“भगवान” कोई व्यक्ति नहीं… पूर्ण जागी हुई चेतना है।
सुनो साधको…
जिसे तुम “भगवान” कहते हो,
वह कोई आकाश में बैठा हुआ व्यक्ति नहीं है…
भगवान कोई नाम नहीं,
कोई शरीर नहीं,
कोई धर्म नहीं।
भगवान का अर्थ है —
जिसके भीतर की चेतना को 100% अवसर मिल गया।
जहाँ अहंकार बीच से हट गया…
और अस्तित्व पूरी तरह प्रकट हो गया। 🔥
जब तक “मैं” खड़ा है,
तब तक भगवान छुपा रहता है।
और जिस दिन “मैं” गिर जाता है…
उसी दिन भीतर परमात्मा प्रकट हो जाता है। ⚡
साधको…
अहंकार बादल है,
और चेतना सूर्य। ☀️
बादल हट जाए तो सूर्य को लाना नहीं पड़ता,
वह तो पहले से ही मौजूद है।
इसीलिए बुद्ध भगवान बने,
महावीर भगवान बने,
कृष्ण भगवान बने…
क्योंकि उनके भीतर “मैं” नहीं बचा था।
वे खाली बाँसुरी हो गए थे…
और अस्तित्व उनकी बाँसुरी से गीत गाने लगा। 🎶
🌿 याद रखना —
भगवान बनने का अर्थ चमत्कार करना नहीं है।
भगवान बनने का अर्थ है
पूर्ण जाग जाना।
इतना जाग जाना कि भीतर कोई अंधेरा न बचे।
जहाँ क्रोध समाप्त…
जहाँ लोभ समाप्त…
जहाँ द्वेष समाप्त…
जहाँ केवल करुणा, प्रेम और शांति बचे…
वहीं भगवान का जन्म होता है। 🌺
तुम मंदिर में भगवान ढूँढते हो,
लेकिन भगवान तो तुम्हारी चेतना के केंद्र में छुपा बैठा है।
ध्यान उसका द्वार है। 🕉️
जिस दिन तुम पूर्ण मौन में उतरोगे…
जिस दिन तुम्हारे भीतर विचारों की भीड़ रुक जाएगी…
उस दिन पहली बार तुम अनुभव करोगे —
“मैं शरीर नहीं… मैं शुद्ध चेतना हूँ।” ⚡
और उसी क्षण
अस्तित्व तुम्हारे भीतर 100% काम करने लगेगा।
फिर तुम्हारे कर्म भी दिव्य हो जाएंगे,
तुम्हारी आँखें भी प्रेम बरसाएँगी,
तुम्हारी उपस्थिति भी लोगों को शांति देने लगेगी। 🌿
🔥 इसलिए भगवान बनने की कोशिश मत करो…
बस अहंकार को हटाओ।
भगवान अपने आप प्रकट हो जाएगा। 🔥
क्योंकि
परमात्मा को लाना नहीं पड़ता…
केवल भीतर से “मैं” को हटाना पड़ता है। 🌺
🌺 भगवान की व्याख्या 🌺
“भगवान” वह है
जिसके भीतर की चेतना को 100% अवसर मिल गया हो।
जहाँ अहंकार समाप्त हो गया हो
और अस्तित्व पूरी तरह प्रकट हो गया हो।
🔥 भगवान कोई शरीर नहीं,
कोई नाम नहीं,
कोई धर्म नहीं…
भगवान वह अवस्था है
जहाँ “मैं” मिट जाता है
और केवल शुद्ध चेतना, प्रेम, करुणा और जागृति शेष रह जाती है। ⚡
जिस मनुष्य के भीतर
अस्तित्व बिना रुकावट के बहने लगे,
जिसके भीतर अहंकार की दीवारें टूट जाएँ,
वही भगवान कहलाता है। 🌿
🕉️ इसलिए भगवान बाहर नहीं,
हर मनुष्य के भीतर छुपी हुई
पूर्ण जागी चेतना का नाम है। 🌺
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