Thursday, February 5, 2026

तेल मालिश safe और फायदेमंद है

 Ayurvedic oil massage - तेल मालिश खुद से कैसे करे - तेल मालिश (अभ्यंग) करने से पहले ये ज़रूर जान लें - तेल मालिश आयुर्वेद में बहुत powerful tool है, लेकिन हर हाल में, हर किसी के लिए नहीं।


सबसे पहली बात-

आइए पहले ये समझ लें कि कब तेल मालिश नहीं करनी चाहिए।


इन कंडीशन्स में अभ्यंग अवॉइड करें

अगर आप इनमें से किसी हालत में हैं, तो तेल मालिश मत कीजिए:


लूज़ मोशन / डायरिया चल रहा हो

बुखार आया हुआ हो

अभी-अभी खाना खाया हो

पहले का खाना ठीक से हज़म न हुआ हो

बहुत ज़्यादा आलस, heaviness या सुस्ती महसूस हो


कफ से जुड़ी दिक्कतें:


बहुत ज़्यादा पसीना

लगातार बलगम

महिलाओं में पीरियड्स के दौरान


इन हालात में तेल शरीर को फायदा नहीं,

बल्कि imbalance और बढ़ा सकता है।


इनके अलावा ज़्यादातर कंडीशन्स में तेल मालिश safe और फायदेमंद है।


खुद से तेल मालिश कैसे करें? (Self Abhyanga)

तेल मालिश करने के लिए किसी expert की ज़रूरत नहीं।

आप खुद भी कर सकते हैं—बस तरीका सही होना चाहिए।


आप इस्तेमाल कर सकते हैं:


उंगलियाँ (gentle massage के लिए)

हाथ के joints (deep pressure के लिए)

wrist

forearm (हाथ का मोटा हिस्सा)


Pressure आप अपने comfort के हिसाब से रखें।

ज़्यादा रगड़ना ज़रूरी नहीं।


आयुर्वेद के अनुसार शरीर के 4 हिस्से

आयुर्वेद में पूरे शरीर को 4 main parts में divide किया गया है:


दोनों हाथ

दोनों पैर

Middle body (chेस्ट + पेट + कमर)

गर्दन के ऊपर का हिस्सा (neck, face, head)


टाइम कैसे बाँटें?

हाथ – 1 मिनट

पैर – 1 मिनट

Middle body – 2 मिनट

सिर / गर्दन – 1 मिनट


Total: सिर्फ 5 मिनट!


अगर टाइम ज़्यादा है तो

20–25 मिनट तक भी कर सकते हैं।


मालिश का सबसे ज़रूरी नियम (Golden Rule)

तेल मालिश में 2 बातें सबसे ज़्यादा important हैं 


Joint पर गोल (Circular) movement

जहाँ-जहाँ joint है, वहाँ हमेशा गोल-गोल मालिश करें।


जैसे:


कंधा

कोहनी

कलाई

घुटना

टखना


Clockwise और anti-clockwise-

दोनों ठीक हैं।


जहाँ joint नहीं, वहाँ Heart की तरफ movement

जहाँ joint नहीं है (लंबे हिस्से):


वहाँ मालिश हमेशा heart की दिशा में करें।


जैसे:


हाथ

पैर

जांघ

पिंडली


नीचे की तरफ ज़ोर से मालिश करने से

blood circulation disturb हो सकता है।


तेल कैसे चुनें? (Nature के हिसाब से)

तेल हमेशा अपनी प्रकृति (Dosha) देखकर चुनिए।


वात प्रकृति (ठंडी लगती है, दुबले लोग)

बहुत ठंड लगती है


वजन कम

joint pain

dryness


Best oil:

तिल का तेल (Sesame oil)


पित्त प्रकृति (गर्मी ज़्यादा)

हाथ-पैर जलते हैं

धूप बर्दाश्त नहीं

acidity, irritation


Best options:

नारियल तेल

देसी घी


कफ प्रकृति (बलगम, heaviness)

आमतौर पर कफ में oil avoid किया जाता है,

लेकिन कुछ cases में एक तेल बहुत काम करता है 


सरसों का तेल (Mustard oil)


sinus

बार-बार कफ

ठंड ज़्यादा लगना


हल्का गुनगुना करके इस्तेमाल करें।


तेल का temperature कैसा हो?

