कभी आपने notice किया ?…
👉 आप real life से ज़्यादा
अपने दिमाग के अंदर जीते हैं।
आप अकेले भी बैठे होते हैं…
तब भी अंदर -
👉 आप किसी से लड़ रहे होते हैं
👉 किसी को justify कर रहे होते हैं
👉 किसी imaginary situation में खुद को prove कर रहे होते हैं
और पता है,
सबसे अजीब बात क्या है?
👉 ये सब कुछ अभी हुआ भी नहीं है
फिर भी आप emotionally थक जाते हैं।
रात को सोने जाते हैं…
👉 शरीर बिस्तर पर होता है
👉 लेकिन दिमाग… किसी और दुनिया में
आप सोचते भी हैं कि -
“बस अब सोना है…”
लेकिन अंदर कोई पूछता है -
“अगर कल ये कुछ गलत हो गया तो?”
और फिर…
👉 एक thought…
👉 फिर दूसरा…
👉 फिर तीसरा…
और ये फिर चलता ही जाता है।
आप सोना चाहते हैं…
पर आपका mind आपको सोने नहीं देता।
तो मेरा सवाल है -
👉 अगर ये mind आपका है…
तो ये आपकी बात क्यों नहीं मानता?
⚡ एक सच जिस पर आपने कभी ध्यान नही दिया
ध्यान से पढ़िए…
👉 आपका mind आपका नहीं है।
ये सुनने में simple लगता है…
पर इसके गहरायी में जाने पर आप चौंक जाएंगे।
👉 आपके 90% thoughts…
आपके हैं ही नहीं।
वो आपने उधार लिया है -
आपके...
parents से
society से
past experiences से
आपके mind ने जो भी अब तक recording की है…
वही repeat mode पर चल रही है।
जब अंदर आवाज आती है -
“तुमसे नहीं होगा…”
तो एक पल को रुकिए …
👉 ये आपका conclusion नहीं है
👉 ये किसी का डाला हुआ code है
आपने कभी consciously decide नहीं किया -
“मैं खुद पर doubt करूँगा”
फिर भी आप करते हैं।
क्यों?
👉 क्योंकि ये आप नहीं सोच रहे…
ये सोच वहाँ से आ रही है जो दूसरों द्वारा feed किया गया है।
और सबसे बड़ा illusion?
👉 आपने उस आवाज को ही “अपनी आवाज” मान लिया।
🧠 एक Quick Experiment (अभी करके देखिए)
अभी… इसी moment…
रुकिए।
अगला जो भी thought आए…
उसे पकड़िए।
और खुद से पूछिए -
👉 “क्या मैंने इसे intentionally सोचा है?”
ईमानदारी से देखिए…
👉 वो खुद आया।
👉 आपने उसे बुलाया नहीं।
अब दूसरा step -
उसी thought को देखते हुए धीरे से कहिए:
“अगर ये अपने आप आया है…
तो ये मेरा कैसे हो सकता है?”
बस… यहीं रुक जाइए।
कुछ सेकंड के लिए…
👉 एक gap बनेगा
👉 एक अजीब सी silence आएगी
वहीं…
👉 आप हैं।
💥 अब अगर ये बात सच है -
👉 कि thoughts अपने आप आते हैं
👉 और आप उन्हें देख भी सकते हैं
तो एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा होता है -
👉 फिर...आप कौन हैं?
वो जो सोच रहा है?
या वो… जो देख रहा है?
और अगर आप “देखने वाले” हैं…
तो फिर -
👉 अब तक आपकी पूरी ज़िंदगी
किसने चला रखी थी?
🔨 सच्चाई जो आपको हैरान करेगी …
👉 आप अपने mind के मालिक कभी नहीं थे…
आप उसके कठपुतली थे।
लेकिन…
आज पहली बार
आपने उसे देखा है।
और याद रखिए -
👉 जिस चीज़ को आप देख लेते हैं…
उससे आप धीरे-धीरे अलग और आज़ाद होने लगते हैं।
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