Friday, January 16, 2026

Raj sir Words




दोस्तों...सब्र इंसान के लिए सबसे ज़रूरी होता है,क्योंकि सब्र ही वो ताक़त है जो इंसान को टूटने से बचाती है हर कोई दर्द सह सकता है,लेकिन बिना शिकायत उसे जीना ये सिर्फ़ सब्र सिखाता है,सब्र मतलब चुप रहना नहीं,सब्र मतलब हालात को समझकर ख़ुद को संभालना है. याद रहे संघर्ष में आप अनाथ हो काफ़िला तो सफ़लता के बाद उमड़ता है...नाराज़ होना और रुठना रिश्तों में बहुत अहम है मगर हमारे बिना किसी की जिंदगी ठहर जाएगी ये सोचना वहम है. तुम बस अपने चरित्र और कर्म पवित्र रखना साथ देने की जिम्मेदारी उस खुदा का है. मेहनत का फल, समस्याओं का हल और आने वाला कल सब ईश्वर के हाथ में है...but कुछ आपके हाथ में भी है वो है Believe your strength & Believe in yourself...you can get anything on base of your will & talent...नियत से भगवान खुश होते हैं,और दिखावे से इंसान यह आप पर निर्भर है कि आप किसे प्रसन्न करना चाहते हैं.परिवार आवश्यक है, मित्रता आवश्यक है, संबंध भी आवश्यक है लेकिन जीवन की हर कठिन परिस्थिति यह दर्शाती है कि अकेले रहने की कला का आना भी बहुत आवश्यक है। रिश्ते सब ज़रूरी हैं पर मुश्किल घड़ी सिखाती है कि अकेले रहने का हुनर लाज़मी है। खुद की सोहबत में जीना ही सबसे बड़ी और सच्ची ताक़त है...सबका सबके बिना काम चल जाता हैं,आप भ्रम में हैं कि आप किसी के ख़ास हैं...सब कुछ सीख लेना ही समझदारी नहीं है, बहुत कुछ नजरंदाज़ करना भी समझदारी है.जब जेब खाली हो बैंक अकाउंट माइनस में हो, और नौकरी न हो तब जो साथ खड़ा हो वो सगा हैं...शब्द और व्यवहार ही मनुष्य की असली पहचान है. चेहरा और हैसियत का क्या है आज है कल नहीं है.याद रहे जिंदगी के मेहंगे सबक सस्ते लोग ही सिखाते है...शब्दों में दयालुता विश्वास उत्पन्न करती है, विचारों में दयालुता प्रगाढ़ता उत्पन्न करती है, बांटने में दयालुता प्रेम उत्पन्न करती है. अंत ही आरंभ है, वासना ही मोह है, इच्छा ही लालच है, समझ ही ज्ञान है, अपेक्षाएँ ही दुःख हैं और एकांत ही सुख है दोस्तों...Raj Sir


मेरे किस्से का हर किरदार गद्दार निकला...


दोस्त जिस्म पर हक मिल जाते है रीति रिवाजों से,मगर ये रूह जिसकी दीवानी है मोहब्बत उसे कहते है...परवरिश पर दाग़ ना लगे इसलिए शांत हो गए,वर्ना तुम्हें एहसास करवाते कि बरबादी होती कैसी है दोस्त...हम तो बिखर जाने के ख्याल से भी डरते थे, पर तुमने बहुत बुरे तरह से मुझे तोड़ दिया दोस्त... बदुआ देना मेरे बस की बात नही दोस्त,पर हा ऐ जरूर कहूंगा हर हसीन हसीना बेवफा होती...जिसपर आपना अधिकार ही ना हो, उसका मोह करना मानसिक पीड़ा को न्योता देना है दोस्त...किसी के पास बहुत कुछ है खुदा का दिया,किसी के पास सिवाए खुदा के कुछ भी नहीं दोस्त...सब कुछ नहीं मिलता इस जिंदगी में, कुछ चीजें मुस्कुराते हुए छोड़ देनी चाहिए दोस्त...रफ़्ता-रफ़्ता ही सीखी हैं दुनियादारी मैंने,वरना हम भी कसम खाने वालों को सच मानते थे दोस्त...बेवजह दिवार पर इल्ज़ाम है बंटवारे का,वर्ना कई लोग एक कमरे में भी अलग रहते है दोस्त...यूं ही नहीं त्यागा मैंने दुनिया का मोह,मेरे किस्से का हर किरदार गद्दार निकला है दोस्त...उस हर एक व्यक्ति का शुक्रिया जिसने मुझे, ये एहसास कराया की कोई किसी का नहीं होता दोस्त...क्या हुआ जो तुम मुझसे दूर हो दोस्त,मेरे ज़हन और जिगर में तो तुम हर पल हो...मैंने रातों को जागकर देखा है,सुबह होने में कई साल लगते हैं दोस्त...कितने श्रेष्ठ होते है वो लोग जो स्वयं को,संपूर्ण समर्पित कर देते है किसी के प्रेम के प्रति दोस्त...सब priority का खेल है दोस्त,कोई सोफे में बैठकर reply नहीं दे पता तो कोई चलती बाइक पे reply देता है...मोहब्बत उस बला का नाम है जिसके शुरुआत में, मन मे तितलियां उड़ती है और अंत अरमानो की धज्जियां दोस्त...मोहब्बत सिर्फ मोहब्बत चाहती है,किसी की मेहरबानी या हमदर्दी नहीं दोस्त...कुछ लोग शकुनी की तरह होते हैं,हंसते हमारे साथ हैं पर खेलते हमारे खिलाफ है दोस्त...इश्क वो भी करते हैं,जिनकी मुलाकाते नही होती दोस्त...हमारा वक्त कैसा भी रहे रक्त में हमेशा वफादारी रहेगी दोस्त...घावों के ठीक हो जाने से हादसे नहीं भूले जाते दोस्त...लगाव बर्बाद कर देता है अकेले रहना ही बेहतर है दोस्त...हीरा परखने वाले से ज़्यादा पीड़ा परखने वाला बहुत महत्वपुर्ण होता है दोस्त...हवस और धन की चाह ना हो तो प्रेम आज भी अत्यंत सरल है दोस्त...प्रेम को समझने के लिए हृदय चाहिए,निभाने के लिए धेर्य और पाने के लिए सौभाग्य दोस्त...प्रेम में धैर्य इतना हो कि तुम बिन ये उम्र गुजार दूं दोस्त,और व्याकुलता इतनी कि तुम बिन एक पल भी न गुजरे...राज


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