प्रेम क्या है...
दो दिलो का इक बंधन है
नाजुक सी कोई डोर हैं
उम्रभर का साथ हैं
मन से मन का संगम है..
प्रेम क्या है.. ❤️
जब किसी की अनुभूति
खुद से भी ज्यादा महसूस हो
दुनिया की भीड़ मे भी
उसकी ही कमी खलती हो...
प्रेम क्या हैं... ❤️
पाने से ज्यादा किसी को देना
बिना उम्मीद के प्यार निभाना
मन मे समर्पण का भाव जगना
जिंदगी भर उसकी यादो मे जीना..
यदि कही तुम्हे कोई ऐसा साथी मिल जाये
तो चुन लेना अपने लिए ऐसा प्रेम ❤️
जिसके प्रेमरूपी भाव से अभिभूत रहे सारा जीवन...
No comments:
Post a Comment