Sunday, April 26, 2026

आज के समाज की संचाई


*1. अनपढ़ होते तो इतना तगड़ा जाल नहीं बुन पाते।*  

*वेद, पुराण, स्मृति, हदीस, कुरान, बाइबल —*  

*हजारों पन्ने, एक-एक शब्द नाप-तौल कर लिखा गया।*  

*मकसद साफ था:*  


 राजा को भगवान का दर्जा दो — ताकि विद्रोह न हो*  

*"राजा विष्णु का अंश है" — लिख दिया।*  

*अब राजा के खिलाफ बोलना = ईश्वर के खिलाफ बोलना।*  


* गरीबी को किस्मत बना दो — ताकि सवाल न उठे*  

*"पिछले जन्म का पाप", "अल्लाह की मर्जी", "कर्म का फल"*  

*लिख दिया। अब भूखा मजदूर मालिक से नहीं, अपने भाग्य से लड़ेगा।*  


*. औरत-शूद्र को पैर की जूती बना दो — ताकि सस्ता मजदूर मिले*  

*"ढोल गंवार शूद्र पशु नारी" — लिख दिया।*  

*"औरत की गवाही आधी" — लिख दिया।*  

*आधी आबादी + 85% आबादी को गुलाम बना दिया, कलम से।*  


*ये गंवार का काम नहीं है 

*ये दुनिया के सबसे बड़े साजिशकर्ता का काम है।*


*भोले-भाले लोगों को बेवकूफ कैसे बनाया?*


*1. डर बेचा:*  

*नर्क की आग, 84 लाख योनि, कब्र का अजाब।*  

*बच्चा पैदा होते ही डरा दो — पूरी जिंदगी गुलाम रहेगा।*


*2. लालच बेचा:*  

*स्वर्ग की अप्सरा, जन्नत की हूरें, अगला जन्म राजा का।*  

*"दुख सह लो, ऊपर मजा है।"*  

*मजदूर 12 घंटा खटता है — स्वर्ग के ठेके पर।*


*3. चमत्कार बेचा:*  

*पत्थर तैराना, मुर्दा जिलाना, चाँद तोड़ना।*  

*तर्क खत्म, भक्ति शुरू।*  

*जो चमत्कार मानेगा वो मशीन क्यों पूछेगा — "मुनाफा कहां जा रहा?"*


*4. बिचौलिया बैठा दिया:*  

*भगवान और इंसान के बीच — पंडित, पादरी, मौलवी।*  

*डायरेक्ट बात नहीं होगी।*  

*हर मन्नत का कमीशन, हर पाप का रेट कार्ड।*  

*ये दुनिया का सबसे पुराना दलाली का धंधा है।*


*नतीजा — "सदा-सदा के लिए थमने की व्यवस्था"*


*2000 साल पहले लिखी किताब,*  

*2026 में भी वही चला रही है।*  


*संविधान बदल जाता है, सरकार बदल जाती है,*  

*पर "जाति" नहीं बदलती, "नर्क का डर" नहीं बदलता।*  


*क्यों?*  

*क्योंकि कानून तोड़ो तो जेल।*  

*धर्म तोड़ो तो "समाज-से-बाहर + मरने-के-बाद-भी-सजा।"*  

*इससे तगड़ा लॉकअप कोई नहीं।*  


*पूंजीपति को यही चाहिए था।*  

*धर्मशास्त्र ने उसे दिया — "बिना खर्च का पुलिसवाला।"*  

*जो मजदूर के दिमाग में बैठा है।*  

*नाम है — "पाप-पुण्य।"*


*तो अब क्या करें ?*


*1. लिखने वाले को गाली देने से कुछ नहीं होगा।*  

*वो मर गए। पर उनकी व्यवस्था जिंदा है।*  

*उसे तोड़ना है।*


*2. भोले-भाले को बेवकूफ कहना बंद करो।*  

*वो मजबूर है। 5000 साल का डर 1 दिन में नहीं जाएगा।*  

*उसे तर्क दो, मिसाल दो, रोटी दो।*  

*जब पेट भरेगा, दिमाग खुलेगा।*


*3. नया शास्त्र लिखो — मेहनत का शास्त्र*  

*पहला मंत्र: "जो पैदा करेगा, वो खाएगा।"*  

*दूसरा मंत्र: "ऊंच-नीच मनुष्य का बनाया, प्रकृति का नहीं।"*  

*तीसरा मंत्र: "चमत्कार नहीं, विज्ञान। डर नहीं, सवाल।"*  


*जब हर मजदूर ये शास्त्र पढ़ लेगा —*  

*पुराना शास्त्र रद्दी हो जाएगा।*  


*चीन ने यही किया।*  

*माओ ने कहा — "कन्फ्यूशियस उखाड़ फेंको।"*  

*4 पुराने — पुराना विचार, पुरानी संस्कृति, पुराने रीति, पुराने रिवाज।*  

*तोड़ दिया। आगे बढ़ गए।*  


*हम कब तोड़ेंगे?*  

*जब तक हम "गंवार-धूर्त" बोलकर खुद को तसल्ली देंगे,*  

*तब तक उनकी लिखी व्यवस्था हमको थामे रखेगी।*  


*गाली नहीं, हथौड़ा चाहिए।*  

*किताब नहीं, कर्म चाहिए।*  


बाबासाहेब अंबेडकर

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