हकीकत की राह
अगर जीना है, तो हक़ीक़त की आग में तपो,
क्योंकि सपनों की चादर में हर कोई सोया है,
हर दिल अपनी कल्पनाओं का महल सजाता है,
पर असली जीवन वहीं है जहाँ आँखों की रोशनी
और दिल की धड़कनें
सही और गलत की कसौटी पर ठहरती हैं।
अगर चलना है, तो सच की राह चुनो,
झूठ के रास्ते चमकते जरूर हैं,
पर उनके पीछे केवल धूल और खामोशी है।
सच्चाई का मार्ग कठिन है,
कभी अकेलापन उसका साथी है,
कभी आलोचना की ठंडी छाया।
फिर भी जो इसे अपनाता है,
वह समय की परतों में अपनी छवि गढ़ता है,
और आत्मा की मूरत खुद में चमक उठती है।
अगर सुनना है, तो अपने भीतर की आवाज़ सुनो,
क्योंकि हर नज़र का दृष्टिकोण अलग है,
हर अनुभव की धारा अपनी दिशा में बहती है।
दूसरों की बातों में खो जाने वाला
अपने अस्तित्व की ताजगी भूल जाता है।
जो स्वयं से संवाद करता है,
वह ही दुनिया की आवाज़ को सही अर्थ में समझ पाता है,
क्योंकि असली ज्ञान अपने भीतर के सागर में खोजा जाता है,
और वही मार्गदर्शन बनता है, जो समय की आंधियों में भी डगमगाता नहीं।
जीवन केवल जीने का नाम नहीं,
यह सोचने, परखने, और अपने होने को पहचानने का अनुभव है।
और जो इसे समझ लेता है,
वह हर ख्वाब से ऊपर उठकर
सच्चाई की रोशनी में,
अपने कदमों की अमिट छाप छोड़ जाता है।
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