Joint Pain Relief - गठिया क्यों ठीक नहीं होता आसानी से
गठिया एक ऐसी समस्या है जो सिर्फ दवाइयों से जल्दी कंट्रोल नहीं होती। चाहे आयुर्वेदिक हो या एलोपैथिक, अगर लाइफस्टाइल और डाइट सही नहीं है तो दर्द बार-बार लौटता है।
असल में गठिया सिर्फ जोड़ों का दर्द नहीं है, यह शरीर के अंदर सूखापन, सूजन और गंदगी जमा होने का संकेत है। जब शरीर अंदर से कमजोर होता है और लुब्रिकेशन कम हो जाता है, तब जोड़ों में दर्द, जकड़न और सूजन शुरू होती है।
डाइट सबसे बड़ा रोल निभाती है
अगर आप सच में गठिया को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपनी डाइट सुधारनी होगी।
चावल से दूरी क्यों जरूरी है
चावल शरीर में ठंडक और चिपचिपापन बढ़ाता है, जिससे जोड़ों में जकड़न और सूजन बढ़ सकती है। इसलिए कुछ समय के लिए चावल कम या बंद करना बेहतर रहता है।
अगर खाना ही है तो मूंग दाल के साथ मिलाकर हल्की खिचड़ी के रूप में लें।
सही आटा और रोटी का चुनाव
गेहूं के साथ बाजरा और ज्वार मिलाकर रोटी बनाना ज्यादा फायदेमंद रहता है।
इससे शरीर को ताकत मिलती है और सूखापन कम होता है।
सब्जियों का सही उपयोग
आप लगभग सभी सब्जियां खा सकते हैं, लेकिन बनाने का तरीका बहुत जरूरी है।
लौकी, तोरई, गाजर, शिमला मिर्च जैसी सब्जियां लें
तिल के तेल या सरसों के तेल में हल्का तड़का लगाएं
इससे शरीर में नेचुरल ऑयलिंग बढ़ती है और जोड़ों को लुब्रिकेशन मिलता है
सरसों का साग, करेले की सब्जी जैसी चीजें भी सही मात्रा में फायदेमंद हैं
शरीर में लुब्रिकेशन बढ़ाना क्यों जरूरी है
गठिया में सबसे बड़ी समस्या होती है सूखापन।
इसलिए आपको ऐसी चीजें लेनी चाहिए जो शरीर में ऑयलिंग बढ़ाएं:
तिल का तेल
सरसों का तेल
नारियल तेल (हल्की मात्रा में)
ये शरीर के अंदर और बाहर दोनों तरह से काम करते हैं
दूध और डेयरी का सही इस्तेमाल
दूध, पनीर और मक्खन लिया जा सकता है, लेकिन सही तरीके से
हल्दी मिलाकर दूध लें
ज्यादा ठंडा या खट्टा डेयरी प्रोडक्ट अवॉइड करें
जब सूजन कम हो जाए तभी नियमित लें
फल कौन से खाने चाहिए
गठिया में सही फल बहुत मदद करते हैं
पपीता
अमरूद
मीठे फल
ध्यान रखें:
खट्टे फल जैसे खट्टा सेब या आलूबुखारा ज्यादा ना लें
खास देसी मिश्रण जो मदद करता है
अजवाइन और सफेद तिल का मिश्रण शरीर में अंदर से गर्माहट और ऑयलिंग देता है।
इसे हल्की मात्रा में लेने से गैस, दर्द और जकड़न में राहत मिलती है।
आयुर्वेदिक सपोर्ट और दवाइयों का रोल
कुछ आयुर्वेदिक क्वाथ और चूर्ण जैसे महारास्नादि क्वाथ आदि जोड़ों के दर्द और सूजन में मदद करते हैं।
लेकिन ध्यान रखें:
दवा तभी असर करेगी जब डाइट और दिनचर्या सही होगी
शरीर को अंदर से साफ रखना जरूरी
अगर पेट साफ नहीं है तो कोई भी इलाज काम नहीं करेगा
रोज पर्याप्त पानी पिएं
हल्का और पचने वाला खाना खाएं
शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालना जरूरी है
मालिश और सिकाई का महत्व
जोड़ों में जमा सूजन और जकड़न को निकालने के लिए
रोज तेल से मालिश करें
उसके बाद हल्की सिकाई करें
इससे अंदर जमा गंदगी और सूजन धीरे-धीरे कम होती है
योग और प्राणायाम का रोल
गठिया में मूवमेंट बहुत जरूरी है
अनुलोम-विलोम
कपालभाति (5–7 मिनट)
हल्की एक्सरसाइज
इसके साथ थोड़ी धूप लेना भी जरूरी है
शरीर को सूखने से बचाना ही असली इलाज है
गठिया का असली कारण है शरीर का सूखना और कमजोर होना
अगर आप शरीर को:
पोषण देंगे
लुब्रिकेशन देंगे
सही दिनचर्या देंगे
तो धीरे-धीरे शरीर खुद ठीक होने लगता है
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