Body temperature के आसपास


बहुत गरम नहीं

बहुत ठंडा नहीं

गुनगुना तेल ज़्यादा deep absorb होता है।


अब शुरू करते हैं मालिश (Step-by-step)

पैर से शुरुआत करें

पैर वात का main क्षेत्र है,

इसलिए यहाँ से शुरुआत करना बेहतर रहता है।


तलवे की मालिश

हथेली से हल्के stroke

उंगलियों से pressure points

joints पर गोल मालिश


पिंडली (Calf muscles)

हमेशा ऊपर की दिशा में

कब्ज़, gas वालों के लिए बहुत फायदेमंद

मालिश करते वक्त gas pass होना normal है


Calf muscles को आयुर्वेद में

“second heart” भी कहा गया है।


घुटने और जांघ

घुटना = joint - गोल मालिश


घुटने के पीछे का हिस्सा खास ध्यान से

जांघ पर ऊपर की तरफ long strokes

Varicose veins / ज्यादा खड़े रहने वाले

teachers

salesmen

housewives

45+ age


इनके लिए पैरों की मालिश daily blessing है।


नाभि और पेट

नाभि = समान वायु का केंद्र

छोटी उंगली से नाभि में तेल

पेट पर गोल मालिश

ऊपर–नीचे की direction colon के flow के हिसाब से

digestion, gas, IBS जैसी दिक्कतों में बहुत मदद।


कमर और पीठ

कमर = वात का strong zone


circular + upward strokes

जितना हाथ पहुँचे, उतना करें

अगर कोई मदद कर दे-तो और अच्छा।


5. छाती (Chest area)

कफ का main स्थान।


जिनको:


asthma

bronchitis

dry cough

सांस की दिक्कत


तिल या सरसों के तेल में

2 चुटकी सेंधा नमक मिलाकर

हल्का गरम करके मालिश करें।


पीठ + छाती + sides

तीनों जगह मालिश से कफ loosen होता है।


6. हाथ और कंधे

joints पर गोल

बाकी हिस्सों में heart की तरफ

frozen shoulder वालों को

बगल (armpit area) के पास ज़्यादा ध्यान देना चाहिए


7. गर्दन, चेहरा और सिर

Neck & Cervical

trapezius muscle दबाएँ

stress release होता है

cervical pain में राहत


कान की मालिश

overall health boost

balance और nervous system के लिए बहुत ज़रूरी


Face & Head

oily skin / pimples वाले avoid कर सकते हैं


बाकी लोग gentle oil use कर सकते हैं


अगर टाइम कम है तो

सिर्फ 3 जगह भी काफी हैं:

कान

तलवे

सिर


कितनी देर मालिश करें?

5 मिनट - minimum effective

20–25 मिनट - best


किसी एक हिस्से को deep nourish करना हो

1 मिनट same जगह


मालिश के बाद क्या करें?

उबटन (अगर available)

या normal soap/shampoo

गुनगुने पानी से स्नान


आख़िरी और सबसे ज़रूरी बात 

Abhyanga सिर्फ body care नहीं है-

ये self-love है।


“स्नेह” का मतलब:


तेल भी

और प्रेम भी


जितनी शांति से,

जितने प्यार से आप ये करेंगे,

उतना ही शरीर आपको healthy रखेगा।


अभ्यंग के फायदे 

immunity strong

नींद बेहतर

stress कम

joint & muscle strength

वात रोग control

aging slow

hair & skin health



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