुछ हासिल नहीं होता है तब चाहत को जरूरत में तब्दील करते हैं और एक दिन जरूरत पूरी कर लेते हैं चाहत से जरूरत की प्रिक्रिया में पहुंचने में समय लगता है जो शायद हर किसी के पास नही होता है इसलिए सीमित लोगों की ही जरूरतें पूरी हो पाती हैं इसलिए उत्तर भारत में पूर्व और दक्षिण भारत की तुलना में सफलता का अनुपात सीमित है