जब कोई इंसान प्रेम में होता है,
तो उसका हृदय सबसे निर्मल, पवित्र और सच्चा होता है।
उसके भीतर न कोई चाल होती है, न कोई कपट
बस एक निस्वार्थ समर्पण, जो बिना शर्त तुम्हें चुनता है।
कभी गौर से देखना उसकी आँखों में
वहाँ तुम्हारे लिए छिपा नहीं,
झलकता हुआ प्रेम होता है।
उसकी बातें किसी और से शुरू नहीं होतीं,
और किसी और पर खत्म भी नहीं होतीं—
वो हर बार तुम पर आकर ही ठहर जाती हैं।
फिर भी…
आप उस इंसान को इस हद तक कैसे तोड़ देते हैं?
धोखा देते वक़्त क्या एक पल को भी
उस भरोसे का ख्याल नहीं आता
जो उसने पूरी ईमानदारी से
आपके हाथों में रख दिया था?
चाहे वो लड़का हो या लड़की
दर्द का लिंग नहीं होता।
जब छल का पर्दा गिरता है,
तो सिर्फ रिश्ता नहीं टूटता,
वो इंसान खुद पर भरोसा करना भी भूल जाता है।
उसे सबसे ज़्यादा चोट इस बात की नहीं लगती
कि उसके साथ गलत हुआ,
बल्कि इस बात की लगती है कि
उसने गलत इंसान पर
पूरे मन से विश्वास किया था।
याद रखना....
हर चीज़ का एक अंत होता है।
और जब प्रेम के साथ छल का अंत होता है,
तो सामने वाला टूटता नहीं है…
वो चुप हो जाता है।
और किसी इंसान की चुप्पी
उसकी सबसे गहरी चीख़ होती है।
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