औषधीय गोंद का सेवन कब,किस बीमारी में और किस प्रकार करें जाने डिटेल से...
🌿 गोंद का इस्तेमाल कैसे करें
1️⃣ भिगोकर सेवन
👉 गोंद कतीरा, गोंद गोंदनी/रात में 1 चम्मच पानी में भिगो दें
सुबह दूध / पानी के साथ पिएँ/गर्मी, कब्ज, कमजोरी में लाभ
2️⃣ भूनकर सेवन
👉 गोंद बबूल, बरगद, पीपल/धीमी आंच पर हल्का भूनें
कूटकर चूर्ण बना लें/1 चम्मच दूध के साथ लें
3️⃣ चूर्ण बनाकर👉 अर्जुन, अशोक, साल, शल्लकी
सुखाकर पीस लें/1–3 ग्राम गुनगुने पानी या दूध के साथ
जोड़ों, हृदय, स्त्री रोग में लाभ
4️⃣ दूध के साथ 👉 बबूल, अर्जुन, मोरिंगा
1 चम्मच चूर्ण गर्म दूध में /रात को लेना श्रेष्ठ
5️⃣ 👉 पीपल, नीम, बेल/1 ग्राम चूर्ण + शहद
सुबह खाली पेट/खांसी, गले, संक्रमण में लाभ
6️⃣ 👉 आम, बेल, खैर/1 चम्मच चूर्ण छाछ में
दस्त व पेट के रोग में उपयोगी
7️⃣ 👉 गुग्गुल, हिंग, इमली/1–2 ग्राम गुनगुने पानी में
गैस, सूजन, मोटापा में सहायक
8️⃣ 👉 राल, लोबान, साल/पीसकर पानी / तेल में मिलाएँ
सूजन, घाव, दर्द पर लगाएँ
9️⃣ काढ़ा बनाकर
👉 अशोक, अर्जुन, पीपल
1 चम्मच चूर्ण 1 कप पानी में उबालें/आधा रहने पर छानकर
🔟 धूप / धूम्र प्रयोग
👉 लोबान, साल/धूप जलाकर वातावरण शुद्ध करें
मानसिक शांति व कीटाणु नाशक
🌿 सभी गोंद के उपयोग का तरीका
1️⃣ गोंद कतीरा
रात में पानी में भिगोएँ, सुबह दूध/पानी के साथ शरीर की गर्मी, कब्ज, कमजोरी
2️⃣ गोंद बबूल हल्का भूनकर चूर्ण बनाएँ, दूध के साथ
हड्डियाँ, कमर दर्द, प्रसव बाद
3️⃣ गोंद गोंदनी (करया)
भिगोकर या चूर्ण बनाकर, पानी के साथ कब्ज, पाचन
4️⃣ गोंद धौरा / शल्लकी
चूर्ण बनाकर दूध या शहद के साथ जोड़ों का दर्द, सूजन
5️⃣ गोंद मोरिंगा (सहजन) चूर्ण बनाकर दूध के साथ
कमजोरी, इम्यूनिटी
6️⃣ गोंद आम चूर्ण बनाकर छाछ के साथ/दस्त, पेट रोग
7️⃣ गोंद नीम चूर्ण + शहद त्वचा रोग, खून साफ
8️⃣ गोंद पीपल चूर्ण + शहद खांसी, दमा
9️⃣ गोंद बरगद चूर्ण + मिश्री स्त्री रोग, कमजोरी
🔟 गोंद बेल चूर्ण + छाछ दस्त, पेचिश
1️⃣1️⃣ गोंद गुग्गुल गोली या चूर्ण, गुनगुने पानी के साथ
जोड़ों, मोटापा, सूजन
1️⃣2️⃣ गोंद लोबान धूप या बहुत कम मात्रा में सेवन
मानसिक शांति, दर्द
1️⃣3️⃣ गोंद राल लेप बनाकर बाहर लगाएँ घाव, सूजन
1️⃣4️⃣ गोंद हिंग चुटकी भर पानी में गैस, अपच
1️⃣5️⃣ गोंद अर्जुन चूर्ण दूध/पानी के साथ हृदय रोग
1️⃣6️⃣ गोंद अशोक काढ़ा या चूर्ण स्त्री रोग
1️⃣7️⃣ गोंद साल लेप या चूर्ण घाव, सूजन
1️⃣8️⃣ गोंद खैर कुल्ला या चूर्ण मुँह के छाले, दस्त
1️⃣9️⃣ गोंद इमली चूर्ण पानी के साथ पेट की गर्मी
2️⃣0️⃣ गोंद चिरैता बहुत कम मात्रा में काढ़ा बुखार, संक्रमण
🌿 लड्डू में उपयोग आने वाले गोंद
1️⃣ गोंद बबूल (खाने वाला गोंद)
सबसे ज़्यादा उपयोग होने वाला गोंद/प्रसव बाद लड्डू
हड्डियाँ, कमर, कमजोरी
2️⃣ गोंद गोंदनी (करया गोंद)/देसी ताकत के लड्डू
कब्ज नहीं करता पाचन में हल्का
3️⃣ गोंद कतीरा (कम मात्रा में)
ठंडक देने के लिए गर्मी में बनने वाले लड्डू
शरीर को शीतल रखता है
4️⃣ गोंद धौरा / शल्लकी जोड़ों व हड्डी के लड्डू
बुजुर्गों के लिए उपयोगी
5️⃣ गोंद साल पारंपरिक देसी लड्डू हड्डी मजबूती के लिए
6️⃣ गोंद अर्जुन हृदय शक्ति लड्डू कमजोरी व थकान में
7️⃣ गोंद अशोक महिलाओं के विशेष लड्डू/मासिक व कमजोरी
8️⃣ गोंद पीपल खांसी–दमा वाले लड्डू
गले को मजबूत करता है
9️⃣ गोंद बरगद स्त्री शक्ति लड्डू/सफेद पानी, कमजोरी
🔟 गोंद खैर पाचन सुधार लड्डू पेट के लिए हल्का
🍯 लड्डू बनाने का सामान्य तरीका
100 ग्राम गोंद को घी में धीमी आँच पर फुलाएँ
ठंडा कर कूट लें/आटा/मेवा/बीज मिलाएँ
गुड़ या मिश्री डालें/लड्डू बाँध लें
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