Ayurvedic oil massage - तेल मालिश खुद से कैसे करे - तेल मालिश (अभ्यंग) करने से पहले ये ज़रूर जान लें - तेल मालिश आयुर्वेद में बहुत powerful tool है, लेकिन हर हाल में, हर किसी के लिए नहीं।
सबसे पहली बात-
आइए पहले ये समझ लें कि कब तेल मालिश नहीं करनी चाहिए।
इन कंडीशन्स में अभ्यंग अवॉइड करें
अगर आप इनमें से किसी हालत में हैं, तो तेल मालिश मत कीजिए:
लूज़ मोशन / डायरिया चल रहा हो
बुखार आया हुआ हो
अभी-अभी खाना खाया हो
पहले का खाना ठीक से हज़म न हुआ हो
बहुत ज़्यादा आलस, heaviness या सुस्ती महसूस हो
कफ से जुड़ी दिक्कतें:
बहुत ज़्यादा पसीना
लगातार बलगम
महिलाओं में पीरियड्स के दौरान
इन हालात में तेल शरीर को फायदा नहीं,
बल्कि imbalance और बढ़ा सकता है।
इनके अलावा ज़्यादातर कंडीशन्स में तेल मालिश safe और फायदेमंद है।
खुद से तेल मालिश कैसे करें? (Self Abhyanga)
तेल मालिश करने के लिए किसी expert की ज़रूरत नहीं।
आप खुद भी कर सकते हैं—बस तरीका सही होना चाहिए।
आप इस्तेमाल कर सकते हैं:
उंगलियाँ (gentle massage के लिए)
हाथ के joints (deep pressure के लिए)
wrist
forearm (हाथ का मोटा हिस्सा)
Pressure आप अपने comfort के हिसाब से रखें।
ज़्यादा रगड़ना ज़रूरी नहीं।
आयुर्वेद के अनुसार शरीर के 4 हिस्से
आयुर्वेद में पूरे शरीर को 4 main parts में divide किया गया है:
दोनों हाथ
दोनों पैर
Middle body (chेस्ट + पेट + कमर)
गर्दन के ऊपर का हिस्सा (neck, face, head)
टाइम कैसे बाँटें?
हाथ – 1 मिनट
पैर – 1 मिनट
Middle body – 2 मिनट
सिर / गर्दन – 1 मिनट
Total: सिर्फ 5 मिनट!
अगर टाइम ज़्यादा है तो
20–25 मिनट तक भी कर सकते हैं।
मालिश का सबसे ज़रूरी नियम (Golden Rule)
तेल मालिश में 2 बातें सबसे ज़्यादा important हैं
Joint पर गोल (Circular) movement
जहाँ-जहाँ joint है, वहाँ हमेशा गोल-गोल मालिश करें।
जैसे:
कंधा
कोहनी
कलाई
घुटना
टखना
Clockwise और anti-clockwise-
दोनों ठीक हैं।
जहाँ joint नहीं, वहाँ Heart की तरफ movement
जहाँ joint नहीं है (लंबे हिस्से):
वहाँ मालिश हमेशा heart की दिशा में करें।
जैसे:
हाथ
पैर
जांघ
पिंडली
नीचे की तरफ ज़ोर से मालिश करने से
blood circulation disturb हो सकता है।
तेल कैसे चुनें? (Nature के हिसाब से)
तेल हमेशा अपनी प्रकृति (Dosha) देखकर चुनिए।
वात प्रकृति (ठंडी लगती है, दुबले लोग)
बहुत ठंड लगती है
वजन कम
joint pain
dryness
Best oil:
तिल का तेल (Sesame oil)
पित्त प्रकृति (गर्मी ज़्यादा)
हाथ-पैर जलते हैं
धूप बर्दाश्त नहीं
acidity, irritation
Best options:
नारियल तेल
देसी घी
कफ प्रकृति (बलगम, heaviness)
आमतौर पर कफ में oil avoid किया जाता है,
लेकिन कुछ cases में एक तेल बहुत काम करता है
सरसों का तेल (Mustard oil)
sinus
बार-बार कफ
ठंड ज़्यादा लगना
हल्का गुनगुना करके इस्तेमाल करें।
तेल का temperature कैसा हो?
Body temperature के आसपास
बहुत गरम नहीं
बहुत ठंडा नहीं
गुनगुना तेल ज़्यादा deep absorb होता है।
अब शुरू करते हैं मालिश (Step-by-step)
पैर से शुरुआत करें
पैर वात का main क्षेत्र है,
इसलिए यहाँ से शुरुआत करना बेहतर रहता है।
तलवे की मालिश
हथेली से हल्के stroke
उंगलियों से pressure points
joints पर गोल मालिश
पिंडली (Calf muscles)
हमेशा ऊपर की दिशा में
कब्ज़, gas वालों के लिए बहुत फायदेमंद
मालिश करते वक्त gas pass होना normal है
Calf muscles को आयुर्वेद में
“second heart” भी कहा गया है।
घुटने और जांघ
घुटना = joint - गोल मालिश
घुटने के पीछे का हिस्सा खास ध्यान से
जांघ पर ऊपर की तरफ long strokes
Varicose veins / ज्यादा खड़े रहने वाले
teachers
salesmen
housewives
45+ age
इनके लिए पैरों की मालिश daily blessing है।
नाभि और पेट
नाभि = समान वायु का केंद्र
छोटी उंगली से नाभि में तेल
पेट पर गोल मालिश
ऊपर–नीचे की direction colon के flow के हिसाब से
digestion, gas, IBS जैसी दिक्कतों में बहुत मदद।
कमर और पीठ
कमर = वात का strong zone
circular + upward strokes
जितना हाथ पहुँचे, उतना करें
अगर कोई मदद कर दे-तो और अच्छा।
5. छाती (Chest area)
कफ का main स्थान।
जिनको:
asthma
bronchitis
dry cough
सांस की दिक्कत
तिल या सरसों के तेल में
2 चुटकी सेंधा नमक मिलाकर
हल्का गरम करके मालिश करें।
पीठ + छाती + sides
तीनों जगह मालिश से कफ loosen होता है।
6. हाथ और कंधे
joints पर गोल
बाकी हिस्सों में heart की तरफ
frozen shoulder वालों को
बगल (armpit area) के पास ज़्यादा ध्यान देना चाहिए
7. गर्दन, चेहरा और सिर
Neck & Cervical
trapezius muscle दबाएँ
stress release होता है
cervical pain में राहत
कान की मालिश
overall health boost
balance और nervous system के लिए बहुत ज़रूरी
Face & Head
oily skin / pimples वाले avoid कर सकते हैं
बाकी लोग gentle oil use कर सकते हैं
अगर टाइम कम है तो
सिर्फ 3 जगह भी काफी हैं:
कान
तलवे
सिर
कितनी देर मालिश करें?
5 मिनट - minimum effective
20–25 मिनट - best
किसी एक हिस्से को deep nourish करना हो
1 मिनट same जगह
मालिश के बाद क्या करें?
उबटन (अगर available)
या normal soap/shampoo
गुनगुने पानी से स्नान
आख़िरी और सबसे ज़रूरी बात
Abhyanga सिर्फ body care नहीं है-
ये self-love है।
“स्नेह” का मतलब:
तेल भी
और प्रेम भी
जितनी शांति से,
जितने प्यार से आप ये करेंगे,
उतना ही शरीर आपको healthy रखेगा।
अभ्यंग के फायदे
immunity strong
नींद बेहतर
stress कम
joint & muscle strength
वात रोग control
aging slow
hair & skin health
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