Milk And Mucus Myth - साइनस, कफ और दूध का कनेक्शन
जिन लोगों को साइनस, बार-बार छींकें, बलगम या सांस से जुड़ी दिक्कतें रहती हैं, उनके मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि दूध पीना चाहिए या नहीं।
सही जवाब यह है कि दूध पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है, लेकिन उसे सही तरीके और सही नियमों के साथ लेना जरूरी है। अगर नियम गलत हुए तो वही दूध आपकी समस्या बढ़ा सकता है।
कौन सा दूध सही है और कौन सा नहीं
कफ और साइनस के मरीजों के लिए दूध का चुनाव बहुत मायने रखता है।
गाय का दूध और बकरी का दूध हल्का होता है और आसानी से पच जाता है, इसलिए ये दोनों विकल्प बेहतर माने जाते हैं।
वहीं भैंस का दूध भारी होता है, पचने में मुश्किल होता है और कफ को बढ़ाने वाला होता है। इसलिए नियमित रूप से भैंस का दूध लेने से बचना चाहिए।
अगर कभी-कभार लेना पड़े तो ठीक है, लेकिन रोजाना के लिए गाय या बकरी का दूध ही बेहतर रहेगा।
दूध को हल्का बनाने का सही तरीका
बहुत लोग दूध को सीधे उबालकर पी लेते हैं, जिससे वह और भारी हो जाता है। खासकर जिनकी पाचन शक्ति कमजोर है या जिन्हें दूध से दिक्कत होती है, उन्हें दूध को हल्का बनाना जरूरी है।
इसके लिए दूध उबालते समय उसमें थोड़ा सा पानी मिला लें।
मान लीजिए एक कप दूध है, तो उसमें थोड़ा पानी डालकर उबालें और जब पानी सूख जाए तो दूध तैयार हो जाएगा।
इस प्रक्रिया से दूध हल्का हो जाता है और पचने में आसान बनता है।
कफ न बढ़े इसके लिए दूध में क्या मिलाएं
अगर आप चाहते हैं कि दूध पीने से कफ न बढ़े, तो उसमें कुछ खास चीजें डालकर उबालना बहुत फायदेमंद रहता है।
चार चीजें खास तौर पर उपयोगी मानी जाती हैं:
मुलेठी
कच्ची हल्दी या हल्दी का टुकड़ा
सोंठ यानी सूखी अदरक
पिपली
इन सभी को बहुत कम मात्रा में डालना होता है। ज्यादा डालने से फायदा नहीं, उल्टा असर हो सकता है।
जब दूध उबल रहा हो, उसी समय ये चीजें डालकर अच्छी तरह पकाएं। इससे दूध हल्का भी हो जाता है और कफ बढ़ाने वाला प्रभाव भी कम हो जाता है।
अगर गर्म चीजें सूट नहीं करतीं तो क्या करें
कुछ लोगों को लगता है कि ये सारी चीजें गर्म तासीर की हैं और उन्हें सूट नहीं करेंगी।
ऐसी स्थिति में सिर्फ दो चीजों का इस्तेमाल करें:
हल्दी
मुलेठी
मुलेठी ठंडी तासीर की होती है और हल्दी हल्की गर्म लेकिन संतुलित होती है।
इन दोनों को मिलाकर उबाला गया दूध भी काफी लाभ देता है।
दूध पीने का सही समय
दूध कब पीना है, यह भी उतना ही जरूरी है जितना कि कैसे पीना है।
दिन में दूध पीने से कई बार कफ बढ़ सकता है, जबकि रात में सोने से पहले दूध लेना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
रात में लिया गया दूध शरीर को आराम देता है और बेहतर तरीके से पचता है।
ताजा दूध क्यों जरूरी है
दूध हमेशा ताजा होना चाहिए।
एक-दो दिन पुराना रखा हुआ दूध लेने से उसकी गुणवत्ता कम हो जाती है और कफ बढ़ने की संभावना भी बढ़ जाती है।
इसलिए रोज ताजा दूध लें और उसी समय बनाकर पिएं।
लोहे के बर्तन में दूध उबालने का फायदा
अगर आप दूध को लोहे के बर्तन में उबालते हैं, तो उसमें आयरन की मात्रा थोड़ी बढ़ जाती है।
यह लीवर के लिए फायदेमंद होता है और शरीर में खून की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाता है।
धीरे-धीरे आप महसूस करेंगे कि इस तरीके से लिया गया दूध ज्यादा आसानी से पचने लगता है।
ध्यान रखने वाली जरूरी बातें
दूध को हमेशा उबालते समय ही उसमें चीजें मिलाएं, बाद में ऊपर से डालकर पीना उतना असरदार नहीं होता
कम मात्रा में ही मसाले डालें
रोजाना भैंस का दूध न लें
ताजा दूध ही इस्तेमाल करें
रात में दूध पीना ज्यादा बेहतर है
आपको दूध पीने के बाद क्या महसूस होता है—कफ बढ़ता है या आराम मिलता है?
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