Friday, January 9, 2026

Raj sir Words




दोस्तों...प्रशंसा को हमेशा विनम्रता से स्वीकार करें और आलोचना पर गंभीरता से विचार करें...अगर ऊंचाई हासिल करनी है, तो बाज बनो धोखेबाज नहीं...स्वीकारना, सीखना, सुधारना और उभरना यही जीवन है। उजालों में असलियत नज़र नही आती,अंधेरा ही बता सकता है सितारा कौन है...जीवन मे हैसियत का परिचय तब देना चाहिए जब बात आत्म सम्मान की हो अन्यथा सादगी ही सबसे बड़ा परिचय होता है...कहानियों में प्रेम कुछ और है किताबों में कुछ और ये मोह को प्रेम समझने वाला चल रहा है दौर...चेहरों की नुमाइश में रूह को कौन देखता है यहाँ तो बस ज़रूरतों का खेल चल रहा है दोस्तों किताबें भरी पड़ी हैं वफ़ा के किस्सों से और बाहर बस दिल बहलाने का दौर चल रहा है। परिवर्तनो को स्वीकार करना जीवन को सहज बना देता है...जीवन में सबसे शक्तिशाली चीज़ हमारी सोच है,जो किसी भी परिस्थिति को बदलने की क्षमता रखती है। जो मनुष्य जीवन में धेर्य और संतोष को अपना साथी बना लेता है वह कभी दुखी नहीं रहता...धर्म कि दिवारें ऊंची होती जा रही है और इंसानियत उनके नीचे दबती जा रही है...कामयाबी की पहली सीढ़ी है कोशिश,कोशिश से ग़लती,ग़लती से सबक,सबक से तजुर्बा और तजुर्बे से कामयाबी मिलती है...ज़िंदगी कभी भी परफेक्ट नहीं होती...हर किसी के अपने कमियाँ होती हैं, अपनी चुनौतियाँ होती हैं, अपनी परेशानियाँ होती हैं—और अपना जीने का तरीका होता है। इसलिए खुद को दूसरों से तुलना न करें; जैसे हैं वैसे ही अच्छी तरह जीना काफ़ी है...राज Sir


दोस्त जिस हुस्न का सौदागर राज था, ओ जिस्म किसी और के हाथो बिक गया,हम वहाँ हैं जहाँ से हम को भी,कुछ हमारी ख़बर नहीं आती दोस्त...ये होंठ चूमने वाली प्रेमिकाएं कब समझेंगी परेशानी पुरुषों का, दोस्त प्रेम मे माथा चूमा जाता है होंठ नही...कई फोन बदले जाएंगे कई इमेल को भी बदला जाएगा,मगर पुरुषों के फोन मे प्रेमिकाओं की तस्वीरें हमेशा बरकार रहती है...जिस पर ज़हर तक असर नही करता, उन लोगो अक्सर तन्हाई मार देती है दोस्त..आत्मसम्मान पे लगे ज़ख्म,माफी की इजाजत कभी नहीं देते दोस्त....उसूलों के पक्के मर्द के लिए हुस्न माटी है,और किरदार की पक्की औरत के लिए पैसा राख दोस्त...असली परख हुस्न या दौलत से नहीं बल्कि किरदार से होती है,मजबूत उसूलों वाली शख्सियत हर चमक पर भारी होती है दोस्त...उसके भूतकाल पर विवाद क्या करना दोस्त,जिसके यादो साथ अनंत काल तक रहना हो...मुकम्मल कहां रही किसी की जिंदगी दोस्त,हर शख्स कुछ खोता ही रह गया कुछ पाने के लिए...लोगों की पहचान उनके वचन से नहीं उनके व्यवहार से होती है,अच्छे बोल सबके पास होते हैं,पर अच्छा दिल बहुत कम लोगों के पास होता है दोस्त...मैं भी नहीं अकेला हूँ दोस्त,शाम है‚ दर्द है‚ उदासी है और तेरी खूबसूरत यादें है...शिद्दत की प्यास है इस मुद्दत के प्यासे को,तरे हाथों से जो मिले तो दो बूंद ही काफी है दोस्त...चायपत्ती और पति मे क्या समानता है जानते हो दोस्त,दोनों के ही भाग्य मे जलना और उबलना लिखा है...फ़िर तेरे बाद कुछ खोया नही हमने दोस्त,तू मेरी ज़िंदगी का आखिरी नुकसान है ...हक़ीक़त की धुप में जलना मंजूर है दोस्त हमें पर,झुठ की छांव में बिकना मेरी फितरत नहीं...बदलते लोग, बदलते रिश्ते और बदलता मौसम,चाहे दिखाई ना दे मगर महसूस जरूर होते है दोस्त...जीवन में सबसे कठिन है लोगो को पहचानना, क्योंकि इंसान जैसा दिखता है वैसा होता नहीं दोस्त...अब तजुर्बा कहता है रिश्तो में फांसला रखिए ज़्यादा नजदीकियां अक़्सर दर्द से जाती हैं दोस्त...मैंने शराब और प्यार दोनों का स्वाद चखा है ,मुझ पर विश्वास कर दोस्त तेरे लिए हमेसा बेहतर थे और है...कोई क्या लगाएगा मेरे बर्दाश्त करने का अंदाजा दोस्त,मैंने मर जाने जैसा वक्त भी जी के गुजारा है...सूरत तो वह देखते हैं जिन्हें रात गुजारनी होती है दोस्त,जिंदगी गुजारने वाले सीरत देखा करते हैं...एक समझने वाला,हज़ारों चाहने वालों से बेहतर है दोस्त...कहां से लाए पक्के सबूत की तुम्हें कितना चाहते हैं.. दिल, दिमाग, नजर, सब तो तेरी कैद में है दोस्त... Raj


Have a wonderful night friends...

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