इंद्रा नूई
इंद्रा नूई
भारत में पैदा हुई इंदिरा कृष्णमूर्ति नूई एक वरिष्ठ बिज़नेस एग्जीक्यूटिव और वर्तमान में पेप्सिको कंपनी की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। पेप्सिको खाद्य और पेय पदार्थों के व्यवसाय में संलग्न दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। प्रसिद्ध पत्रिका फोर्ब्स की ‘दुनिया की प्रभावशाली महिलाओं’ की सूचि में उनका नाम लगातार कई साल तक होता रहा। सन 2014 में वे फ़ोर्ब्स के इस सूचि में 14वें स्थान पर थीं। इसके अलावा वे येल कारपोरेशन में सक्सेसर फेलो, न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व के निदेशक बोर्ड की स्तर बी की निदेशक, कैटेलिस्ट के बोर्ड और लिंकन प्रदर्शन कला केंद्र की एक सदस्य हैं। इंद्रा एइसेन्होवेर फैलोशिप के न्यासी बोर्ड की सदस्य हैं और यू.एस-भारत व्यापार परिषद में भी अपनी सेवाएँ दी हैं।
प्रारंभिक जीवन
इंदिरा कृष्णमूर्ति नूई का जन्म 28 अक्टूबर 1955 में तमिल नाडु के मद्रास शहर (वर्तमान में चेन्नई) में एक तमिल परिवार में हुआ था। उनके पिता ‘स्टेट बैंक ऑफ़ हैदराबाद’ में कार्यरत थे और उनके दादा जिला न्यायाधीश थे। नूई की प्रारंभिक शिक्षा मद्रास के होली एन्जिल्स एंग्लो इंडियन हायर सेकेंडरी स्कूल में हुई इसके बाद उन्होने सन 1974 में मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित विषय में स्नातक की डिग्री प्राप्त की और फिर भारतीय प्रबंध संस्थान, कोलकाता, में दाखिला लिया जहाँ से सन 1976 में उन्होंने प्रबंधन में स्नात्त्कोत्तर किया।भारतीय प्रबंध संस्थान, कोलकाता (आई.आई.एम. कोलकाता) से स्नात्त्कोत्तर की डिग्री हासिल करने के बाद इंद्रा नूई ने भारत में अपना करियर जॉनसन एंड जॉनसन के साथ प्रारंभ किया और प्रोडक्ट मेनेजर के तौर पर कंपनी को अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने टेक्सटाइल फर्म ‘मेत्टर बर्डसेल’ के साथ भी कार्य किया। इसके बाद इंद्रा ने सन 1978 में अमेरिका स्थित प्रसिद्ध येल यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया जहाँ से उन्होंने ‘पब्लिक और प्राइवेट मैनेजमेंट’ का अध्ययन किया।
करियर
येल यूनिवर्सिटी में अध्ययन के दौरान उन्होंने ‘बूज एलन हैमिलटन’ में समर इंटर्नशिप भी किया। सन 1980 में उन्होंने येल से अपनी प्रबंधन की पढ़ाई पूरी की जिसके पश्चात नूई ने अमेरिका में कार्य करने का फैसला किया और बोस्टन कंसल्टेशन ग्रुप ज्वाइन कर लिया और ‘मोटोरोला’ और ‘एसिया ब्राउन बोवेरी’ जैसी कंपनियों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। इंद्रा ने वर्ष 1986-90 के बीच मोटोरोला कंपनी में कॉरपोरेट स्ट्रैटजी के उपाध्यक्ष के तौर पर कार्य किया और मोटोरोला के ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स के विकास की जिम्मेदारी संभाली।
पेप्सिको में करियर
इंद्रा नूई सन 1994 में पेप्सिको में शामिल हुईं और सन 2001 में कंपनी का अध्यक्ष और मुख्य वित्त अधिकारी (सी.एफ.ओ.) बनायी गयीं। वे पेप्सिको की दीर्धकालिक विकास रणनीति की शिल्पकार मानी जाती हैं जिसके अंतर्गत उन्होने एक दशक से अधिक समय तक कंपनी की वैश्विक रणनीति का निर्देशन किया है। इंद्रा ने पेप्सीको के पुनर्गठन का भी नेतृत्व किया जिसमें शामिल हैं ट्रोपिकाना (1998) का अधिग्रहण और क्वेकर ओट्स कंपनी का विलय (2001)। सन 2006 में इंद्रा नूई पेप्सिको की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सी.इ.ओ.) बनीं। इस प्रकार वे पेप्सी के इतिहास में पांचवीं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सी.इ.ओ.) हैं।फार्च्यून पत्रिका ने सन 2014 में उन्हें ‘दुनिया की प्रभावशाली व्यवसायिक महिलाओं’ में तीसरे स्थान पर रखा।
सन 2001 में इंद्रा पेप्सिको का मुख्य वित्त अधिकारी (सी.एफ.ओ.) बनाई गयीं जिसके बाद कंपनी का लाभांस 2.5 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 6.5 अरब अमेरिकी डॉलर पहुँच गया है।
सन 2007 और 2008 में ‘वाल स्ट्रीट जर्नल’ ने उन्हें अपने ’50 वीमेन तो वाच’ सूचि में रखा था।
सन 2007 और 2008 में फोर्ब्स ने उन्हें ‘दुनिया की प्रभावशाली महिलाओं’ के सूचि में स्थान दिया। सन 2008 में फ़ोर्ब्स ने उन्हें ‘सबसे प्रभावशाली महिलाओं’ की सूचि में तीसरा स्थान और 2014 में तेरहवां स्थान दिया। सन 2009 और 2010 में फार्च्यून पत्रिका ने उन्हें ‘व्यवसाय के क्षेत्र में सबसे प्रभावशाली महिला’ की सूचि में पहला स्थान दिया। अक्टूबर 2010 में फार्च्यून पत्रिका ने उन्हें ‘दुनिया की प्रभावशाली महिलाओं’ की सूचि में छठा स्थान दिया।
पेप्सिको को आगे ले जाने की इंदिरा नूई की लगभग सभी रणनीतियां सफल रही हैं और उनकी इन सब योजनाओं को निवेशक भी मिले हैं।
नूई येल कारपोरेशन में ‘सुक्सेसर फैलो’ हैं। वे वर्ल्ड इकनोमिक फोरम, इंटरनेशनल रेस्क्यू कमेटी (कैटेलिस्ट) और लिंकन सेण्टर फॉर द परफोर्मिंग आर्ट्स के संस्थापक बोर्ड की सदस्य हैं। वे एइसेन्होवेर फैलोशिप के न्यासी बोर्ड की सदस्य हैं और यू.एस-भारत व्यापार परिषद में भी अपनी सेवाएँ दी हैं। वे वर्ल्ड जस्टिस प्रोजेक्ट के मानद को-चेयर भी हैं।
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