दूध नहीं अमृत है ये अगर इस तरह किया जाए सेवन,अष्टांगहृदय में वर्णित इन दूध के लाभ जानकर चौंक जाएंगे आप...
अष्टांगहृदय अनुसार दूध सेवन विधि
1. गाय का दूध
लाभकारी: कमजोरी, अनिद्रा, मानसिक थकान, हृदय दुर्बलता
सेवन तरीका:
1 गिलास गुनगुना दूध
रात को सोने से 1 घंटा पहले
हल्दी या 2 इलायची डाल सकते हैं
मात्रा: 200–250 ml
कितने दिन: 40 दिन
2. भैंस का दूध
लाभकारी: अनिद्रा, शरीर की गर्मी, कमजोरी
सेवन तरीका:
रात को ठंडा या हल्का गुनगुना
मिश्री मिलाकर ले सकते हैं
मात्रा: 150–200 ml
समय: रात भोजन के बाद
कितने दिन: 30 दिन
3. बकरी का दूध
लाभकारी: डेंगू के बाद कमजोरी, टीबी, पाचन कमजोरी
सेवन तरीका:
सुबह खाली पेट गुनगुना
चाहें तो 1 चम्मच शहद मिला सकते हैं
मात्रा: 100–150 ml
समय: सुबह
कितने दिन: 45 दिन
4. ऊंटनी का दूध
लाभकारी: मधुमेह, एलर्जी, मोटापा
सेवन तरीका:
सुबह खाली पेट
बिना चीनी
मात्रा: 80–120 ml
समय: सुबह सूर्योदय के बाद
कितने दिन: 2–3 महीने
5. भेड़ का दूध
लाभकारी: शरीर दुर्बलता, वात रोग
सेवन तरीका:
सर्दियों में गुनगुना सेवन करें
थोड़ी दालचीनी मिला सकते हैं
मात्रा: 100 ml
समय: शाम या रात
कितने दिन: 1 महीना
6. घोड़ी का दूध
लाभकारी: कमजोरी, त्वचा रोग
सेवन तरीका:
सुबह ताजा सेवन करें
मात्रा: 80–100 ml
समय: सुबह खाली पेट
कितने दिन: 21 दिन
7. हाथिनी का दूध
लाभकारी: अत्यधिक कमजोरी, बल वृद्धि
सेवन तरीका:
आयुर्वेद में विशेष परिस्थितियों में वर्णित
मात्रा: बहुत कम
समय: वैद्य निर्देश अनुसार
8. गधी का दूध
लाभकारी: बच्चों की श्वास समस्याएं, काली खांसी
सेवन तरीका:
बच्चों को हल्का गुनगुना
मात्रा: 1–2 चम्मच
समय: सुबह
कितने दिन: 7–15 दिन
9. हिरणी का दूध
लाभकारी: नेत्र कमजोरी, शरीर क्षीणता
सेवन तरीका:
गुनगुना सेवन
मात्रा: 50–80 ml
समय: सुबह
कितने दिन: 15–20 दिन
10. मानव स्तन दूध
लाभकारी: नवजात शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता
सेवन तरीका:
जन्म के तुरंत बाद स्तनपान शुरू करें
समय: हर 2–3 घंटे में
अवधि: 6 महीने तक केवल मां का दूध सर्वोत्तम माना जाता है
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